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बुजुर्गों की पेंशन रुकी, समस्या बढ़ी
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
Updated Sat, 26 Nov 2016 12:27 AM IST
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डबवाली (सिरसा)। नोटबंदी के चलते द सिरसा सेंट्रल को ऑपरेटिव बैंक से संबंधित जिले भर के 35 हजार पेंशनरों की पेंशन रुक गई है। हालात इतने खराब हैं कि बुजुर्ग बैंक प्रबंधकों के आगे आंसू बहाने को मजबूर हो गए हैं।
पिछले करीब पंद्रह दिनों से अनाज मंडी में स्थित द सिरसा सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक में चक्कर काट रहे बुजुर्गों का धैर्य शुक्रवार को जवाब दे गया। बुढ़ापा पेंशन लेने आए शाम लाल, शंकर लाल तथा इंद्राज ने बैंक मैनेजर राय सिंह से पूछ लिया कि उनकी पेंशन कब आएगी? जैसे ही बैंक मैनेजर ने कैश न होने की बात कहीं तो बुजुर्गों की आंखों से आंसू निकलने लगे। सवाल किया कि वे अब किसके द्वार पर जाएं। बुजुर्गों के साथ तनख्वाह लेने आए नगरपरिषद के सफाई कर्मचारियों ने भी खूब हंगामा किया। किसी ने बच्चा बीमार होने या फिर घर पर राशन खत्म होने की दलील देते हुए अपनी तनख्वाह मांगी। कर्मचारियों के अनुसार दूसरा माह भी बीतने को है। अब तक खर्च के लिए महज चार से पांच हजार रुपये मिले हैं। पेंशन, तनख्वाह के बारे में कोई स्पष्ट जवाब न मिलने की सूरत में पेंशनरों ने घर का रास्ता नाप लिया।
फेक्ट शीट
द सिरसा सेंट्रल को ऑपरेटिव बैंक शाखा डबवाली में 200 पेंशनरों के एकाऊंट हैं। पूरे जिला सिरसा की बात करें तो 41 शाखाओं के दायरे में 125 गांवों के करीब 35 हजार बुढ़ापा, विधवा तथा दिव्यांग पेंशनर आते हैं। पेंशनरों के लिए बैंक हर माह चार करोड़ 65 लाख रुपये की डिमांड करता है। इस बार पेंशन के लिए एक पाई बैंक को नहीं मिली है।
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कुछ दिन पूर्व दो करोड़ 52 लाख रुपये बैंक को मिले थे। सरकार के आदेश के बाद इसे 41 शाखाओं में बांटकर कर्मचारियों की तनख्वाह दी गई। हमें नाबार्ड से पैसा मिलेगा। सरकार के आदेश हैं कि प्राथमिकता किसानों को दी जाए। उच्च अधिकारी सरकार से बात कर रहे हैं। जैसे ही पैसा आएगा, पेंशनरों को पेंशन दे दी जाएगी।
-केएल शर्मा, महाप्रबंधक, द सिरसा सेंट्रल को ऑपरेटिव बैंक, सिरसा
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पिछले करीब पंद्रह दिनों से अनाज मंडी में स्थित द सिरसा सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक में चक्कर काट रहे बुजुर्गों का धैर्य शुक्रवार को जवाब दे गया। बुढ़ापा पेंशन लेने आए शाम लाल, शंकर लाल तथा इंद्राज ने बैंक मैनेजर राय सिंह से पूछ लिया कि उनकी पेंशन कब आएगी? जैसे ही बैंक मैनेजर ने कैश न होने की बात कहीं तो बुजुर्गों की आंखों से आंसू निकलने लगे। सवाल किया कि वे अब किसके द्वार पर जाएं। बुजुर्गों के साथ तनख्वाह लेने आए नगरपरिषद के सफाई कर्मचारियों ने भी खूब हंगामा किया। किसी ने बच्चा बीमार होने या फिर घर पर राशन खत्म होने की दलील देते हुए अपनी तनख्वाह मांगी। कर्मचारियों के अनुसार दूसरा माह भी बीतने को है। अब तक खर्च के लिए महज चार से पांच हजार रुपये मिले हैं। पेंशन, तनख्वाह के बारे में कोई स्पष्ट जवाब न मिलने की सूरत में पेंशनरों ने घर का रास्ता नाप लिया।
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द सिरसा सेंट्रल को ऑपरेटिव बैंक शाखा डबवाली में 200 पेंशनरों के एकाऊंट हैं। पूरे जिला सिरसा की बात करें तो 41 शाखाओं के दायरे में 125 गांवों के करीब 35 हजार बुढ़ापा, विधवा तथा दिव्यांग पेंशनर आते हैं। पेंशनरों के लिए बैंक हर माह चार करोड़ 65 लाख रुपये की डिमांड करता है। इस बार पेंशन के लिए एक पाई बैंक को नहीं मिली है।
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कुछ दिन पूर्व दो करोड़ 52 लाख रुपये बैंक को मिले थे। सरकार के आदेश के बाद इसे 41 शाखाओं में बांटकर कर्मचारियों की तनख्वाह दी गई। हमें नाबार्ड से पैसा मिलेगा। सरकार के आदेश हैं कि प्राथमिकता किसानों को दी जाए। उच्च अधिकारी सरकार से बात कर रहे हैं। जैसे ही पैसा आएगा, पेंशनरों को पेंशन दे दी जाएगी।
-केएल शर्मा, महाप्रबंधक, द सिरसा सेंट्रल को ऑपरेटिव बैंक, सिरसा