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Sirsa News: आभा कार्ड बनाने की धीमी रफ्तार, 18 माह में सिर्फ 15 फीसदी लोगों के बने

Thu, 24 Oct 2024 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Thu, 24 Oct 2024 11:46 PM IST
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Slow pace of making Abha card, only 15 percent people got it in 18 months
सिरसा। नागरिक अस्पताल के कमरा नंबर 13 में जांच के बाद आभा कार्ड के लिए रेजिस्टे्रशन करते हुए स्
सिरसा। जिले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से आभा कार्ड बनाने की रफ्तार काफी धीमी है। पिछले 18 माह में अब तक 15 फीसदी लोगों के ही आभा कार्ड बन पाए हैं। कर्मचारियों का तर्क है कि लोगों के आधार कार्ड मोबाइल नंबर से लिंक न होने या नंबर बदल लेने के कारण कार्ड बनाने में देरी हो रही है।
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नागरिक अस्पताल में कमरा नंबर 13 में आने वाले सभी मरीजों का स्टाफ की ओर से आभा कार्ड बनाया जा रहा है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत आभा कार्ड में प्रत्येक व्यक्ति का अपना स्वास्थ्य खाता तैयार होगा। इसमें व्यक्ति के स्वास्थ्य का पूरा रिकाॅर्ड रहेगा। नागरिक अस्पताल के एनसीडी विभाग के चिकित्सकों और कर्मचारियों को आभा कार्ड बनाने का जिम्मा सौंपा गया है। चिक्तिसकों के अनुसार जिले में लगभग 20 टीमें इस कार्य में जुटी हैं। नागरिक अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी पर लोगों के आभा कार्ड बनाए जा रहे हैं। जिले में 18 महीनों में 2 लाख लोगों के आभा कार्ड बन पाए हैं।
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आकंड़ों पर गौर करें तो विभाग की ओर से यह कार्य बहुत ही धीमी गति से चल रहा है। जिले में करीब 13 लाख आबादी वाले के आभा कार्ड बनाए जाने हैं।


नागरिक अस्पताल में कार्यरत स्टाफ ने बताया कि अधिकतर लोगों के आधार कार्ड मोबाइल नंबर से लिंक न होने के कारण आभा आईडी नहीं बन पा रही है। जिन लोगों के आधार कार्ड से मोबाइल नंबर लिंक है, उन्होंने अपने नंबर बदल लिए हैं। ऐसे में ओटीपी पुराने नंबर पर जाता है। ओपीटी मिलने के बाद ही आभा आईडी जनरेट होती है।
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जानिए क्या है आभा कार्ड
आभा कार्ड को हेल्थ आईडी कार्ड कह सकते हैं। यह डिजिटल कार्ड होता है। इसमें संबंधित व्यक्ति का मेडिकल रिकॉर्ड रहता है। कब बीमार हुए, क्या इलाज चला, किस डॉक्टर को दिखाया, बीमारी से संबंधित कौन-कौन से टेस्ट हुए, कौन-कौन सी दवाइयां लिखी गईं आदि रिकॉर्ड दर्ज होता है। आभा आईडी बनने से आपको पर्चे संभालकर रखने की जरूरत नहीं है। इस कार्ड की मदद से पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। अगर आप कभी बीमार होते हैं और डॉक्टर के पास जाते हैं, तो डॉक्टर आपकी आभा आईडी से पुराने इलाज का पता कर उपचार शुरू कर देंगे





जिले में आभा कार्ड को लेकर अलग-अलग विभागों को कार्य सौंपा गया है। हमारे एनसीडी में जो लोग इलाज के लिए आते हैं, उनका कार्ड बना दिया जाता है। जिले में शिविर लगाकर भी कार्ड बनाए जा रहे हैं। अब तक दो लाख के करीब लोगों के आभा कार्ड बनाए जा चुके हैं। लोगों से अपील है कि अपने आधार कार्ड को मोबाइल नंबर से लिंक करा लें, ताकि सभी का समय रहते आभा कार्ड बन सके।
- डॉ. प्रियंका, चिकित्सक नागरिक अस्पताल सिरसा।
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