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Sirsa News: नहरी पानी की आपूर्ति नहीं, भूमिगत जल का भी संकट
Thu, 10 Apr 2025 11:03 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 10 Apr 2025 11:03 PM IST
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सिरसा के चतरगढ़पट्टी जलघर के आधे हुए टैंक।
सिरसा। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी गर्मी के मौसम में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति नियमित होने के दावे कर रहे हैं लेकिन धरातल पर स्थिति बिल्कुल विपरीत है। शहर के लोगोंं को नहरी पानी की जगह बोरवेल के भूमिगत पानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है। शहरों में 120 बोरवेल से पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। पेयजल की आपूर्ति पूरी नहीं हो पाने के कारण अब नगर परिषद प्रशासन भी 14 बोरवेल लगाने जा रहा है, ताकि पेयजल की जरूरत को पूरा किया जा सके। यह स्थिति तब है, जब सरकार किसानों को भूमिगत पानी का दोहन कम करने के लिए प्रेरित कर रही है।
नगर परिषद के अध्यक्ष वीर शांति स्वरूप जिस एरिया में स्वयं रहते हैं, वहां पर भी पेयजल आपूर्ति की कमी है और बोरवेेल लगाकर उस एरिया में पानी की आपूर्ति को पूर्ण किया जा रहा है। पहले दावा किया गया था कि शहर में 1 अप्रैल के बाद नहरी पानी की सप्लाई नियमित होगी। गर्मियों में लोगों को पानी की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी लेकिन ऐसे दावे करने वाले अधीक्षक अभियंता और एक्सईएन के तबादले हो चुके हैं। उनकी जगह दूसरे एक्सईएन ने अपना चार्ज संभाला नहीं है। यही कारण है कि पंजुआना नहर से जोड़ने वाले चतरगढ़पट्टी जलघर का प्रोजेक्ट अधर में ही लटका हुआ है। पूर्व एक्सईएन आठ माह में ही इस प्रोजेक्ट को पूर्ण नहीं करवा पाए। जिसके चलते अब गर्मियों के समय में चतरगढ़पट्टी जलघर से जुड़े आधे शहर को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
चतरगढ्पट्टी में पांच वाटर टैंक, कोई आधा खाली तो उससे कम
मौजूदा समय में चतरगढ़पट्टी जलघर में पांच वॉटर स्टोरेज टैंक बनाए गए है। 15 दिनों का वक्त नहरबंदी का अभी पूरा हुआ है और सभी टैंक आधे खाली हो चुके हैं। जबकि 25 अप्रैल अभी बहुत दूर है। ऐसे में ट्यूबवेल के भरोसे एक वक्त की सप्लाई और नहरी में ट्यूबवेल का पानी मिक्स कर सप्लाई किया जा रहा है। इतना ही नहीं, जहां एक वक्त सुबह पांच से आठ बजे के बीच सप्लाई रहती है, जो पूरी तरह से ट्यूबवेल की होती है। जबकि कुछ एरिया में सप्लाई रात साढ़े आठ बजे दी जाती है, जो रात 10.30 तक चलती है। जानकारी के अनुसार मांग निरंतर बढ़ रही है और आने वाले दिनों में मांग और बढ़ेगी। इसको लेकर अभी तक टैंकों का पानी पूर्ति करने में सक्षम नहीं है।
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शहर में ये हैं पेयजल की सप्लाई के स्रोत
शहर में पेयजल सप्लाई के लिए तीन जलघर हैं जिनमें एक चतरगढ़पट्टी में है तो दूसरा लघु सचिवालय के पास और तीसरा पंजुआना गांव के पास स्थित है। चतरगढ़पट्टी जलघर में पानी स्टोरेज के लिए पांच टैंक हैं जिनमें 300 मिलियन लीटर पानी स्टोरेज करने की क्षमता है। गांव पंजुआना स्थित जलघर में पानी स्टोरेज के लिए दो टैंक हैं जिनमें 439 मिलियन लीटर पानी की क्षमता है। इसके अलावा शहर के लघु सचिवालय जलघर के दो टैंक हैं। इनके अलावा विभिन्न वार्डों में 120 ट्यूबवेल भी हैं जिनसे पानी सप्लाई होता है।
चतरगढ्पट्टी प्रोजेक्ट वर्ष 2024 में होना था पूरा
जानकारी के अनुसार चतरगढपट्टी जलघर की क्षमता बढ़ाने का प्रोजेक्ट जुलाई 2024 में पूर्ण होना था। अप्रैल 2025 बीत रहा है। अभी भी काम पूरा नहीं हुआ है। जिस गति से कार्य चल रहा है। गर्मी के मौसम में विभाग के अधिकारी इस प्रोजेक्ट को इस साल पूर्ण कर पाएंगे। अभी तक जलघर में पंजुआना से आने वाले वाली लाइन की कनेक्टिविटी का कार्य नहीं किया गया है। पंपिंग सिस्टम नहीं बनाया गया है। ऐसे में कैसे जन सवास्थ्य विभाग के अधिकारी पूर्ण रूप से लोगों को पानी उपल्बध करवा पाएंगे।
सालों ने नहीं बढ़ाई मोटरों की क्षमता
चतरगढ़ पट्टी जलघर में पेयजल सप्लाई को लगी हुई मोटरों की क्षमता बेहद कम है। मोटरों की क्षमता 15 एचपी की दो मोटर लगी हुई है। जो सालों पुरानी है। सप्लाई चेंबर में लगी इन मोटरों की क्षमता अभी तक नहीं बढ़ाई गई है। जानकारी के अनुसार कम से कम 30 एचपी की मोटरों की जरूरत है। मशीनरी के तौर पर जलघर को अपग्रेड नहीं किया गया है। जब तक सप्लाई सिस्टम अपग्रेड नहीं होगा , तब तक इस समस्या का समाधान नहीं हो सकता है।
पेयजल आपूर्ति जिन एरिया में प्रभावित हो रही है। ऐसे में एरिया में 14 टयूबवेल नगर परिषद के स्तर पर लगाने का फैसला हाउस की बैठक में हुआ है। जल्द ही इनको लगाने का कार्य शुरू करवाया जाएगा। जिससे गर्मी के मौसम में लोगों को पेयजल समस्या का सामना न करना पड़े। वहीं, जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से भी जलघर की स्टेटस रिपोर्ट मांगी जाएगी ताकि इसका कार्य जल्द करवाया जा सके।
वीर शांति स्वरूप, अध्यक्ष, नगर परिषद सिरसा
शहर में ऑटो मार्केट में पीने को पानी को लेकर परेशानी तो होती है। प्रशासन को चाहिए की जलघर में पानी की क्षमता को बढ़ाए। लंबे समय से चतरगढ़पट्टी के जलघर की क्षमता बढ़ने की सूचना मिलती रहती है। लेकिन अभी तक प्रोजेक्ट शुरू नहीं हुआ है। जिस कारण आमजन को परेशान होना पड़ रहा है। - मोहित बठला, शहरवासी।
शहर में प्रेम नगर में पीने के पानी को लेकर अकसर परेशानी रहती है। दिन और रात में दोनों टाइम पानी के निर्धारित है। लेकिन कई घरों में फिर भी पानी नहीं पहुंचता है। ऐसे में विभाग को चाहिए की पीने के पानी को लेकर उपयुक्त व्यवस्था करें। ताकि गर्मी के समय में किसी को भी पानी के लिए परेशान न होना पड़े। -रोहित अरोड़ा, शहरवासी।
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नगर परिषद के अध्यक्ष वीर शांति स्वरूप जिस एरिया में स्वयं रहते हैं, वहां पर भी पेयजल आपूर्ति की कमी है और बोरवेेल लगाकर उस एरिया में पानी की आपूर्ति को पूर्ण किया जा रहा है। पहले दावा किया गया था कि शहर में 1 अप्रैल के बाद नहरी पानी की सप्लाई नियमित होगी। गर्मियों में लोगों को पानी की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी लेकिन ऐसे दावे करने वाले अधीक्षक अभियंता और एक्सईएन के तबादले हो चुके हैं। उनकी जगह दूसरे एक्सईएन ने अपना चार्ज संभाला नहीं है। यही कारण है कि पंजुआना नहर से जोड़ने वाले चतरगढ़पट्टी जलघर का प्रोजेक्ट अधर में ही लटका हुआ है। पूर्व एक्सईएन आठ माह में ही इस प्रोजेक्ट को पूर्ण नहीं करवा पाए। जिसके चलते अब गर्मियों के समय में चतरगढ़पट्टी जलघर से जुड़े आधे शहर को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
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चतरगढ्पट्टी में पांच वाटर टैंक, कोई आधा खाली तो उससे कम
मौजूदा समय में चतरगढ़पट्टी जलघर में पांच वॉटर स्टोरेज टैंक बनाए गए है। 15 दिनों का वक्त नहरबंदी का अभी पूरा हुआ है और सभी टैंक आधे खाली हो चुके हैं। जबकि 25 अप्रैल अभी बहुत दूर है। ऐसे में ट्यूबवेल के भरोसे एक वक्त की सप्लाई और नहरी में ट्यूबवेल का पानी मिक्स कर सप्लाई किया जा रहा है। इतना ही नहीं, जहां एक वक्त सुबह पांच से आठ बजे के बीच सप्लाई रहती है, जो पूरी तरह से ट्यूबवेल की होती है। जबकि कुछ एरिया में सप्लाई रात साढ़े आठ बजे दी जाती है, जो रात 10.30 तक चलती है। जानकारी के अनुसार मांग निरंतर बढ़ रही है और आने वाले दिनों में मांग और बढ़ेगी। इसको लेकर अभी तक टैंकों का पानी पूर्ति करने में सक्षम नहीं है।
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शहर में ये हैं पेयजल की सप्लाई के स्रोत
शहर में पेयजल सप्लाई के लिए तीन जलघर हैं जिनमें एक चतरगढ़पट्टी में है तो दूसरा लघु सचिवालय के पास और तीसरा पंजुआना गांव के पास स्थित है। चतरगढ़पट्टी जलघर में पानी स्टोरेज के लिए पांच टैंक हैं जिनमें 300 मिलियन लीटर पानी स्टोरेज करने की क्षमता है। गांव पंजुआना स्थित जलघर में पानी स्टोरेज के लिए दो टैंक हैं जिनमें 439 मिलियन लीटर पानी की क्षमता है। इसके अलावा शहर के लघु सचिवालय जलघर के दो टैंक हैं। इनके अलावा विभिन्न वार्डों में 120 ट्यूबवेल भी हैं जिनसे पानी सप्लाई होता है।
चतरगढ्पट्टी प्रोजेक्ट वर्ष 2024 में होना था पूरा
जानकारी के अनुसार चतरगढपट्टी जलघर की क्षमता बढ़ाने का प्रोजेक्ट जुलाई 2024 में पूर्ण होना था। अप्रैल 2025 बीत रहा है। अभी भी काम पूरा नहीं हुआ है। जिस गति से कार्य चल रहा है। गर्मी के मौसम में विभाग के अधिकारी इस प्रोजेक्ट को इस साल पूर्ण कर पाएंगे। अभी तक जलघर में पंजुआना से आने वाले वाली लाइन की कनेक्टिविटी का कार्य नहीं किया गया है। पंपिंग सिस्टम नहीं बनाया गया है। ऐसे में कैसे जन सवास्थ्य विभाग के अधिकारी पूर्ण रूप से लोगों को पानी उपल्बध करवा पाएंगे।
सालों ने नहीं बढ़ाई मोटरों की क्षमता
चतरगढ़ पट्टी जलघर में पेयजल सप्लाई को लगी हुई मोटरों की क्षमता बेहद कम है। मोटरों की क्षमता 15 एचपी की दो मोटर लगी हुई है। जो सालों पुरानी है। सप्लाई चेंबर में लगी इन मोटरों की क्षमता अभी तक नहीं बढ़ाई गई है। जानकारी के अनुसार कम से कम 30 एचपी की मोटरों की जरूरत है। मशीनरी के तौर पर जलघर को अपग्रेड नहीं किया गया है। जब तक सप्लाई सिस्टम अपग्रेड नहीं होगा , तब तक इस समस्या का समाधान नहीं हो सकता है।
पेयजल आपूर्ति जिन एरिया में प्रभावित हो रही है। ऐसे में एरिया में 14 टयूबवेल नगर परिषद के स्तर पर लगाने का फैसला हाउस की बैठक में हुआ है। जल्द ही इनको लगाने का कार्य शुरू करवाया जाएगा। जिससे गर्मी के मौसम में लोगों को पेयजल समस्या का सामना न करना पड़े। वहीं, जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से भी जलघर की स्टेटस रिपोर्ट मांगी जाएगी ताकि इसका कार्य जल्द करवाया जा सके।
वीर शांति स्वरूप, अध्यक्ष, नगर परिषद सिरसा
शहर में ऑटो मार्केट में पीने को पानी को लेकर परेशानी तो होती है। प्रशासन को चाहिए की जलघर में पानी की क्षमता को बढ़ाए। लंबे समय से चतरगढ़पट्टी के जलघर की क्षमता बढ़ने की सूचना मिलती रहती है। लेकिन अभी तक प्रोजेक्ट शुरू नहीं हुआ है। जिस कारण आमजन को परेशान होना पड़ रहा है। - मोहित बठला, शहरवासी।
शहर में प्रेम नगर में पीने के पानी को लेकर अकसर परेशानी रहती है। दिन और रात में दोनों टाइम पानी के निर्धारित है। लेकिन कई घरों में फिर भी पानी नहीं पहुंचता है। ऐसे में विभाग को चाहिए की पीने के पानी को लेकर उपयुक्त व्यवस्था करें। ताकि गर्मी के समय में किसी को भी पानी के लिए परेशान न होना पड़े। -रोहित अरोड़ा, शहरवासी।