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Sirsa News: मरीज को एंबुलेंस मुहैया करवाने के लेकर हुई बहस, जिले में चार घंटे बंद रही एंबुलेंस सेवा, 15 डिलीवरी केसों की आई कॉल, निजी एंबुलेंस ने दी सुविधा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 09 Jan 2024 10:15 PM IST
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There was a debate regarding providing ambulance to the patient, ambulance service remained closed for four hours in the district, call came for 15 delivery cases, private ambulance provided the facility.
सिरसा। नागरिक अस्पताल में सोमवार देर शाम को चिकित्सक और एंबुलेंस ऑपरेटर के बीच तीखी बहस हो गई थी। ऑपरेटर ने इसकी जानकारी अपने साथी कर्मचारियों को दी। जिसके बाद मंगलवार को सुबह जिले के सभी एंबुलेंस संचालक हड़ताल पर चले गए और चार घंटे तक एंबुलेंस सेवाएं बाधित रहीं। इस दौरान 15 के करीब एमरजेंसी सेवाओं को लिए कॉल आई। जिनमें मुख्य रूप से डिलीवरी के मामले थे।
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ऐसे में प्राइवेट एंबुलेंस सेवाओं की सुविधाएं उनको मुहैया करवाई गई। वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए दोपहर एक बजे सीनियर चिकित्सकों ने जूनियर चिकित्सक को साथ लेकर दोनों पक्षों के बीच बातचीत करवाई। जिसके बाद चिकित्सक ने अपनी गलती स्वीकार कर ली और ऑपरेटर ने भी चिकित्सक को गला लगाकर नाराजगी खत्म की। जिसके बाद जिले की सभी एंबुलेंस सेवाएं सुचारू हुई।
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जानकारी देते हुए एंबुलेंस संचालक एसोसिएशन के प्रधान सुरेंद्र बैनीवाल ने बताया कि सोमवार देर रात चिकित्सक की ओर ऑन ड्यूटी एंबुलेंस ऑपरेटर के साथ अभद्र व्यवहार किया गया था। इसी के विरोध में एंबुलेंस सेवाएं बाधित की गई। सुरेंद्र ने कहा कि एंबुलेंस संचालक दिन-रात आमजन की सेवा में लगे रहते हैं। घायलों और मरीजों को समय पर उपचार के लिए पहुंचाते हैं ताकि उनकी जान बचाई जा सके। ऐसे में कई प्रकार का दबाव एंबुलेंस ऑपरेटर व चालकों पर रहता है। ऐसे में यदि चिकित्सक ही उनके साथ अभद्र व्यवहार करेंगे तो उनके साथ कौन खड़ा रहेगा। इसलिए सभी एंबुलेंस ऑपरेटर में ज्यादा नाराजगी है।
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यह था मामला
जानकारी के अनुसार सोमवार शाम करीब छह बजे एक हादसा होने के कारण घायल मरीज को रेफर किया जाना था। आपातकालीन कक्ष में ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक ने मरीज को बठिंडा रेफर कर दिया और मरीज के साथ आए व्यक्ति को एंबुलेंस सेवा के लिए कहा। मरीज के साथ आया व्यक्ति एंबुलेंस लेने के लिए ऑपरेटर के पास गया तो ऑपरेटर ने वक्त लगने की बात कही। इस पर वह पुन: चिकित्सक के पास गया और सारी बात बताई। चिकित्सक ने फोन कर एंबुलेंस कक्ष के ऑपरेटर को कहा कि आप एंबुलेंस सेवा उपलब्ध क्यों नहीं करवा रहे हैं। ऑपरेटर ने उन्हें कहीं व्यस्त होने की बात कही बताई। इस दौरान किसी शब्द को लेकर दोनों में बहस हो गई। जिसके बाद चिकित्सक ऑपरेटर के केबिन में चले गए और बंद कमरे में दोनों में जमकर बहस हुई।


ये रही स्थिति
- जिले में कुल 32 एंबुलेंस।
- हड़ताल के दौरान कॉल आई - करीब 15
- कॉल जुड़ी हुई थी -- डिलीवरी केसों से
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चार घंटे एंबुलेंस संचालकों की हड़ताल रही। चिकित्सक के माफी मांगने के बाद हड़ताल खत्म कर दी गई। इस दौरान एमरजेंसी सेवाओं के लिए आने वाले मरीजों को निजी एंबुलेंस सुविधा मुहैया करवाई गई थी। मरीजों को परेशान नहीं होने दिया गया।
सुरेंद्र बैनीवाल, प्रधान, एंबुलेंस एसोसिएशन
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