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Sirsa News: गांव बणी में खेल का नशा संवार रहा भविष्य
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गांव बणी में अभ्यास करते खिलाड़ी।
सिरसा। उम्मीद क्लब बणी पिछले सात साल से युवाओं को खेलों से जोड़ने का काम कर रही है। जिसके परिणाम स्वरूप अब तक गांव के 17 से ज्यादा युवा खेल कोटे में सरकारी नौकरी लग चुके हैं। गौर करने वाली बात यह है कि युवाओं को नशे से दूर रखने के उद्देश्य ये क्लब निरंतर युवाओं को खेलों से जोड़ रहा है।
गांव बणी में उम्मीद क्लब के सदस्य युवाओं का खिलाड़ी बनने तक का सफर तय करवाने में निरंतर प्रयासरत है। क्लब की ओर से गांव में ही पंचायती भूमि में खेल ग्राउंड बनाया गया है। जिसमें प्रतिदिन 150 से 200 खिलाड़ी अभ्यास करने के लिए आते हैं। जिन्हें क्लब के ही युवा खिलाड़ी खिलाड़ियों को अभ्यास करवाते है। इस दौरान खिलाड़ियों को कबड्डी, फुटबाल, वॉलीबाल, कुश्ती, एथलेटिक्स व आर्मी की तैयारी करवाई जाती है। जिसमें सुबह व शाम को खिलाड़ी अभ्यास करने के लिए आते हैं। जिसमें करीब 50 से 60 लड़कियां व 100 लड़के अभ्यास के लिए प्रतिदिन आ रहे हैं। क्लब 2017 से निरंतर काम कर रहा है। खिलाड़ियों को कोच संदीप पिंटू, कपिल परिहार, प्रमोद वर्मा और गुरप्रीत अभ्यास करवा रहे हैं।
क्लब के 6 युवा खेल चुके नेशनल
क्लब की ओर से अब तक 6 खिलाड़ी नेशनल खेल चुके हैं। जिसमें से एथलेटिक विक्रम ने रजत पदक जीता है। वहीं सभी खिलाड़ी राज्यस्तर तक खेल चुके हैं। क्लब के खिलाड़ी खेल कोटा में 17 से ज्यादा सरकारी नौकरी लग चुके हैं। जिसमें से 10 युवा फौज में, 4 पुलिस में, 1 बीएसएफ व 1 लड़की दिल्ली पुलिस में लग चुकी है।
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दो दिन पहले ही दिल्ली पुलिस में ज्वाइन हुई दिव्यांग ममता
हाल ही में गांव बणी की रहने वाले व उम्मीद क्लब की दिव्यांग खिलाड़ी ममता सहारण दिल्ली पुलिस में ज्वाइन हुई है। क्लब प्रधान बताते हैं कि ममता ने जब खेल ग्राउंड में आना शुरू हुई तो उस समय अपनी दिव्यांगता के कारण बहुत ही शर्म महसूस करती थी, लेकिन क्लब सदस्यों ने निरंतर उसे प्रेरित किया और दिल्ली पुलिस का फार्म भरवाया। क्लब के सदस्यों ने ही उसकी परीक्षा और फिजिकल की तैयारी करवाई। जिसके फलस्वरूप ममता की दिल्ली पुलिस में नौकरी लग गई है।
बाढ़ में गांव के डूब जाना बना क्लब शुरू करने की बना प्रेरणा
गांव बणी 2010 में बाढ़ में डूब गया था। इस दौरान गांव के युवाओं को समाजसेवा करने की प्रेरणा मिली और वे इससे जुड़ते चले गए। इसमें विशेष तौर पर गांव के राजकीय स्कूल के पूर्व प्राचार्य सुरजीत मान व पूर्व सरपंच राम सिंह सहारण का योगदान रहा।
नशे में डूबे गांव को खेलो ने निकाला बाहर
युवा सदस्यों ने बताया कि जिस समय उन्होंने मुहिम शुरू की तो उस समय उन्हें पता चला कि गांव नशे में डूबा हुआ है। अधिकतर युवा और व्यक्ति नशे की ओर अग्रसर हैं। ऐसे में युवाओं को नशे से बाहर निकालने के लिए 2017 में अधिकारिक रूप से क्लब बनाकर खेल ग्राउंड में उनको अभ्यास करवाना शुरू किया। शुरुआती दौर में तो युवाओं ने कम रुझान दिखाया, लेकिन अब 200 से ज्यादा युवा निरंतर खेल मैदान में अभ्यास कर रहे हैं।
उम्मीद क्लब बणी की ओर से गांव में ही प्रतिदिन युवाओं को विभिन्न खेलों की तैयारी करवाई जाती है। जिसमें करीब 200 खिलाड़ी प्रतिदिन अभ्यास करते हैं। 2017 में क्लब की ओर से खेल एकेडमी शुरू की गई थी। वहीं अब क्लब यूथ क्लब एसोसिएशन के साथ जुड़कर भी निरंतर काम कर रही है। दो दिन पहले क्लब की ओर से तैयार की गई खिलाड़ी ममता की दिल्ली पुलिस में नौकरी लगी है। जिससे पूरे गांव व क्लब को खिलाड़ी पर नाज है।
-सुखजीत सिंह मान, प्रधान, उम्मीद क्लब बणी।
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गांव बणी में उम्मीद क्लब के सदस्य युवाओं का खिलाड़ी बनने तक का सफर तय करवाने में निरंतर प्रयासरत है। क्लब की ओर से गांव में ही पंचायती भूमि में खेल ग्राउंड बनाया गया है। जिसमें प्रतिदिन 150 से 200 खिलाड़ी अभ्यास करने के लिए आते हैं। जिन्हें क्लब के ही युवा खिलाड़ी खिलाड़ियों को अभ्यास करवाते है। इस दौरान खिलाड़ियों को कबड्डी, फुटबाल, वॉलीबाल, कुश्ती, एथलेटिक्स व आर्मी की तैयारी करवाई जाती है। जिसमें सुबह व शाम को खिलाड़ी अभ्यास करने के लिए आते हैं। जिसमें करीब 50 से 60 लड़कियां व 100 लड़के अभ्यास के लिए प्रतिदिन आ रहे हैं। क्लब 2017 से निरंतर काम कर रहा है। खिलाड़ियों को कोच संदीप पिंटू, कपिल परिहार, प्रमोद वर्मा और गुरप्रीत अभ्यास करवा रहे हैं।
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क्लब के 6 युवा खेल चुके नेशनल
क्लब की ओर से अब तक 6 खिलाड़ी नेशनल खेल चुके हैं। जिसमें से एथलेटिक विक्रम ने रजत पदक जीता है। वहीं सभी खिलाड़ी राज्यस्तर तक खेल चुके हैं। क्लब के खिलाड़ी खेल कोटा में 17 से ज्यादा सरकारी नौकरी लग चुके हैं। जिसमें से 10 युवा फौज में, 4 पुलिस में, 1 बीएसएफ व 1 लड़की दिल्ली पुलिस में लग चुकी है।
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दो दिन पहले ही दिल्ली पुलिस में ज्वाइन हुई दिव्यांग ममता
हाल ही में गांव बणी की रहने वाले व उम्मीद क्लब की दिव्यांग खिलाड़ी ममता सहारण दिल्ली पुलिस में ज्वाइन हुई है। क्लब प्रधान बताते हैं कि ममता ने जब खेल ग्राउंड में आना शुरू हुई तो उस समय अपनी दिव्यांगता के कारण बहुत ही शर्म महसूस करती थी, लेकिन क्लब सदस्यों ने निरंतर उसे प्रेरित किया और दिल्ली पुलिस का फार्म भरवाया। क्लब के सदस्यों ने ही उसकी परीक्षा और फिजिकल की तैयारी करवाई। जिसके फलस्वरूप ममता की दिल्ली पुलिस में नौकरी लग गई है।
बाढ़ में गांव के डूब जाना बना क्लब शुरू करने की बना प्रेरणा
गांव बणी 2010 में बाढ़ में डूब गया था। इस दौरान गांव के युवाओं को समाजसेवा करने की प्रेरणा मिली और वे इससे जुड़ते चले गए। इसमें विशेष तौर पर गांव के राजकीय स्कूल के पूर्व प्राचार्य सुरजीत मान व पूर्व सरपंच राम सिंह सहारण का योगदान रहा।
नशे में डूबे गांव को खेलो ने निकाला बाहर
युवा सदस्यों ने बताया कि जिस समय उन्होंने मुहिम शुरू की तो उस समय उन्हें पता चला कि गांव नशे में डूबा हुआ है। अधिकतर युवा और व्यक्ति नशे की ओर अग्रसर हैं। ऐसे में युवाओं को नशे से बाहर निकालने के लिए 2017 में अधिकारिक रूप से क्लब बनाकर खेल ग्राउंड में उनको अभ्यास करवाना शुरू किया। शुरुआती दौर में तो युवाओं ने कम रुझान दिखाया, लेकिन अब 200 से ज्यादा युवा निरंतर खेल मैदान में अभ्यास कर रहे हैं।
उम्मीद क्लब बणी की ओर से गांव में ही प्रतिदिन युवाओं को विभिन्न खेलों की तैयारी करवाई जाती है। जिसमें करीब 200 खिलाड़ी प्रतिदिन अभ्यास करते हैं। 2017 में क्लब की ओर से खेल एकेडमी शुरू की गई थी। वहीं अब क्लब यूथ क्लब एसोसिएशन के साथ जुड़कर भी निरंतर काम कर रही है। दो दिन पहले क्लब की ओर से तैयार की गई खिलाड़ी ममता की दिल्ली पुलिस में नौकरी लगी है। जिससे पूरे गांव व क्लब को खिलाड़ी पर नाज है।
-सुखजीत सिंह मान, प्रधान, उम्मीद क्लब बणी।