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फूलों की खेती कर रहे किसान पर मंडराया संकट

Fri, 10 Apr 2020 09:27 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 10 Apr 2020 09:27 PM IST
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The crisis hovering over the farmer cultivating flowers
गोरीवाला। वैश्विक महामारी कोरोना का असर जहां आमजन पर दिखाई दे रहा है, वहीं दूसरी और फूलों की खेती कर रहे किसान भी इससे अछूते नजर नहीं आ रहे हैं। 24 मार्च से लॉकडाउन ने फूलों की खेती करने वाले किसानों की रोजी-रोटी पर पूरी तरह से लॉक लगा दिया है। लाखों रुपए खर्च कर फूलों की खेती तैयार कर जब उसे बाजार में ले जाकर बेचने का समय आया तो उन पर संकट के बादल मंडरा गए। फूलों की खेती कर रहे किसान नजदीक लगते शहरों में वाहनों के माध्यम से प्रतिदिन बेचकर आने की जुगत संजोए हुए थे। लॉकडाउन होने के कारण बाजारों में जाना मुश्किल हो गया है। बाजार बंद होने के कारण लोगों ने फूलों को खरीदना बंद कर दिया है। किसान द्वारा अथक मेहनत कर तैयार की गई फूलों की खेती को किसान अपने हाथों से उखाड़ने पर विवश हो गया है।
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किसान पूर्ण चंद, मनोज कुमार, कमल कुमार आदि ने बताया कि उन्होंने लगभग 6 एकड़ में गुलाब, 5 एकड़ में गेंदा, 2 कनाल में पुदीना की खेती की गई है। लाखों रुपये खर्च कर फूलों की फसल पककर तैयार हुई, जब इन्हें मंडियों में ले जाकर बेचने का समय आया तो लॉकडाउन के कारण उनका बाजार तक फूल व पुदीना पहुंच पाना मुश्किल हो गया। नवरात्रों व विवाह शादियों के सीजन में फूलों की अच्छी-खासी मांग रहती है जिससे उन्हें अच्छा मुनाफा होता है। लगभग 10 एकड़ में पैदा की गई फूलों की खेती से अच्छे लाभ की उम्मीद संजोए किसान विवश हो गए हैं। किसानों को मंदी की मार का सामना करना पड़ा है, वहीं श्रमिकों का रोजगार भी चोपट हो गया है। फूलों की खेती पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। किसान आनन-फानन में फूलों को तोड़कर सुखाने में लगे हैं। किसानों द्वारा फूलों के पौधों को उखाड़कर उनके स्थान पर नई पौध रोपित की हैं। जिससे किसानों को दोहरा नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि जिस तरह से अन्य फसलों पर सरकार आर्थिक सहायता का प्रावधान किए हुए हैं। उसी तरह से फूलों की खेती कर रहे किसानों को भी इस स्थिति में आर्थिक नुकसान की भरपाई की जाए। जिससे किसान आर्थिक संकट से बच सके।
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