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Sirsa News: मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर किसी और ने करवाया पंजीकरण
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किसान नेता शिकयत दिखाते हुए।
सिरसा। भारतीय किसान एकता (बीकेई) के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने बताया कि उनके पास कई किसानों की शिकायत आई की उनकी फसल का पंजीकरण मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर किसी और ने करवा लिया है। उन्होंने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि ऐसा हर साल हो रहा है। लोग राजस्व विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत से किसानों की फसल का पंजीकरण धोखे से अपने नाम करवा लेते हैं।
किसान नेता लखविंदर सिंह औलख ने सरकार से अपील है कि सभी थाना प्रबंधकों को हिदायतें दी जाए कि पीड़ित किसानों की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करते हुए धोखाधड़ी करने वाले लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए और किसानों को इंसाफ दिलवाया जाए। औलख ने कहा कि हरियाणा सरकार ने किसानों को पोर्टल पोर्टल के खेल में उलझा रखा है। किसान खेत में काम करने के बजाय पोर्टल में ही उलझकर रह जाता है, किसान को पोर्टल के चक्कर से आजाद किया जाए। इस मौके पर बीकेई से गुरविंदर सिंह और अरविंदर सिंह मौजूद रहे।
ये आए हैं दो मामले
गोरीवाला तहसील के गांव राजपुरा के लीलाधर, सरोज, निर्मल, कालूराम, बालमुकुंद जैसे कई किसानों ने जब अपनी फसल का पंजीकरण करना चाहा तो उन्हें पता चला कि उसकी फसल का पंजीकरण पहले से ही किसी और ने दर्ज करवा रखा है। जिसका नाम साहिला पुत्र हसम और मोबाइल नंबर 9671677645 लिखा आ रहा है, जिसकी ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाई गई। जब ये किसान अपनी शिकायत लेकर ओढां थाना प्रबंधक के पास गए तो उन्होंने किसानों की कोई सुनवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि यह उनका काम नहीं है, जिसके बाद किसानों ने उप कृषि निदेशक सिरसा को शिकायत भेजी है कि फर्जी पंजीकरण को रद्द किया जाए, ताकि किसान अपनी फसल का पंजीकरण करवा सकें। दूसरा मामला रानियां तहसील के गांव सादेवाला से सामने आया है। इसमें नरेंद्र सिंह, बजीर सिंह, हनुमान, गिरदावरी देवी सहित कई किसानों की फसल का पंजीकरण अपने नाम करवा लिया। नाम करवाने वाला कोई सकुनत कुमार है और मोबाइल नंबर 83978 82902 लिखा आ रहा है।
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किसान नेता लखविंदर सिंह औलख ने सरकार से अपील है कि सभी थाना प्रबंधकों को हिदायतें दी जाए कि पीड़ित किसानों की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करते हुए धोखाधड़ी करने वाले लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए और किसानों को इंसाफ दिलवाया जाए। औलख ने कहा कि हरियाणा सरकार ने किसानों को पोर्टल पोर्टल के खेल में उलझा रखा है। किसान खेत में काम करने के बजाय पोर्टल में ही उलझकर रह जाता है, किसान को पोर्टल के चक्कर से आजाद किया जाए। इस मौके पर बीकेई से गुरविंदर सिंह और अरविंदर सिंह मौजूद रहे।
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ये आए हैं दो मामले
गोरीवाला तहसील के गांव राजपुरा के लीलाधर, सरोज, निर्मल, कालूराम, बालमुकुंद जैसे कई किसानों ने जब अपनी फसल का पंजीकरण करना चाहा तो उन्हें पता चला कि उसकी फसल का पंजीकरण पहले से ही किसी और ने दर्ज करवा रखा है। जिसका नाम साहिला पुत्र हसम और मोबाइल नंबर 9671677645 लिखा आ रहा है, जिसकी ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाई गई। जब ये किसान अपनी शिकायत लेकर ओढां थाना प्रबंधक के पास गए तो उन्होंने किसानों की कोई सुनवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि यह उनका काम नहीं है, जिसके बाद किसानों ने उप कृषि निदेशक सिरसा को शिकायत भेजी है कि फर्जी पंजीकरण को रद्द किया जाए, ताकि किसान अपनी फसल का पंजीकरण करवा सकें। दूसरा मामला रानियां तहसील के गांव सादेवाला से सामने आया है। इसमें नरेंद्र सिंह, बजीर सिंह, हनुमान, गिरदावरी देवी सहित कई किसानों की फसल का पंजीकरण अपने नाम करवा लिया। नाम करवाने वाला कोई सकुनत कुमार है और मोबाइल नंबर 83978 82902 लिखा आ रहा है।
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