फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   There was a crack in the Ghaggar embankment near Mastangarh, farmers took over the front

Sirsa News: मस्तानगढ़ के पास घग्गर तटबंध में आई दरार, किसानों से संभाला मोर्चा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 29 Aug 2025 11:56 PM IST
विज्ञापन
There was a crack in the Ghaggar embankment near Mastangarh, farmers took over the front
रानियां।  पानी के रिसाव की जगह लगाए गए मिट्टी से भरे थैले। संवाद
रानियां। प्रदेश के उत्तर-पूर्वी जिलों व साथ लगते पंजाब और हिमाचल में हो रही लगातार बारिश के कारण घग्गर का जलस्तर दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। वर्तमान में ओटू झील अपनी क्षमता से अधिक भर चुकी है। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए हेड से सभी गेट राजस्थान की ओर खोल दिए गए हैं। शुक्रवार को ओटू हेड से करीब 27 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
विज्ञापन


इससे गांव मस्तानगढ़ के पास तटबंध से पानी का रिसाव शुरू हो गया। गनीमत रही कि उस समय किसान मौके पर मौजूद थे। किसानों ने बताया कि यह रिसाव तटबंध से होकर गुज़र रही मोटर की पाइपलाइन की वजह से हुआ। स्थिति की जानकारी मिलते ही दर्जनों किसान थैले लेकर पहुंचे और करीब 100 से अधिक मिट्टी से भरे थैलों से रिसाव को रोक दिया।
विज्ञापन


किसानों के अनुसार शुक्रवार शाम तक तटबंधों के पास जलस्तर करीब 4 फीट बढ़ चुका था। इससे मस्तानगढ़, फिरोजाबाद, धमोड़ा थेड़ी, ओटू, धनूर, नकोड़ा समेत कई गांवों के लोगों को तटबंध टूटने और फसलें डूबने का खतरा सताने लगा है। लगातार बारिश के कारण जिलेभर में फसलों की सिंचाई प्रभावित हुई है। घग्गर धार से बाहर बरसाती पानी भर जाने से तटबंधों के पास धान और ज्वार की फसलें पूरी तरह डूब गई हैं। किसानों का कहना है कि सैकड़ों परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। बढ़ते जलस्तर को देखकर क्षेत्रवासियों को वर्ष 2010 जैसी बाढ़ की आशंका सताने लगी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्षेत्रवासियों ने प्रशासन का जताया आभार

जिला प्रशासन ने ओटू हेड से राजस्थान की ओर दोनों तटबंधों पर जेसीबी मशीन, ट्रैक्टर-ट्राली और अन्य साधन तैनात कर दिए हैं। ग्रामीणों ने इस सतर्कता के लिए प्रशासन का आभार जताया है। साथ ही उन्होंने प्रदेश सरकार और प्रशासन से अपील की है कि कमजोर तटबंधों को तुरंत मजबूत किया जाए और रास्तों को दुरुस्त कर मिट्टी, थैले, मशीनों व अन्य उपकरणों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि रास्तों में गड्ढों के कारण ट्रालियां समय पर तटबंध तक नहीं पहुंच पातीं, जिससे किसी भी दरार की स्थिति में बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed