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Sirsa News: रिक्त पद भरने, पुरानी पेंशन बहाली और गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति के लिए भूख हड़ताल पर शिक्षक
Fri, 02 Oct 2026 09:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 02 Oct 2026 09:57 PM IST
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सिरसा। गांधी जयंती पर शिक्षक मांगों की सूची लेकर लघु सचिवालय पहुंचे। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने लघु सचिवालय परिसर में सांकेतिक भूख हड़ताल कर लंबित मांगों के समाधान की आवाज उठाई। अनशन की अध्यक्षता जिला प्रधान वीर सिंह ने की।
शिक्षकों ने सरकारी स्कूलों में रिक्त पद भरने और बीएलओ, डाटा एंट्री व सर्वे जैसे गैर-शैक्षणिक कार्यों से शिक्षकों को मुक्त करने की मांग की। उन्होंने पर्याप्त शिक्षण दिवस सुनिश्चित करने पर जोर दिया। संगठन ने अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण और आरटीई एक्ट-2009 के प्रावधान लागू करने की मांग रखी।
हसला प्रधान कुलदीप सिहाग और राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ के देवेंद्र काहलों ने कहा कि आरटीई एक्ट लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अतिथि अध्यापकों, आरोही स्कूलों के स्टाफ और एचकेआरएन कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग की।
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राज्य वरिष्ठ उपप्रधान गुरमीत सिंह और जिला वरिष्ठ उपप्रधान बूटा सिंह ने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, कैडरों में तबादले करने तथा लंबित पदोन्नति, एसीपी और चिकित्सा प्रतिपूर्ति मामलों के समयबद्ध निपटारे की मांग की। राज्य सचिव कृष्ण कायत ने सरकार से सकारात्मक कार्रवाई की मांग की।
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शिक्षकों ने सरकारी स्कूलों में रिक्त पद भरने और बीएलओ, डाटा एंट्री व सर्वे जैसे गैर-शैक्षणिक कार्यों से शिक्षकों को मुक्त करने की मांग की। उन्होंने पर्याप्त शिक्षण दिवस सुनिश्चित करने पर जोर दिया। संगठन ने अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण और आरटीई एक्ट-2009 के प्रावधान लागू करने की मांग रखी।
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हसला प्रधान कुलदीप सिहाग और राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ के देवेंद्र काहलों ने कहा कि आरटीई एक्ट लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अतिथि अध्यापकों, आरोही स्कूलों के स्टाफ और एचकेआरएन कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग की।
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राज्य वरिष्ठ उपप्रधान गुरमीत सिंह और जिला वरिष्ठ उपप्रधान बूटा सिंह ने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, कैडरों में तबादले करने तथा लंबित पदोन्नति, एसीपी और चिकित्सा प्रतिपूर्ति मामलों के समयबद्ध निपटारे की मांग की। राज्य सचिव कृष्ण कायत ने सरकार से सकारात्मक कार्रवाई की मांग की।