फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   The face of HSVP nursery will change after years, tender prepared

Sirsa News: सालों बाद बदलेगी एचएसवीपी की नर्सरी की सूरत, तैयार किया टेंडर

Sat, 28 Oct 2023 11:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Sat, 28 Oct 2023 11:33 PM IST
विज्ञापन
The face of HSVP nursery will change after years, tender prepared
सिरसा में बनी एचएसवीपी की नर्सरी के खस्ता हालात।    संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

सिरसा। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की एक मात्र नर्सरी डबवाली रोड पर बनी हुई है। वर्ष 2001 में बनाई गई इस नर्सरी को विभाग दोबारा गुलजार करने जा रहा है। बदलते वक्त के कारण नर्सरी में अब पौधे नाममात्र ही नजर आते हैं। हालांकि सरकार ने ठेकेदार से सीधेतौर पर पौधे लगाने की प्रक्रिया को अपना लिया है। इसके बावजूद विभाग ने इस नर्सरी को जीवित रखने के लिए लाखों रुपये का टेंडर तैयार किया है। इसी नर्सरी में जेई का कार्यालय भी बना हुआ है। ऐसे में रखरखाव रखना भी बेहतर आसान होगा।

डबवाली रोड और बाइपास के बीच ग्रीन बेल्ट में बनी इस नर्सरी की पड़ताल की गई तो खस्ता हालात नर्सरी के देखने को मिले। नर्सरी की ग्रिल सालों पुरानी लगी हुई है जो कई जगह से टूट गई है। नर्सरी में खाली गमले ही देखने को मिले। सालों पुरानी टूटी हुई ग्रिल के हिस्सों को यहां पर जमा किया हुआ था। वहीं नर्सरी में कुछ हिस्से में साफ सफाई देखने को मिली। कर्मचारी ने जब नर्सरी की हालत को लेकर बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि विभाग के पास माली कहां है। पुराने माली रिटायर्ड हो गए हैं। कुछ इका दुक्का माली ही बचे हैं , जो मेरी तरह उम्रदराज हो चुके हैं। यही वजह है कि सालों से नर्सरी की रौनक गायब है। अब ठेकेदार या कांटेक्ट पर आए ही माली सेक्टरों में काम करते नजर आते हैं।
विज्ञापन



ठेके पर हो जाता है काम
अधिकारियों की माने तो मालियों की अब जरूरत नाममात्र रही है। ग्रीन बेल्ट आदि के टेंडर लगाने के दौरान ही पौधे लगाने का ठेका भी ठेकेदार को दे दिया जाता है। ठेकेदार पौधे लगाने के साथ साथ रखरखाव कुछ समय के लिए करता है। इसके बाद कांटेक्ट पर कर्मचारी लेकर उनकी देखभाल जारी रहती है। उन्होंने बताया कि बाइपास बनने के बाद ग्रीन बेल्ट की ग्रीन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। इसको दुरुस्त कर नर्सरी को बढि़या बनाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोट्स
नर्सरी को अपग्रेड करने के लिए 15 से 18 लाख का अनुमानित एस्टीमेट बनाया गया है। नर्सरी के चारों ओर की ग्रीन को ठीक करवाया जाएगा और नर्सरी को दुरुस्त किया जाएगा। - भूपेंद्र सिंह, जेई, एचएसवीपी बागवानी विंग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed