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स्वास्थ्य मंत्री मानसिक रोगी, उपचार के लिए चंदा दो
ब्यूरो / अमर उजाला , सिरसा
Updated Sat, 05 Nov 2016 12:05 AM IST
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हड़ताल
- फोटो : buraeau
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जिलेभर के एनएचएम कर्मचारियों ने शुक्रवार को अपने आंदोलन को तेज करते हुए सिविल अस्पताल से लेकर उपायुक्त कार्यालय तक सरकार के खिलाफ रोष मार्च निकाला। सड़कों पर जगह-जगह पर कर्मचारी प्रदर्शन करते हुए स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को मानसिक रोगी बताते हुए लोगों से उपचार के लिए चंदा मांगते दिखे। लघुसचिवालय पहुंचकर एनएचएम कर्मचारियों ने उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना देकर नारेबाजी करने लगे।
हालांकि पुलिस ने कर्मचारियों को कार्यालय के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए कहा कि मौजूद सरकार की नीतियां अब तक आईं सरकारों से सबसे ज्यादा घटिया हैं। बीजेपी सरकार गरीब, किसान व कर्मचारी वर्ग को खत्म करने पर तुली है। कर्मचारियों की जायज मांगों पर उन्हेें बर्खास्त करने की धमकी दी जा रही है। एनएचएम कर्मचारियों ने कहा कि प्रदेश का स्वास्थ्य मंत्री मानसिक रोगी बन चुका है और इसलिए बेकार की बातें तथा फैसले ले रहा है। सरकार कर्मचारियों के आंदोलन को दबाना चाहती है, लेकिन एकता की शक्ति के आगे सरकार की साजिश कामयाब नहीं हो पाएगी। उपायुक्त कार्यालय समक्ष घंटे भर नारेबाजी होने पर प्रशासन की तरफ से नगराधीष प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे और मांगों से संबंधित ज्ञापन लिया। वहीं, एनएचएम कर्मियों की हड़ताल के कारण जिलेभर मेें स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का आधे से ज्यादा वर्क बाधित हुआ पड़ है। रिकॉर्ड अपडेट करने से लेकर स्वास्थ्य संबंधित अभियान ठप हो चुके हैं।
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हालांकि पुलिस ने कर्मचारियों को कार्यालय के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए कहा कि मौजूद सरकार की नीतियां अब तक आईं सरकारों से सबसे ज्यादा घटिया हैं। बीजेपी सरकार गरीब, किसान व कर्मचारी वर्ग को खत्म करने पर तुली है। कर्मचारियों की जायज मांगों पर उन्हेें बर्खास्त करने की धमकी दी जा रही है। एनएचएम कर्मचारियों ने कहा कि प्रदेश का स्वास्थ्य मंत्री मानसिक रोगी बन चुका है और इसलिए बेकार की बातें तथा फैसले ले रहा है। सरकार कर्मचारियों के आंदोलन को दबाना चाहती है, लेकिन एकता की शक्ति के आगे सरकार की साजिश कामयाब नहीं हो पाएगी। उपायुक्त कार्यालय समक्ष घंटे भर नारेबाजी होने पर प्रशासन की तरफ से नगराधीष प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे और मांगों से संबंधित ज्ञापन लिया। वहीं, एनएचएम कर्मियों की हड़ताल के कारण जिलेभर मेें स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का आधे से ज्यादा वर्क बाधित हुआ पड़ है। रिकॉर्ड अपडेट करने से लेकर स्वास्थ्य संबंधित अभियान ठप हो चुके हैं।
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