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Sirsa News: कपास उत्पादन में सिरसा प्रदेश में अव्वल पर आज तक नहीं बनी टेक्सटाइल मिल
Sat, 21 Sep 2024 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 21 Sep 2024 11:24 PM IST
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कुम्हारिया में अपने किन्नू के बाग में खड़ा किसान पवन बैनीवाल। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। कपास व किन्नू उत्पादन में प्रदेश में अव्वल रहने वाले जिला सिरसा में कृषि आधारित कोई भी प्लांट नहीं लग पाया है। हर बार चुनावी मुद्दा तो बनता है, लेकिन सरकारें आई और गईं, लेकिन जिले को ऐसा कोई प्लांट नहीं मिला, जो कृषि पर आधारित हो। इसकी टीस आज भी किसानों में दिखाई देती है।
जिले में सबसे अधिक नरमा व कपास की खेती होती है। उत्पादन के मामले में सिरसा पूरे प्रदेश में सबसे आगे है। इसके बावजूद भी जिले में कोई भी टेक्सटाइल मिल नही है। बुजुर्गों के अनुसार, करीब 20 साल पहले सिरसा में एक टेक्सटाइल मिल थी, जो बंद हो गई। इसके बाद कोई भी मिल यहां पर नहीं बनाई गई। इसके अलावा डबवाली का गांव मांगेआना व चोपटा क्षेत्र में किन्नू उत्पादन में काफी किसान जुटे हुए हैं। किन्नू उत्पादन भी यहां पर अच्छा होता है।
जब यहां से सुनीता दुग्गल 2019 में सांसद बनी थी, तो उनके सामने किसानों ने यह मांग रखी थी कि किन्नू उत्पादन को लेकर उनको परेशानी आती है। अगर सिरसा में ही कोई फूड प्रोसेसिंग प्लांट खुल जाए तो किन्नू उत्पादक किसानों को फायदा हो सकता है। सांसद ने उनकी बात सुनी थी और वादा भी किया था, लेकिन आज तक किन्नू के लिए फूड प्रोसेसिंग प्लांट नहीं खुल पाया है।
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सिरसा जिला का भूगोल देखें तो यहां पर लोगों की आजीविका का मुख्य साधन कृषि ही है। नरमा व कपास के उत्पादन में सिरसा नंबर वन है, लेकिन यहां पर कोई टेक्सटाइल मिल नहीं है। अगर टेक्सटाइल मिल खुल जाए तो यहां के किसानों को काफी फायदा होगा। उनका नरमा व कपास अच्छे दामों पर बिकेगा और किसानों को मंडियों के चक्कर भी नहीं काटने पड़ेंगे।- रिखिल नागपाल
सिरसा किन्नू का हब माना जाता है, लेकिन यहां पर किन्नू आधारित फूड प्रोसेसिंग प्लांट आज तक नहीं लगा है। बागवानी से संबंधित किसान कई बार इसकी मांग कर चुके हैं, लेकिन यह मुद्दा चुनाव में तो उठता है, लेकिन सत्ता बनते ही राजनेता इसे भूल जाते हैं। - पवन बैनीवाल, कुम्हारिया।
बड़े प्रोजेक्ट लगाने का मसला सरकार लेवल का होता है। इसके लिए सरकार ही अपने स्तर पर चुनाव करती है कि कहां कौन-सा प्रोजेक्ट लगाया जाना है। हालांकि अगर कोई निजी तौर पर प्लांट लगाना चाहे तो वह सरकार की अनुमति से लगा सकता है। - सुखदेव कंबोज, कृषि उपनिदेशक, सिरसा।
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सिरसा। कपास व किन्नू उत्पादन में प्रदेश में अव्वल रहने वाले जिला सिरसा में कृषि आधारित कोई भी प्लांट नहीं लग पाया है। हर बार चुनावी मुद्दा तो बनता है, लेकिन सरकारें आई और गईं, लेकिन जिले को ऐसा कोई प्लांट नहीं मिला, जो कृषि पर आधारित हो। इसकी टीस आज भी किसानों में दिखाई देती है।
जिले में सबसे अधिक नरमा व कपास की खेती होती है। उत्पादन के मामले में सिरसा पूरे प्रदेश में सबसे आगे है। इसके बावजूद भी जिले में कोई भी टेक्सटाइल मिल नही है। बुजुर्गों के अनुसार, करीब 20 साल पहले सिरसा में एक टेक्सटाइल मिल थी, जो बंद हो गई। इसके बाद कोई भी मिल यहां पर नहीं बनाई गई। इसके अलावा डबवाली का गांव मांगेआना व चोपटा क्षेत्र में किन्नू उत्पादन में काफी किसान जुटे हुए हैं। किन्नू उत्पादन भी यहां पर अच्छा होता है।
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जब यहां से सुनीता दुग्गल 2019 में सांसद बनी थी, तो उनके सामने किसानों ने यह मांग रखी थी कि किन्नू उत्पादन को लेकर उनको परेशानी आती है। अगर सिरसा में ही कोई फूड प्रोसेसिंग प्लांट खुल जाए तो किन्नू उत्पादक किसानों को फायदा हो सकता है। सांसद ने उनकी बात सुनी थी और वादा भी किया था, लेकिन आज तक किन्नू के लिए फूड प्रोसेसिंग प्लांट नहीं खुल पाया है।
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सिरसा जिला का भूगोल देखें तो यहां पर लोगों की आजीविका का मुख्य साधन कृषि ही है। नरमा व कपास के उत्पादन में सिरसा नंबर वन है, लेकिन यहां पर कोई टेक्सटाइल मिल नहीं है। अगर टेक्सटाइल मिल खुल जाए तो यहां के किसानों को काफी फायदा होगा। उनका नरमा व कपास अच्छे दामों पर बिकेगा और किसानों को मंडियों के चक्कर भी नहीं काटने पड़ेंगे।- रिखिल नागपाल
सिरसा किन्नू का हब माना जाता है, लेकिन यहां पर किन्नू आधारित फूड प्रोसेसिंग प्लांट आज तक नहीं लगा है। बागवानी से संबंधित किसान कई बार इसकी मांग कर चुके हैं, लेकिन यह मुद्दा चुनाव में तो उठता है, लेकिन सत्ता बनते ही राजनेता इसे भूल जाते हैं। - पवन बैनीवाल, कुम्हारिया।
बड़े प्रोजेक्ट लगाने का मसला सरकार लेवल का होता है। इसके लिए सरकार ही अपने स्तर पर चुनाव करती है कि कहां कौन-सा प्रोजेक्ट लगाया जाना है। हालांकि अगर कोई निजी तौर पर प्लांट लगाना चाहे तो वह सरकार की अनुमति से लगा सकता है। - सुखदेव कंबोज, कृषि उपनिदेशक, सिरसा।