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Sirsa News: पशु अस्पताल में वीएलडीए का शव फंदे पर लटका मिला, परिजनों का आरोप-हत्या हुई, साथी कर्मचारी देते थे जातिसूचक गालियां, अकेले के जिम्मे था 4,500 पशुओं का टीकाकरण
Mon, 22 Jun 2026 10:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 22 Jun 2026 10:27 PM IST
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अशोक वीएलडीए फाइल फोटो
चोपटा (सिरसा)। राजकीय पशु अस्पताल माधोसिंघाना में कार्यरत वेटरनरी लाइवस्टॉक डेवलपमेंट असिस्टेंट (वीएलडीए) अशोक कुमार का शव रविवार रात अस्पताल में फंदा पर लटका मिला। परिजन ने साथी कर्मचारियों पर मानसिक रूप से परेशान करने और जातिसूचक गालियां देने के आरोप लगाया। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।
मल्लेकां पुलिस चौकी प्रभारी प्रदीप कुमार ने बताया कि कैरांवाली निवासी रवि ने रिपोर्ट में बताया कि उसका भाई अशोक वर्ष 2022 में वीएलडीए के पद पर भर्ती हुआ था और शुरू से ही माधोसिंघाना में तैनात था। अस्पताल के अंतर्गत आने वाले गांवों के 9,000 पशुओं में से 4,500 के टीकाकरण की जिम्मेदारी अशोक की थी। उसे गांव मोड़िया के अस्पताल का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया था। काम के दबाव के कारण वह अक्सर तनाव में रहता था और उसे घर भी नहीं जाने दिया जाता था। शाम को घर आने पर भी उसके फोन लगातार बजते रहते थे। पुलिस ने फिलहाल प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पोस्टमार्टम के बाद सोमवार दोपहर परिजन शव को गांव ले गए और अंतिम संस्कार कर दिया।
अतिरिक्त प्रभार के बोझ से तनाव में था
घरवालों से कहा चंडीगढ़ में हूं और खुद जिंदगी से दूर चला गया
रवि ने बताया कि रविवार रात उसकी अशोक से फोन पर बात हुई थी। तब उसने खुद के चंडीगढ़ में होने की बात कही थी। इसके बाद करीब 9 बजे अशोक का एक दोस्त घर आया और उसके आत्महत्या करने की जानकारी दी। परिजन रात 10 बजे अस्पताल पहुंचे तो वहां कोई स्टाफ मौजूद नहीं था। अशोक का शव अस्पताल की पहली मंजिल पर बने कमरे में पंखे से बंधे फंदे के जरिये फर्श पर टिका था।
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जमीन पर टिके थे घुटने, चारपाई पर थे हाथ
परिजनों का आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है। रवि ने बताया कि अशोक के दोनों घुटने मुड़े थे और जमीन पर टिके थे। हाथ आगे रखी एक चारपाई पर थे। पंखे की केवल एक ब्लेड से रस्सी बंधी थी। करीब छह फीट लंबे कद का व्यक्ति इस स्थिति में आत्महत्या कैसे कर सकता है? अशोक के हाथों पर भी चोट के निशान मिले हैं। परिजनों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
विधायकों की सिफारिश भी नहीं आई काम
अशोक अपने काम के तनाव और प्रताड़ना से तंग आकर तबादला करवाना चाहता था। इसके लिए उसने ऐलनाबाद और सिरसा के विधायक से विभाग के उच्चाधिकारियों को फोन भी करवाया था। सिफारिश के बाद महज एक-दो दिन के लिए उसे नजदीकी अस्पताल भेजा जाता था लेकिन स्थायी तबादला नहीं किया गया। सदर थाना सिरसा की एसएचओ सीमा सोढ़ी ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। साक्ष्य जुटाने के लिए घटनास्थल पर एफएसएल टीम को भी बुलाया गया। शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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स्टाफ की कमी के कारण दिया गया था अतिरिक्त प्रभार
वीएलडीए अशोक के आत्महत्या करने की सूचना बेहद दुखद है। जहां तक अतिरिक्त प्रभार की बात है स्टाफ की कमी के कारण कई वीएलडीए के पास दो से तीन अतिरिक्त प्रभार है। मेरे पास भी अतिरिक्त प्रभार है। टीकाकरण की प्रक्रिया वार्षिक रूटीन का हिस्सा है। अशोक छुट्टी के दिन अस्पताल क्यों आया था इसकी जानकारी नहीं है। - डॉ. सुखविंद्र सिंह, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग, सिरसा
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मल्लेकां पुलिस चौकी प्रभारी प्रदीप कुमार ने बताया कि कैरांवाली निवासी रवि ने रिपोर्ट में बताया कि उसका भाई अशोक वर्ष 2022 में वीएलडीए के पद पर भर्ती हुआ था और शुरू से ही माधोसिंघाना में तैनात था। अस्पताल के अंतर्गत आने वाले गांवों के 9,000 पशुओं में से 4,500 के टीकाकरण की जिम्मेदारी अशोक की थी। उसे गांव मोड़िया के अस्पताल का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया था। काम के दबाव के कारण वह अक्सर तनाव में रहता था और उसे घर भी नहीं जाने दिया जाता था। शाम को घर आने पर भी उसके फोन लगातार बजते रहते थे। पुलिस ने फिलहाल प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पोस्टमार्टम के बाद सोमवार दोपहर परिजन शव को गांव ले गए और अंतिम संस्कार कर दिया।
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अतिरिक्त प्रभार के बोझ से तनाव में था
घरवालों से कहा चंडीगढ़ में हूं और खुद जिंदगी से दूर चला गया
रवि ने बताया कि रविवार रात उसकी अशोक से फोन पर बात हुई थी। तब उसने खुद के चंडीगढ़ में होने की बात कही थी। इसके बाद करीब 9 बजे अशोक का एक दोस्त घर आया और उसके आत्महत्या करने की जानकारी दी। परिजन रात 10 बजे अस्पताल पहुंचे तो वहां कोई स्टाफ मौजूद नहीं था। अशोक का शव अस्पताल की पहली मंजिल पर बने कमरे में पंखे से बंधे फंदे के जरिये फर्श पर टिका था।
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जमीन पर टिके थे घुटने, चारपाई पर थे हाथ
परिजनों का आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है। रवि ने बताया कि अशोक के दोनों घुटने मुड़े थे और जमीन पर टिके थे। हाथ आगे रखी एक चारपाई पर थे। पंखे की केवल एक ब्लेड से रस्सी बंधी थी। करीब छह फीट लंबे कद का व्यक्ति इस स्थिति में आत्महत्या कैसे कर सकता है? अशोक के हाथों पर भी चोट के निशान मिले हैं। परिजनों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
विधायकों की सिफारिश भी नहीं आई काम
अशोक अपने काम के तनाव और प्रताड़ना से तंग आकर तबादला करवाना चाहता था। इसके लिए उसने ऐलनाबाद और सिरसा के विधायक से विभाग के उच्चाधिकारियों को फोन भी करवाया था। सिफारिश के बाद महज एक-दो दिन के लिए उसे नजदीकी अस्पताल भेजा जाता था लेकिन स्थायी तबादला नहीं किया गया। सदर थाना सिरसा की एसएचओ सीमा सोढ़ी ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। साक्ष्य जुटाने के लिए घटनास्थल पर एफएसएल टीम को भी बुलाया गया। शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
स्टाफ की कमी के कारण दिया गया था अतिरिक्त प्रभार
वीएलडीए अशोक के आत्महत्या करने की सूचना बेहद दुखद है। जहां तक अतिरिक्त प्रभार की बात है स्टाफ की कमी के कारण कई वीएलडीए के पास दो से तीन अतिरिक्त प्रभार है। मेरे पास भी अतिरिक्त प्रभार है। टीकाकरण की प्रक्रिया वार्षिक रूटीन का हिस्सा है। अशोक छुट्टी के दिन अस्पताल क्यों आया था इसकी जानकारी नहीं है। - डॉ. सुखविंद्र सिंह, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग, सिरसा