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Sirsa News: फर्जी दस्तावेज से नशे की काली कमाई बचाने की चाल नाकाम, दो गिरफ्तार, लैपटॉप, मोबाइल और 2 लाख रुपये बरामद
Fri, 02 Oct 2026 10:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 02 Oct 2026 10:02 PM IST
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डबवाली। डबवाली की आर्थिक अपराध शाखा ने नशा तस्करी से अर्जित संपत्ति को वैध दिखाने के खेल का खुलासा किया है। 97 कनाल जमीन का ठेकानामा तैयार कराया गया। इसके आधार पर नशे की काली कमाई को बचाने के लिए फर्जी जे-फार्म, आयकर रिटर्न व दस्तावेज बनवाए इस मामले में शाखा ने आरोपी अवतार सिंह उर्फ तारी और विशाल गोयल को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आरोपियों से मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और दो लाख रुपये बरामद किए हैं। पुलिस प्रवक्ता उप निरीक्षक आनंद कुमार ने बताया कि गांव दादू निवासी मुख्य आरोपी वकील सिंह को 14 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार उसकी संपत्ति को नशा तस्करी से अर्जित अवैध संपत्ति के रूप में चिह्नित किया था।
31 जुलाई 2026 को करीब 30 लाख रुपये मूल्य की चल-अचल संपत्ति फ्रीज की गई थी। जांच में सामने आया कि संपत्ति को वैध कृषि आय से अर्जित बताने की कोशिश की गई। इसके लिए 2012 से 2022 तक 97 कनाल भूमि का ठेकानामा तैयार किया गया।
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ठेकानामे के आधार पर कथित तौर पर फर्जी जे-फार्म, आयकर रिटर्न और अन्य दस्तावेज तैयार करवाए गए। इन्हें सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक, दिल्ली के समक्ष प्रस्तुत कर फ्रीजिंग कार्रवाई से बचने का प्रयास किया गया। दस्तावेजों पर मार्केट कमेटी डबवाली की कथित फर्जी मोहरों के इस्तेमाल की बात सामने आई है।
तीन फर्मों से जुड़े दस्तावेज की जांच
जांच में मैसर्स गुरुनानक इंटरप्राइजेज, मैसर्स केवल कृष्ण एंड कंपनी और मैसर्स रोशन लाल संजीव कुमार के नाम से संबंधित जे-फार्म सहित दस्तावेजों की जांच हुई। सरकारी रिकॉर्ड से सत्यापन में इनकी प्रामाणिकता पर सवाल सामने आए। इसके बाद थाना सदर में प्राथमिकी दर्ज की गई। आर्थिक अपराध शाखा ने आरोपियों से दो मोबाइल, एक लैपटॉप और दो लाख रुपये नकद बरामद किए। पुलिस का कहना है कि नशा तस्करी से अर्जित संपत्ति को बचाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार कर कानून को गुमराह करने के प्रयास पर कार्रवाई जारी रहेगी।
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पुलिस ने आरोपियों से मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और दो लाख रुपये बरामद किए हैं। पुलिस प्रवक्ता उप निरीक्षक आनंद कुमार ने बताया कि गांव दादू निवासी मुख्य आरोपी वकील सिंह को 14 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार उसकी संपत्ति को नशा तस्करी से अर्जित अवैध संपत्ति के रूप में चिह्नित किया था।
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31 जुलाई 2026 को करीब 30 लाख रुपये मूल्य की चल-अचल संपत्ति फ्रीज की गई थी। जांच में सामने आया कि संपत्ति को वैध कृषि आय से अर्जित बताने की कोशिश की गई। इसके लिए 2012 से 2022 तक 97 कनाल भूमि का ठेकानामा तैयार किया गया।
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ठेकानामे के आधार पर कथित तौर पर फर्जी जे-फार्म, आयकर रिटर्न और अन्य दस्तावेज तैयार करवाए गए। इन्हें सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक, दिल्ली के समक्ष प्रस्तुत कर फ्रीजिंग कार्रवाई से बचने का प्रयास किया गया। दस्तावेजों पर मार्केट कमेटी डबवाली की कथित फर्जी मोहरों के इस्तेमाल की बात सामने आई है।
तीन फर्मों से जुड़े दस्तावेज की जांच
जांच में मैसर्स गुरुनानक इंटरप्राइजेज, मैसर्स केवल कृष्ण एंड कंपनी और मैसर्स रोशन लाल संजीव कुमार के नाम से संबंधित जे-फार्म सहित दस्तावेजों की जांच हुई। सरकारी रिकॉर्ड से सत्यापन में इनकी प्रामाणिकता पर सवाल सामने आए। इसके बाद थाना सदर में प्राथमिकी दर्ज की गई। आर्थिक अपराध शाखा ने आरोपियों से दो मोबाइल, एक लैपटॉप और दो लाख रुपये नकद बरामद किए। पुलिस का कहना है कि नशा तस्करी से अर्जित संपत्ति को बचाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार कर कानून को गुमराह करने के प्रयास पर कार्रवाई जारी रहेगी।