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Sirsa: घग्गर में आने लगा बारिश का पानी, तटवर्ती गांवों के ग्रामीण हो रहे भयभीत

Sun, 07 Jul 2024 11:02 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा/रोड़ी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा/रोड़ी (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sun, 07 Jul 2024 11:02 PM IST
सार

सिंचाई विभाग बाढ़ से बचाव के काम अभी पूरे नहीं करवा पाया है। बारिश के साथ ही तटबंध टूटने लगे हैं, अब तक रंगाई नालों की भी सफाई नहीं हुई है। पिछले साल भी बाढ़ के कारण गांवों में फसलों व पशुधन को नुकसान हुआ था।

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Sirsa: Rain water started coming into Ghaggar, villagers of coastal villages are getting scared
बाढ़ बचाव के लिए रखे गए मिट्टी से भरे कट्टे। - फोटो : संवाद

विस्तार

पहाड़ी क्षेत्रों व प्रदेश में हो रही बारिश के चलते घग्गर नदी में पानी आना शुरू हो गया है। रविवार को शाम 6 बजे तक सरदूलगढ़ में 700 क्यूसिक पानी आ चुका है और धीरे-धीरे यह पानी सिरसा की ओर बढ़ रहा है। नदी में पानी, बाढ़ से बचाव के लिए प्रशासन के अधूरे इंतजाम और कमजोर तटबंध के कारण भयभीत हैं।

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इधर, बारिश के कारण रोड़ी क्षेत्र में घग्गर का तटबंध टूटना भी शुरू हो गया है। रंगाई नालों की अभी तक सफाई नहीं की जा सकी है, उनमें जलकुंभियां तैर रही हैं। ग्रामीण भयभीत है कि अगर अचानक बारिश के पानी का तेज बहाव आया तो पिछले साल की तरह इस बार भी बाढ़ की त्रासदी झेलनी पड़ सकती है।
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जिले में पिछले साल 21 जुलाई को बाढ़ आई थी और लगभग 49 गांव इससे प्रभावित हुए थे। इसके बाद भी सिंचाई विभाग की ओर से घग्गर के तटवर्ती गांवों में तटबंधो को मजबूत करने का कोई कार्य नहीं किया गया। अप्रैल में आचार संहिता के नाम पर प्रशासन ने बाढ़ से बचाव के लिए कोई कदम नहीं उठाए।
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जून माह में सिंचाई विभाग की ओर से ओटू हेड से निकलने वाली नहरों की सफाई का कार्य आरंभ करने के लिए टेंडर डाले गया। यह काम भी मात्र दो गांवों में ही आरंभ हुआ है। मीरपुर से घग्गर से निकलने वाले रंगोई नाले की अभी तक सफाई नहीं हुई है। यह रंगोई नाला मीरपुर से खैरकां, मीरपुर कॉलोनी, वेदवाला व सिकंदरपुर तक जाता है।

बड़ी बात यह है कि यह रंगोई नाला नेशनल हाईवे से जुड़ता है और पिछले साल इसके ओवरफ्लो होने से गांवों के अलावा नेशनल हाईवे पर भी बाढ़ का पानी आ गया था। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर बांध बनाकर पानी को रोका था।
 
पंजाब के भूंदड़ के ग्रामीणों ने रखे मिट्टी के कट्टे, सिरसा वालों में बह गई मिट्टी
रोड़ी क्षेत्र में सिरसा में घग्गर के साथ लगते गांवों के तटबंध बहुत कमजोर हैं, जिसके चलते अभी भी किसानों की फसलों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। वहीं दूसरी ओर पंजाब की ओर तटबंधों को सरकार के द्वारा मजबूत किया जा रहा है और साथ लगते पंजाब के गांव भूंदड़ में भी पहले से ही आने वाले संकट से निपटने के लिए 15 हजार से ज्यादा बैग मिट्टी के भरे जा चुके हैं। वहीं सिरसा प्रशासन के इंतजाम अभी भी ढीले हैं।

बिजली मंत्री ने दिए थे आदेश
करीब 4 दिन पूर्व बिजली मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से बाढ़ प्रबंधों के लिए पूछा तो अधिकारियों ने कहा था कि उनके पास इसका कोई बजट नहीं, यह बजट पंचायती राज विभाग के पास होता है। बिजली मंत्री ने ग्राम पंचायतों के सरपंचों को अपने बजट से गांवों में मिट्टी के कट्टे रखने के आदेश दिए थे। गांव रोड़ी में कट्टे रखे गए हैं, लेकिन बारिश के कारण इनकी मिट्टी निकल गई है और यह कट्टे आधी मिट्टी से भरे रह गए हैं।


गांवों में कट्टे रखवाने का काम हमारा नहीं है। यह संबंधित पंचायती विभाग देखता है। हमारी ओर से तैयारियां पूरी हैं। कुछ क्षेत्रों में रंगोई नालों की सफाई रह गई है, जिनकी सफाई करवाई जा रही है। अभी घग्गर में अधिक मात्रा में पानी नहीं आया है और अगर पानी की अधिकता होगी तो बचाव कार्य आरंभ कर दिए जाएंगे। -अमन हुड्डा, कार्यकारी अधिकारी, घग्गर ब्रांच, सिंचाई विभाग।

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