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Sirsa News: धान घोटाले से सरकार की पारदर्शिता पर उठे सवाल
Sun, 14 Dec 2025 11:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 14 Dec 2025 11:14 PM IST
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सिरसा। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने हरियाणा में सामने आए कथित धान घोटाले के लिए भाजपा सरकार पर हमला बोला है।
यहां बयान जारी करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की मंडियों में फर्जी गेट पास काटकर धान आए बिना ही उसकी बिक्री दर्ज कर दी गई। साथ ही बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से धान लाकर हरियाणा के किसानों के नाम पर बेचे जाने के आरोप भी सामने आए हैं जिससे सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सांसद ने कहा कि हरियाणा की अनाज खरीदी प्रणाली और सरकारी वित्तीय प्रबंधन को लेकर उठ रहे आरोपों से पूरे प्रदेश का किसान वर्ग चिंतित है। धान और अन्य फसलों की सरकारी खरीद में व्यापक अनियमितताओं, कागजी खरीद के असामान्य रूप से बढ़े आंकड़ों तथा बिचौलियों और अधिकारियों की संभावित मिलीभगत ने सरकार के भ्रष्टाचार मुक्त शासन के दावों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। सरकारी खरीद का उद्देश्य किसानों को सुरक्षा और सम्मान देना होना चाहिए न कि उन्हें आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव झेलने पर मजबूर करना।
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सैलजा ने कहा कि बाढ़ से फसलों को भारी नुकसान होने के बावजूद कागजी खरीद में दर्ज की गई वृद्धि गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की ओर संकेत करती है। सरकार पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराए। न केवल निचले स्तर के कर्मचारी बल्कि उच्च पदों पर बैठे जिम्मेदार अधिकारियों और निर्णयकर्ताओं की भूमिका भी सामने आनी चाहिए।
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किसानों को उनका हक और राहत तुरंत मिले :
सांसद ने बताया कि धान घोटाले की राशि यमुनानगर में लगभग 80 करोड़ रुपये और करनाल में करीब 20 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। सांसद ने सरकार से किसानों को उनका उचित हक और राहत तुरंत देने की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ खड़ी है और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी।
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यहां बयान जारी करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की मंडियों में फर्जी गेट पास काटकर धान आए बिना ही उसकी बिक्री दर्ज कर दी गई। साथ ही बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से धान लाकर हरियाणा के किसानों के नाम पर बेचे जाने के आरोप भी सामने आए हैं जिससे सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
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सांसद ने कहा कि हरियाणा की अनाज खरीदी प्रणाली और सरकारी वित्तीय प्रबंधन को लेकर उठ रहे आरोपों से पूरे प्रदेश का किसान वर्ग चिंतित है। धान और अन्य फसलों की सरकारी खरीद में व्यापक अनियमितताओं, कागजी खरीद के असामान्य रूप से बढ़े आंकड़ों तथा बिचौलियों और अधिकारियों की संभावित मिलीभगत ने सरकार के भ्रष्टाचार मुक्त शासन के दावों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। सरकारी खरीद का उद्देश्य किसानों को सुरक्षा और सम्मान देना होना चाहिए न कि उन्हें आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव झेलने पर मजबूर करना।
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सैलजा ने कहा कि बाढ़ से फसलों को भारी नुकसान होने के बावजूद कागजी खरीद में दर्ज की गई वृद्धि गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की ओर संकेत करती है। सरकार पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराए। न केवल निचले स्तर के कर्मचारी बल्कि उच्च पदों पर बैठे जिम्मेदार अधिकारियों और निर्णयकर्ताओं की भूमिका भी सामने आनी चाहिए।
किसानों को उनका हक और राहत तुरंत मिले :
सांसद ने बताया कि धान घोटाले की राशि यमुनानगर में लगभग 80 करोड़ रुपये और करनाल में करीब 20 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। सांसद ने सरकार से किसानों को उनका उचित हक और राहत तुरंत देने की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ खड़ी है और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी।