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Sirsa News: श्रीमद्भागवत में भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के माध्यम से मोक्ष की अवधारणा को समझाया

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 06 Jul 2025 11:38 PM IST
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The concept of salvation explained in Shrimad Bhagwat through devotion, knowledge and detachment
श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर में कथा सुनते हुए लोग। 
सिरसा। सेक्टर-20 स्थित श्री लक्ष्मीनारायाण मंदिर में ट्रस्ट की ओर से मंदिर के 15वें स्थापना दिवस पर चल रही साप्ताहिक श्रीमद्भागवत महापुराण का रविवार को समापन हुआ। कथा व्यास ललित व्यास ने बताया कि श्रीमद्भागवत महापुराण मुक्ति, भक्ति का ग्रंथ है। इसमें भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के माध्यम से मोक्ष की अवधारण को गहराई से समझाया गया है।
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भागवत में मुक्ति की कथा कई कथाओं, उपदेशों और दार्शनिक विचारों के माध्यम से व्यक्त की गई है। कथा के समापन पर लंगर भंडारा लगाया गया। श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन के मुख्य यजमान योगेश गर्ग थे। उन्होंने सपत्नीक धार्मिक विधिविधान से पूजा अर्चना की। कथा के अंतिम दिन अनेक समाजसेवियों ने भाग लिया। इसमें ट्रस्ट के उपप्रधान भारत भूषण ऐलावादी, सचिव ऋषि शर्मा, कोषाध्यक्ष दीपक गुप्ता, सहसचिव मेघनाद शर्मा, पूर्व प्रधान वीके गर्ग, कानूनी सलाहकार श्यामलाल सचदेवा आदि मौजूद थे।
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मूल प्रकृति में लौटने का मार्ग है भागवत

कथाव्यास ने बताया कि मुक्ति का तात्पर्य संसार के बंधनों से मुक्त होकर परमात्मा के साथ एकीकरण या परमधाम की प्राप्ति से है। भागवत में आत्मा की मूल प्रकृति में लौटने की प्रक्रिया के रूप में वर्णित किया गया है, जहां अनंत आनंद और शांति का अनुभव होता है। उन्होंने भगवान अजमिल की कथा से लेकर, श्रीकृष्ण के विवाह प्रसंग, सुदामा-श्रीकृष्ण की मित्रता, राजा मृग के प्रसंग, राजा परीक्षित का तक्षक नाग की ओर से डसना आदि प्रसंगों के माध्यम से बताया कि किस प्रकार राजा परीक्षित ने मुक्ति पाई।
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आर्थिक सहायता में आगे आए समाजसेवी



ट्रस्ट की ओर से इस अवसर पर बेसमेंट में छह एसी लगवाने के लिए श्रद्धालुओं से आग्रह किया गया था। ट्रस्ट से सचिव ऋषि शर्मा ने बताया कि उद्योगपति नरेश सेठी, पूनम, कौशल्या देवी, ललित सिंगला, आरपी कड़वासरा व एक एसी गुप्तदान के रूप में प्राप्त हुई। कार्यक्रम के दौरान मंदिर में चल रही डिस्पेंसरी में सेवाएं प्रदान कर रहे डॉ. गिरीश, डॉ. राजेंद्र स्वामी, डॉ. राजेंद्र शर्मा, डॉ. एसडी शर्मा व अन्य कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया।
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