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किसान आंदोलन : गांव खोखर से किसानों का जत्था दिल्ली रवाना
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The batch of farmers from village Khokhar left for Delhi
- फोटो : Sirsa
गांव खोखर से किसानों का एक ओर जत्था दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन में दूध लेकर बोलेरो गाड़ी में सवार होकर किसान एकता जिंदाबाद के नारों के साथ दिल्ली के लिए रवाना हुआ। इस दौरान किसानों ने कहा कि दिल्ली में किसान आंदोलन न केवल देशभर के अन्नदाता के हकों की लड़ाई है बल्कि उनके बच्चों का भविष्य की लड़ाई भी है। किसान आंदोलन की जीत व हार उनके बच्चों का भविष्य तय करेगी।
गांव खोखर से करीब 50 किलोग्राम दूध लेकर दिल्ली के लिए रवाना हुए किसानों पंच गुरप्रीत सिंह, ताकत सिंह बराड़, गुरसिमर सिंह, गुरसाब सिंह, लखविंद्र सिंह, बब्बू सिंह, काला सिंह, पीदी रमाना, पंच जस्सा सिंह ने बताया कि देश का अन्नदाता देशभर के हर इंसान का पेट भरता है। लेकिन केंद्र सरकार की ओर से काले कानून लाकर देशभर के किसानों को खत्म करने का काम किया जा रहा है और पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने का काम किया है। किसान को अपनी अपनी शांतिपूर्वक तरीके से आवाज उठाने के लिए भी लाठियां, पानी की बौछारें और आंसू गैस के गोले सहने पड़ रहे हैं, जोकि सरासर अन्याय है। किसानों की नसों में गुरु गोबिंद सिंह का खून बहता है। अपने हकों व अपने बच्चों के भविष्य के लिए अपनी जान न्योछावर करने को भी तैयार है। सरकार की ओर से जब तक कृषि कानून वापस नहीं लिए जाते। तब तक किसानों का संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
ट्रक से जरूरी सामान भेजा टीकरी बॉर्डर
किसान यूनियन की ऐलनाबाद इकाई गुरुवार को कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों के लिए लकड़ियां सहित अन्य जरूरी खाद्य सामान एक ट्रक में लादकर टीकरी बॉर्डर के लिए रवाना किया है। किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष प्रकाश ममेरां ऐलनाबाद से आसपास के गांव से किसानों के सहयोग से दवाइयां, राशन, लकड़ी आदि जरूरी सामान एक ट्रक में लादकर दिल्ली के टीकरी बॉर्डर पर डटे किसानों के लिए रवाना किया। इस अवसर पर राजेंद्र सहारण पोहड़का, राकेश सहारण, नरेन्द्र निंदी, महावीर सहारण, डॉ. एनआर सिद्ध सहित अनेक किसान एवं किसान नेता उपस्थित थे।
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गांव खोखर से करीब 50 किलोग्राम दूध लेकर दिल्ली के लिए रवाना हुए किसानों पंच गुरप्रीत सिंह, ताकत सिंह बराड़, गुरसिमर सिंह, गुरसाब सिंह, लखविंद्र सिंह, बब्बू सिंह, काला सिंह, पीदी रमाना, पंच जस्सा सिंह ने बताया कि देश का अन्नदाता देशभर के हर इंसान का पेट भरता है। लेकिन केंद्र सरकार की ओर से काले कानून लाकर देशभर के किसानों को खत्म करने का काम किया जा रहा है और पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने का काम किया है। किसान को अपनी अपनी शांतिपूर्वक तरीके से आवाज उठाने के लिए भी लाठियां, पानी की बौछारें और आंसू गैस के गोले सहने पड़ रहे हैं, जोकि सरासर अन्याय है। किसानों की नसों में गुरु गोबिंद सिंह का खून बहता है। अपने हकों व अपने बच्चों के भविष्य के लिए अपनी जान न्योछावर करने को भी तैयार है। सरकार की ओर से जब तक कृषि कानून वापस नहीं लिए जाते। तब तक किसानों का संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
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ट्रक से जरूरी सामान भेजा टीकरी बॉर्डर
किसान यूनियन की ऐलनाबाद इकाई गुरुवार को कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों के लिए लकड़ियां सहित अन्य जरूरी खाद्य सामान एक ट्रक में लादकर टीकरी बॉर्डर के लिए रवाना किया है। किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष प्रकाश ममेरां ऐलनाबाद से आसपास के गांव से किसानों के सहयोग से दवाइयां, राशन, लकड़ी आदि जरूरी सामान एक ट्रक में लादकर दिल्ली के टीकरी बॉर्डर पर डटे किसानों के लिए रवाना किया। इस अवसर पर राजेंद्र सहारण पोहड़का, राकेश सहारण, नरेन्द्र निंदी, महावीर सहारण, डॉ. एनआर सिद्ध सहित अनेक किसान एवं किसान नेता उपस्थित थे।

गांव खोखर से दिल्ली आंदोलन में शामिल होने के लिए रवाना होते किसान।- फोटो : Sirsa
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