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नागरिक अस्पताल से हटाए कर्मचारियों ने निकाला रोष मार्च

Sat, 07 May 2016 12:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा Updated Sat, 07 May 2016 12:19 AM IST
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विरोध - फोटो : Bureau
नागरिक अस्पताल में अनुबंध खत्म होने पर काम से हटाए गए कर्मचारियों ने वापस रखने की मांग को लेकर शहर में रोष मार्च निकाला। शुक्रवार को हुए मार्च में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने उनका साथ दिया। उधर हिसार से पहुंचे ठेेकेदार से प्रदर्शनकारियों कर्मचारियों की कहासुनी हुई। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि उन्हें बिना शर्त काम पर वापस रखा जाए।
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नौकरी से हटाए गए सभी कर्मचारी सुबह करीब साढ़े नौ बजे नागरिक अस्पताल से रोष मार्च निकालते हुए जगदेव चौक पहुंचे और वहां से वापस धरनास्थल पर जाकर बैठ गए। धरने की सूचना पाकर नया ठेका लेने वाला ठेकेदार भी मौके पर पहुंचा और कर्मचारियों से बातचीत की। सभी कर्मचारियों को बिना शर्त वापस लेने की मांग पर ठेकेदार और कर्मचारियों में झड़प भी हुई। बाद में ठेकेदार वहां से चला गया। सर्व कर्मचारी संघ सिरसा के प्रधान मदनलाल खोथ, समाजसेवी चरणदास, महेंद्र शर्मा, किशोरीलाल मेहता, अशोक कंबोज, सोहन सिंह रंधावा, टोनी सागू आदि प्रदर्शनकारियों के साथ डटे रहे।
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कर्मचारी संगठन के नेताओं ने कहा कि पूर्व की कांग्रेस सरकार की ओर से शुरू की गई ठेका प्रथा कर्मचारियों के गले की फांस बन गई है। जैसे सरकारें बदल जाती हैं, ठीक उसी के साथ ही ठेकेदार बदल जाते हैं। नागरिक अस्पताल में नए ठेकेदार ने पूर्व में लगे हुए कर्मचारियों को हटा दिया। प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में कहा है कि जब तक उन्हें बिना शर्त काम पर वापस नहीं लिया जाता तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।  धरने की अध्यक्षता बूटा सिंह और गीता रानी ने संयुक्त रूप से की। उन्होंने आरोप लगाया कि सिविल सर्जन और जिला प्रशासन के रवैये से अस्पताल का कार्य प्रभावित हो रहा है परंतु प्रशासन मूक दर्शक बने तमाशा देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर शनिवार तक हटाए गए कर्मचारियों को वापस नौकरी पर नहीं रखा गया तो सर्व कर्मचारी संघ की जिला इकाई भी आंदोलन में शामिल होने का निर्णय ले सकती है। दूसरी ओर कर्मचारियों की कमी के चलते आपातकाल व अन्य स्थिति में आने वाले मरीजों को स्ट्रेचर ढूंढने से भी नसीब नहीं होता, अस्पताल में लगे नए सफाई कर्मचारियों ने इन स्ट्रेचर पर अस्पताल का अन्य सामान ढोना शुरू कर दिया है। स्ट्रेचर व व्हील चेयर न मिलने की स्थिति में लोग मजबूरी में मरीजों को हाथों में ही उठाकर उपचार कक्ष तक ले जाते हैं। साथ ही  अस्पताल की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं।
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