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Sirsa News: टीबी मुक्त अभियान को मिलेगी गति, पोर्टेबल मशीन से मौके पर ही मिलेगी टीबी की रिपोर्ट
Sun, 24 Mar 2024 12:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 24 Mar 2024 12:55 AM IST
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माई सिटी रिपोर्टर
सिरसा। टीबी मुक्त भारत अभियान 2025 को पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिले में मुहिम चलाई हुई है। इसके तहत गांवों में पहुंचकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है। अभी तक जिले के 35 गांवों को टीबी मुक्त किया जा चुका हैं। अभियान को और गति देने के लिए नागरिक अस्पताल में पोर्टेबल हैंडल्ड एक्स-रे मशीन भी पहुंच चुकी है। इस मशीन से गांवों में लोगों की जांच करने में आसानी होगी।
गांवों में अभी तक टीबी रोगी की पहचान करने के लिए सैंपल आदि लेकर जांच की जाती थी। इसमें काफी ज्यादा समय लग जाता था। अब इस मशीन के आने से टीबी रोगी की पहचान करने में आसानी होगी और उसकी उपचार प्रक्रिया जल्द शुरू की जा सकेगी। इस मशीन को कही भी आसानी से ले जाया जा सकता है। यह मशीन जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग करके साथ की साथ रिपोर्ट तैयार करके देगी। इससे तुरंत पता चल सकेगा कि जिसकी जांच की गई है उसे टीबी है या नहीं।
टीकाकरण के प्रति उदसीन हैं जिले के लोग
टीबी के खात्मे के लिए विभाग ने टीकाकरण अभियान चलाया हुआ है, लेकिन इसके प्रति जिले के लोगों का उदासीन रवैया है। जिले में अभी तक मात्र 3735 लोग ही टीकाकरण के लिए राजी हुए हैं। अभियान के तहत लोगों को एडल्ट बीसीजी (बैसिलस कैलमेट-गुएरिन) का टीकाकरण किया जाता है। टीकाकरण अभियान प्रदेश के 11 जिलों में चल रहा है। इनमें अंबाला, भिवानी, हिसार, झज्जर, कैथल, जींद, पंचकूला, रोहतक, सिरसा, मेवात, सोनीपत शामिल हैं।
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मशीन से नहीं रेडिएशन का खतरा
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. गौरव भाटी ने बताया कि अस्पताल में अभी एक ही मशीन आई है। जिसका उपयोग फिलहाल उन क्षेत्रों में किया जाएगा जहां मरीजों की संख्या ज्यादा है। इस मशीन के जरिये लोगों की आसानी से स्क्रीनिंग कर सही समय पर उपचार कर सकते हैं। इस मशीन से कोई रेडिएशन का भी कोई भी खतरा नहीं है।
334 गांवों को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य
स्वास्थ्य विभाग ने टीबी मुक्त पंचायत अभियान के तहत 2023 में 35 ग्राम पंचायतों का टीबी मुक्त घोषित किया है। क्षय रोग विभाग का लक्ष्य सिरसा जिले के 334 गांंवों को टीबी मुक्त करने का है। समय समय पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभियान चलाकर लोगों को टीबी से बचाव के प्रति जागरूक भी किया जाता है।
कैसे काम करेगी मशीन
नई एक्स-रे मशीन को लैपटॉप के साथ जोड़ा जाएगा। इसमें कैमरा भी लगा होगा। कैमरे की मदद से फेफड़ों का एक्स-रे किया जाएगा। इसके तुरंत बाद ही रिपोर्ट मिल जाएगी। रिपोर्ट से ही पता चलेगा कि संबंधित मरीज टीबी का संदिग्ध केस है या नहीं। इसके बाद ही उस मरीज को अस्पताल ले जाकर आगे की जांच प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी। लोगों को प्रथम चरण में अस्पताल जाने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि विभाग के कर्मी खुद ही जिले के गांवों में जाएंगे और लोगों के एक्स-रे करके संक्रमण की पहचान करेंगे।
ये हैं टीबी बीमारी के लक्षण
दो सप्ताह से ज्यादा खांसी रहना
रात को सोते समय पसीना आना, ठंड में भी पसीना आना
बुखार आना, संक्रमण बढ़ने के साथ बढ़ना
थकावट होना
वजन कम होना
सांस लेने में दिक्कत होना
अस्पताल में टीबी जांच के लिए नई तकनीक की मशीन आई है। मशीन के आने से गांवों में कैंप लगाकर लोगों की स्क्रीनिंग करने में आसानी होगी और टीबी मरीज का समय से इलाज किया जा सकेगा। टीबी की रोकथाम के लिए विभाग द्वारा समय समय पर अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। -डॉ. गौरव भाटी, जिला क्षय रोग अधिकारी, सिरसा।
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सिरसा। टीबी मुक्त भारत अभियान 2025 को पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिले में मुहिम चलाई हुई है। इसके तहत गांवों में पहुंचकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है। अभी तक जिले के 35 गांवों को टीबी मुक्त किया जा चुका हैं। अभियान को और गति देने के लिए नागरिक अस्पताल में पोर्टेबल हैंडल्ड एक्स-रे मशीन भी पहुंच चुकी है। इस मशीन से गांवों में लोगों की जांच करने में आसानी होगी।
गांवों में अभी तक टीबी रोगी की पहचान करने के लिए सैंपल आदि लेकर जांच की जाती थी। इसमें काफी ज्यादा समय लग जाता था। अब इस मशीन के आने से टीबी रोगी की पहचान करने में आसानी होगी और उसकी उपचार प्रक्रिया जल्द शुरू की जा सकेगी। इस मशीन को कही भी आसानी से ले जाया जा सकता है। यह मशीन जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग करके साथ की साथ रिपोर्ट तैयार करके देगी। इससे तुरंत पता चल सकेगा कि जिसकी जांच की गई है उसे टीबी है या नहीं।
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टीकाकरण के प्रति उदसीन हैं जिले के लोग
टीबी के खात्मे के लिए विभाग ने टीकाकरण अभियान चलाया हुआ है, लेकिन इसके प्रति जिले के लोगों का उदासीन रवैया है। जिले में अभी तक मात्र 3735 लोग ही टीकाकरण के लिए राजी हुए हैं। अभियान के तहत लोगों को एडल्ट बीसीजी (बैसिलस कैलमेट-गुएरिन) का टीकाकरण किया जाता है। टीकाकरण अभियान प्रदेश के 11 जिलों में चल रहा है। इनमें अंबाला, भिवानी, हिसार, झज्जर, कैथल, जींद, पंचकूला, रोहतक, सिरसा, मेवात, सोनीपत शामिल हैं।
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मशीन से नहीं रेडिएशन का खतरा
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. गौरव भाटी ने बताया कि अस्पताल में अभी एक ही मशीन आई है। जिसका उपयोग फिलहाल उन क्षेत्रों में किया जाएगा जहां मरीजों की संख्या ज्यादा है। इस मशीन के जरिये लोगों की आसानी से स्क्रीनिंग कर सही समय पर उपचार कर सकते हैं। इस मशीन से कोई रेडिएशन का भी कोई भी खतरा नहीं है।
334 गांवों को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य
स्वास्थ्य विभाग ने टीबी मुक्त पंचायत अभियान के तहत 2023 में 35 ग्राम पंचायतों का टीबी मुक्त घोषित किया है। क्षय रोग विभाग का लक्ष्य सिरसा जिले के 334 गांंवों को टीबी मुक्त करने का है। समय समय पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभियान चलाकर लोगों को टीबी से बचाव के प्रति जागरूक भी किया जाता है।
कैसे काम करेगी मशीन
नई एक्स-रे मशीन को लैपटॉप के साथ जोड़ा जाएगा। इसमें कैमरा भी लगा होगा। कैमरे की मदद से फेफड़ों का एक्स-रे किया जाएगा। इसके तुरंत बाद ही रिपोर्ट मिल जाएगी। रिपोर्ट से ही पता चलेगा कि संबंधित मरीज टीबी का संदिग्ध केस है या नहीं। इसके बाद ही उस मरीज को अस्पताल ले जाकर आगे की जांच प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी। लोगों को प्रथम चरण में अस्पताल जाने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि विभाग के कर्मी खुद ही जिले के गांवों में जाएंगे और लोगों के एक्स-रे करके संक्रमण की पहचान करेंगे।
ये हैं टीबी बीमारी के लक्षण
दो सप्ताह से ज्यादा खांसी रहना
रात को सोते समय पसीना आना, ठंड में भी पसीना आना
बुखार आना, संक्रमण बढ़ने के साथ बढ़ना
थकावट होना
वजन कम होना
सांस लेने में दिक्कत होना
अस्पताल में टीबी जांच के लिए नई तकनीक की मशीन आई है। मशीन के आने से गांवों में कैंप लगाकर लोगों की स्क्रीनिंग करने में आसानी होगी और टीबी मरीज का समय से इलाज किया जा सकेगा। टीबी की रोकथाम के लिए विभाग द्वारा समय समय पर अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। -डॉ. गौरव भाटी, जिला क्षय रोग अधिकारी, सिरसा।