फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   A glimmer of hope in the pond, woman farmer Kailash has improved her life through shrimp farming

Sirsa News: तालाब में पाली उम्मीद, महिला किसान कैलाश ने झींगा पालन से संवारी जिंदगी

Fri, 02 Oct 2026 10:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Fri, 02 Oct 2026 10:02 PM IST
विज्ञापन
A glimmer of hope in the pond, woman farmer Kailash has improved her life through shrimp farming
सिरसा। जहां खेतों में पारंपरिक फसलें उगाना किसानों की आमदनी का मुख्य जरिया है वहीं गांव कर्मसाना की महिला किसान कैलाश ने अलग रास्ता चुना। वर्ष 2022 में मत्स्य विभाग के मार्गदर्शन से शुरू हुआ यह प्रयास अब उत्पादन और रोजगार का जरिया बन चुका है।
विज्ञापन

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता और तकनीकी प्रशिक्षण ने कैलाश के इस प्रयास को मजबूती दी। उन्होंने झींगा पालन इकाई स्थापित करने के लिए करीब 14 लाख रुपये की परियोजना तैयार की। इसके लिए मत्स्य विभाग की ओर से 8 लाख 36 हजार 48 रुपये का अनुदान मिला। इस राशि से तालाब निर्माण सहित जरूरी बुनियादी ढांचा तैयार किया गया।
विज्ञापन

झींगा पालन केवल निवेश से सफल नहीं हो सकता। इसके लिए वैज्ञानिक तकनीक और सही प्रबंधन जरूरी है। उन्होंने मत्स्य विभाग और एक्वाकल्चर अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, हिसार के संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रशिक्षण में उन्हें तालाब की तैयारी, पानी की गुणवत्ता बनाए रखने, स्टॉकिंग घनत्व, रोगों की रोकथाम और वैज्ञानिक आहार प्रबंधन की जानकारी दी गई। तालाब की नियमित निगरानी, पानी की गुणवत्ता पर नजर और संतुलित आहार प्रबंधन से पालन को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया।
कैलाश की मेहनत और वैज्ञानिक प्रबंधन का परिणाम वित्त वर्ष 2025-26 में सामने आया। उनकी झींगा पालन इकाई से एक वर्ष में 8.5 टन झींगा का उत्पादन हुआ। इससे उनकी आय का दायरा बढ़ा। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा हुए।

इकाई में तालाब की देखरेख, झींगा की कटाई और अन्य कामों के लिए 4 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला। वहीं विभिन्न सहायक और संबंधित गतिविधियों से 10 लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिले। कैलाश की इकाई केवल उनकी आय का साधन नहीं रही, बल्कि आसपास के लोगों के लिए भी आजीविका का जरिया बनी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed