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Sirsa News: पनिहारी में कच्चा बांध दोबारा टूटा, पाटने में लगे 50 घंटे
Mon, 08 Sep 2025 11:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 08 Sep 2025 11:23 PM IST
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सिरसा। गांव पनिहारी के पास कटाव को पाटते हुए ग्रामीण। संवाद
सिरसा। गांव पनिहारी में शनिवार रात को टूटे कच्चा तटबंध यानि रिंग बांध को पाटने के लिए गांव बुढाभाणा, पनिहारी, फरवाई छोटी, बडी, नेजाडेला व संगर के ग्रामीण सोमवार को भी जुटे रहे। डेरा बाबा भूमणशाह की संगत भी किसानों की मदद के लिए पहुंची। 500 के आसपास किसानों ने सुबह ही बांध को पाटने का काम शुरू किया और करीब 50 घंटे बाद देर शाम सात बजे के आसपास बांध को पाट दिया। सुबह उपायुक्त शांतनु शर्मा भी बांध को पाटने का काम कर रहे किसानों के पास पहुुंचे।
बांध को पाटने का काम रविवार दोपहर को शुरू हुआ था एक बार तो बांध बंध गया लेकिन रात दोबारा से कटाव हो गया था। घग्गर नदी में सरदूलगढ के पास पानी की मात्रा में गिरावट आई है।
गांव पनिहारी में कच्चा तटबंध टूटने से गांव पनिहारी, बुर्जकर्मगढ, फरवारी के बाद गांव नेजाडे़ला में खेतों में तेजी से पानी बढ़ रहा है। सोमवार को गांव की सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। हालांकि पनिहारी के कटाव को बांधने के बाद ग्रामीणों ने कुछ राहत की सांस ली है। इस कारण घग्गर का जलस्तर बढ़ने के आसार पैदा हो गए है। इस कारण किसानों ने पक्के तटबंधों को मजबूत करने में जुट गए हैं।
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सोमवार को सरदूलगढ़ के पास भले ही जलस्तर खतरे से निशान 21 फीट से उपर 21.5 फीट बना रहा। घग्गर में पानी की मात्रा 3 हजार क्यूसेक कम हो गई लेकिन ओटू हेड पर खतरे के निशान 12.5 फीट है। राजस्थान को 29500 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। सोमवार को जिले में बारिश नहीं होने से भी किसानों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि बारिश के कारण कटाव का खतरा ज्यादा पैदा हो जाता है। जिले भर में अब बारिश और घग्गर के कटाव के कारण 8000 एकड़ फसल जलमग्न हो गई है।
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झोरडनाली में दिन रात पुल की निगरानी कर रहे ग्रामीण
गांव झोरड़नाली में दो दिन पहले पुल टूट कर गिर गया था। उसके बाद पुल धीरे धीरे क्षतिग्रस्त हो रहा है। ग्रामीणों ने पुल के आसपास किसी को आने के लिए पाबंदी लगा दी है। दिन रात निगरानी की जा रही है। पुल के गिरे हुए हिस्से को पाटने का काम ग्रामीणों ने अपने स्तर पर किया है। रात के समय ग्रामीण जागकर ठिकरी पहरा देते है ताकि कहीं से घग्गर के रिंग बांध में कोई रिसाव हो उसे तुरंत बांध दिया जाए।
ठिकाना नहीं छोड़ा, लेकिन डर का माहौल
ग्रामीणों के अनुसार गांव में से किसी ने ठिकाना नहीं छोड़ा है लेकिन डर का माहौल बना हुआ है। पुल टूटने से गांव के दैनिक जीवन के काम बुरी तरह से प्रभावित हुए है। ग्रामीणों को तीन किलोमीटर का सफर अब 30 किलोमीटर में पूरा करना पड़ता है। शहर में मजदूरी करने के लिए जाने वाले लोगों को भी परेशानी हो रही है। अभी तक प्रशासन से कोई मदद नहीं मिली है। गांव के सरपंच ने बताया कि पंचायत की ओर से ट्रैक्टर ट्रॉली लगाई हुए है। जेसीबी , पोकलेन की सुविधा है झोरड़नाली की दूसरी ओर करीबन 2500 एकड़ फसल जलमग्न हो चुकी है।
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खैरेकां के ग्रामीण रात को दे रहे ठीकरी पहरा
गांव अहमदपुर के सामने घग्गर नदी के कच्चे तटबंध में कटाव आ गया था। तीन दिनों से निरंतर पानी बह रहा है और जलभराव जारी है। ऐसे में धान व अन्य फसलें पूरी तरह से जलमग्न हो गई है। पक्के बांध को मजबूत करने में दिन भर कर्मचारी लगे रहे। मिट्टी डालने के साथ साथ किनारे से कटाव को मिट्टी के कट्टों से दुरुस्त करने का काम जारी है। ग्रामीण भी अपने स्तर पर घग्गर के हालातों पर नजर बनाए हुए है। गांव खैरेकां के ग्रामीण भी रात के समय ठीकरी पहरा दे रहे हैं। हालांकि पानी में कमी आने के कारण अभी तक गांव खतरे से बाहर है।
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अधिकरियों ने निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया
एसडीएम सिरसा राजेंद्र कुमार ने हिसार घग्गर ड्रेन, पनिहारी, बुर्ज कर्मगढ क्षेत्र का, रानियां तहसीलदार शुभम शर्मा ने नकोड़ा क्षेत्र का, एसडीएम ऐलनाबाद ने राजस्थान साइफन, कर्मसाना माइनर का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। बीडीपीओ स्टालिन सिद्धार्थ सचदेवा ने शकर मंदोरी सहित विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
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जिला प्रशासन व सिंचाई विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही है। तटबंधों को और मजबूत किया जा रहा है। ग्रामीण भी पूरा सहयोग कर रहे हैं। यदि कहीं तटबंध टूटने या पानी के रिसाव की आशंका हो तो तुरंत संबंधित पटवारी, ग्राम सचिव, सिंचाई विभाग, फ्लड कंट्रोल रूम नंबर 01666-248882 या उपायुक्त कैंप कार्यालय दूरभाष नंबर 01666-248880 पर तुरंत सूचना दें।
शांतनु शर्मा, उपायुक्त
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बांध को पाटने का काम रविवार दोपहर को शुरू हुआ था एक बार तो बांध बंध गया लेकिन रात दोबारा से कटाव हो गया था। घग्गर नदी में सरदूलगढ के पास पानी की मात्रा में गिरावट आई है।
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गांव पनिहारी में कच्चा तटबंध टूटने से गांव पनिहारी, बुर्जकर्मगढ, फरवारी के बाद गांव नेजाडे़ला में खेतों में तेजी से पानी बढ़ रहा है। सोमवार को गांव की सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। हालांकि पनिहारी के कटाव को बांधने के बाद ग्रामीणों ने कुछ राहत की सांस ली है। इस कारण घग्गर का जलस्तर बढ़ने के आसार पैदा हो गए है। इस कारण किसानों ने पक्के तटबंधों को मजबूत करने में जुट गए हैं।
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सोमवार को सरदूलगढ़ के पास भले ही जलस्तर खतरे से निशान 21 फीट से उपर 21.5 फीट बना रहा। घग्गर में पानी की मात्रा 3 हजार क्यूसेक कम हो गई लेकिन ओटू हेड पर खतरे के निशान 12.5 फीट है। राजस्थान को 29500 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। सोमवार को जिले में बारिश नहीं होने से भी किसानों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि बारिश के कारण कटाव का खतरा ज्यादा पैदा हो जाता है। जिले भर में अब बारिश और घग्गर के कटाव के कारण 8000 एकड़ फसल जलमग्न हो गई है।
झोरडनाली में दिन रात पुल की निगरानी कर रहे ग्रामीण
गांव झोरड़नाली में दो दिन पहले पुल टूट कर गिर गया था। उसके बाद पुल धीरे धीरे क्षतिग्रस्त हो रहा है। ग्रामीणों ने पुल के आसपास किसी को आने के लिए पाबंदी लगा दी है। दिन रात निगरानी की जा रही है। पुल के गिरे हुए हिस्से को पाटने का काम ग्रामीणों ने अपने स्तर पर किया है। रात के समय ग्रामीण जागकर ठिकरी पहरा देते है ताकि कहीं से घग्गर के रिंग बांध में कोई रिसाव हो उसे तुरंत बांध दिया जाए।
ठिकाना नहीं छोड़ा, लेकिन डर का माहौल
ग्रामीणों के अनुसार गांव में से किसी ने ठिकाना नहीं छोड़ा है लेकिन डर का माहौल बना हुआ है। पुल टूटने से गांव के दैनिक जीवन के काम बुरी तरह से प्रभावित हुए है। ग्रामीणों को तीन किलोमीटर का सफर अब 30 किलोमीटर में पूरा करना पड़ता है। शहर में मजदूरी करने के लिए जाने वाले लोगों को भी परेशानी हो रही है। अभी तक प्रशासन से कोई मदद नहीं मिली है। गांव के सरपंच ने बताया कि पंचायत की ओर से ट्रैक्टर ट्रॉली लगाई हुए है। जेसीबी , पोकलेन की सुविधा है झोरड़नाली की दूसरी ओर करीबन 2500 एकड़ फसल जलमग्न हो चुकी है।
खैरेकां के ग्रामीण रात को दे रहे ठीकरी पहरा
गांव अहमदपुर के सामने घग्गर नदी के कच्चे तटबंध में कटाव आ गया था। तीन दिनों से निरंतर पानी बह रहा है और जलभराव जारी है। ऐसे में धान व अन्य फसलें पूरी तरह से जलमग्न हो गई है। पक्के बांध को मजबूत करने में दिन भर कर्मचारी लगे रहे। मिट्टी डालने के साथ साथ किनारे से कटाव को मिट्टी के कट्टों से दुरुस्त करने का काम जारी है। ग्रामीण भी अपने स्तर पर घग्गर के हालातों पर नजर बनाए हुए है। गांव खैरेकां के ग्रामीण भी रात के समय ठीकरी पहरा दे रहे हैं। हालांकि पानी में कमी आने के कारण अभी तक गांव खतरे से बाहर है।
अधिकरियों ने निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया
एसडीएम सिरसा राजेंद्र कुमार ने हिसार घग्गर ड्रेन, पनिहारी, बुर्ज कर्मगढ क्षेत्र का, रानियां तहसीलदार शुभम शर्मा ने नकोड़ा क्षेत्र का, एसडीएम ऐलनाबाद ने राजस्थान साइफन, कर्मसाना माइनर का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। बीडीपीओ स्टालिन सिद्धार्थ सचदेवा ने शकर मंदोरी सहित विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
जिला प्रशासन व सिंचाई विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही है। तटबंधों को और मजबूत किया जा रहा है। ग्रामीण भी पूरा सहयोग कर रहे हैं। यदि कहीं तटबंध टूटने या पानी के रिसाव की आशंका हो तो तुरंत संबंधित पटवारी, ग्राम सचिव, सिंचाई विभाग, फ्लड कंट्रोल रूम नंबर 01666-248882 या उपायुक्त कैंप कार्यालय दूरभाष नंबर 01666-248880 पर तुरंत सूचना दें।
शांतनु शर्मा, उपायुक्त