फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   Sirsa News, Hindi News, court, Sirsa

आरटीआई कार्यकर्ता ने कहा कोर्ट में फिर दायर करेंगे याचिका

Mon, 04 Apr 2016 01:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा Updated Mon, 04 Apr 2016 01:04 AM IST
विज्ञापन
सरकारी स्कूलों में प्रवेश उत्सव शुरू हो चुका है। दाखिले के लिए प्रचार-प्रसार चरम पर है। पर अभी तक स्कूलों में पाठ्य पुस्तकें नहीं पहुंच पाई है जबकि पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट की ओर से इस बारे में शिक्षा विभाग को पहले सख्त आदेश दिए चुके हैं कि नामांकन से पूर्व स्कूलों में पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध करवाई जाए।
विज्ञापन


    पहली से आठवीं कक्षा के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी न हो और पाठ्य पुस्तक खरीदने के लिए उनको आर्थिक स्थिति से जूझना न पड़े। इसके लिए सरकार की ओर से सभी कैटेगरी के बच्चों को मुफ्त पाठ्य पुस्तक दी जाती है। पहली से पांचवी व छठी से आठवीं कक्षा के बच्चों को दो कैटेगरी में पाठ्य पुस्तक दी जाती हैं लेकिन ये पाठ्य पुस्तक बच्चों के हाथों में आधा सत्र बीतने के बाद पहुंच रही है। जिसके कारण उनकी पढ़ाई पूरी तरह नहीं हो पाती है और उनका भविष्य अंधकार में चला जाता है। इस संबंध में सिरसा के व्हीसल ब्लोअर करतार सिंह ने शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों से लेकर मंत्रालय तक में शिकायत की थी।
विज्ञापन


शिकायत के बाद भी सुधार नहीं हो पाया। तो बाद में उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने 23 अगस्त  2013 में शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सख्त आदेश देकर समय पर पाठ्य पुस्तक पहुंचाने के आदेश दिए थे। लेकिन इसके बाद बच्चों को समय पर पाठ्य पुस्तक उपलब्ध नहीं हो रही है। करतार सिंह ने दोबारा हरियाणा के मुख्य सचिव को इस संबंध में शिकायत की है। शिकायत में उन्होंने कहा है कि मौलिक शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों के बच्चों के पास पाठ्य पुस्तक पहुंचाने में इस सत्र में पूरी तरह असफल है। शिक्षक असमंजस्य में है कि पाठ्य पुस्तकों के बिना किस प्रकार स्कूलों में पढ़ाई शुरू होगी। जबकि इस बारे में हाईकोर्ट की ओर से सख्त आदेश दिए जा चुके हैं। शिक्षा विभाग द्वारा इस संबंध में शपथ पत्र भी दिया गया था। जिसमें कहा गया था कि सत्र शुरू होने से पहले पाठ्य पुस्तक उपलब्ध करवा दी जाएंगी। लेकिन इसके बाद अभी तक पाठ्य पुस्तक उपलब्ध नहीं हो पाई है। यहां तक कि जिला स्तर के कार्यालय में भी पाठ्य पुस्तक नहंीं पहुंच पाई है। इससे बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह से प्रभावित हो जाएगी। विभाग की इस ढुलमुल नीति के कारण बच्चों का भविष्य पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगा और बच्चे बेहतर तैयारी नहीं कर पाएंगे। करतार सिंह ने कहा कि वे इस मामले को लेकर फिर अदालत जाएंगे क्योंकि शिक्षा विभाग अदालत के आदेश का पालन नहीं कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed