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थेहड़ का नोटिफिकेशन सीएम ने किया रद, अब अदालत पेश करेगी सरकार
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
Updated Thu, 21 Jul 2016 01:43 AM IST
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थेहड़
- फोटो : bureau
जिले के इतिहास में थेहड़ बहुत ही जटिल व विकट समस्या थी। सभी ने कहा था कि इसका समाधान बहुत मुश्किल है, लेकिन सीएम ने इसे संज्ञान में लेते हुए कार्यवाही कर 1932 की अधिसूचना को डी-नोटिफाई कर थेहड़ को पुरातत्व संरक्षित धरोहर की श्रेणी से हटवाया है। अब सरकार इस अधिसूचना को अदालत के समक्ष पेश करेगी।
यह जानकारी बुधवार को सीएम के राजनीतिक सलाहकार जगदीश चोपड़ा ने बुधवार को स्थानीय पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह में पत्रकारों से बातचीत करते हुए दी। सालों पुरानी थेहड़ समस्या का 1932 में इसका नोटिफिकेशन हुआ था, जिसके तहत सिरसा के थेहड़ को पुरातत्व विभाग की और से संरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया था।
हरियाणा में बनी बीजेपी सरकार ने थेहड़ मामले को लेकर बहुत गहराई से अध्ययन किया। वस्तुस्थिति का आंकलन करने के लिए सरकार ने एक कमेटी बनाई, जिसमें एक प्रतिनिधि पुरातत्व विभाग भारत सरकार, एक प्रतिनिधि पुरातत्व विभाग हरियाणा तथा एक प्रतिनिधि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के पुरातत्व विभाग के मुखिया शामिल थे। कमेटी ने आकर निरीक्षण किया तथा थेहड़ की रिपोर्ट सरकार को भेजी। कमेटी ने सर्व सम्मति से स्वीकार किया कि थेहड़ पर इतने लोग बस गए हैं तथा थोड़ा सा ही क्षेत्र शेष बचा है।
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पुरातत्व की दृष्टि से इस क्षेत्र का उपयोग नहीं किया जा सकता। विशेषज्ञों की रिपोर्ट प्राप्ति के बाद मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक बैठक हुई, जिसमें मुख्य सचिव हरियाणा सरकार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, पुरातत्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, हरियाणा के एडवोकेट जरनल तथा मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार शामिल हुए और गहराई से अध्ययन किया तथा पाया कि थेहड़ की जगह पर पुरातत्व विभाग द्वारा उपयोग व खोज तकरना असंभव है। इसीलिए इसको डी-नोटिफाइड किया जाए तथा भारत के पुरातत्व विभाग को सूचना दी जाए। अब सरकार ने सिरसा के थेहड़ क्षेत्र को डी-नोटिफाइड किया है। चोपड़ा ने कहा कि यह डी-नोटिफिकेशन न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा तथा न्यायालय भी डी-नोटिफिकेशन के अनुरुप ही कार्य करेगा, ऐसा संभव है। उन्होंने कहा कि अब थेहड़ वासियों की समस्या का संपूर्ण समाधान होगा।
बता दें कि इस समय लगभग थेहड़ पर 3500 से अधिक मकान बने हुए हैं और 20 हजार के करीब आबादी रहती है। थेहड़ वासियों को इस समस्या से निजात मिलेगी। सीएम के लिए लैंड कू्रजनर और हेलीकाप्टर की खरीद को लेकर विपक्ष की ओर से की जा रही टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि समय के अनुसार आवश्यकताएं बदलती है और आज समय के अनुसार इसकी जरूरत है। इस महत्वपूर्ण पद वाले व्यक्ति के लिए समय ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। इस अवसर पर हरियाणा महिला विकास निगम की अध्यक्षा रेणू शर्मा, जिलाध्यक्ष भाजपा यतिंद्र सिंह एडवोकेट, युवा भाजपा नेता अमन चोपड़ा, शीशपाल कंबोज, आशा रानी जैन, वीर शांति स्वरुप, सुरेश पंवार, डा. भीम सैन, भोजराज गुर्जर, एडवोकेट अश्विनी शर्मा, भावना शर्मा, थेहड़ निवासी दीपक फुटेला, सुभाष मक्कड़, अवनीश अरोड़ा, सोमनाथ ठक्कर, पवन फुटेला सहित अनेक लोग उपस्थित थे।
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यह जानकारी बुधवार को सीएम के राजनीतिक सलाहकार जगदीश चोपड़ा ने बुधवार को स्थानीय पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह में पत्रकारों से बातचीत करते हुए दी। सालों पुरानी थेहड़ समस्या का 1932 में इसका नोटिफिकेशन हुआ था, जिसके तहत सिरसा के थेहड़ को पुरातत्व विभाग की और से संरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया था।
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हरियाणा में बनी बीजेपी सरकार ने थेहड़ मामले को लेकर बहुत गहराई से अध्ययन किया। वस्तुस्थिति का आंकलन करने के लिए सरकार ने एक कमेटी बनाई, जिसमें एक प्रतिनिधि पुरातत्व विभाग भारत सरकार, एक प्रतिनिधि पुरातत्व विभाग हरियाणा तथा एक प्रतिनिधि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के पुरातत्व विभाग के मुखिया शामिल थे। कमेटी ने आकर निरीक्षण किया तथा थेहड़ की रिपोर्ट सरकार को भेजी। कमेटी ने सर्व सम्मति से स्वीकार किया कि थेहड़ पर इतने लोग बस गए हैं तथा थोड़ा सा ही क्षेत्र शेष बचा है।
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पुरातत्व की दृष्टि से इस क्षेत्र का उपयोग नहीं किया जा सकता। विशेषज्ञों की रिपोर्ट प्राप्ति के बाद मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक बैठक हुई, जिसमें मुख्य सचिव हरियाणा सरकार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, पुरातत्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, हरियाणा के एडवोकेट जरनल तथा मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार शामिल हुए और गहराई से अध्ययन किया तथा पाया कि थेहड़ की जगह पर पुरातत्व विभाग द्वारा उपयोग व खोज तकरना असंभव है। इसीलिए इसको डी-नोटिफाइड किया जाए तथा भारत के पुरातत्व विभाग को सूचना दी जाए। अब सरकार ने सिरसा के थेहड़ क्षेत्र को डी-नोटिफाइड किया है। चोपड़ा ने कहा कि यह डी-नोटिफिकेशन न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा तथा न्यायालय भी डी-नोटिफिकेशन के अनुरुप ही कार्य करेगा, ऐसा संभव है। उन्होंने कहा कि अब थेहड़ वासियों की समस्या का संपूर्ण समाधान होगा।
बता दें कि इस समय लगभग थेहड़ पर 3500 से अधिक मकान बने हुए हैं और 20 हजार के करीब आबादी रहती है। थेहड़ वासियों को इस समस्या से निजात मिलेगी। सीएम के लिए लैंड कू्रजनर और हेलीकाप्टर की खरीद को लेकर विपक्ष की ओर से की जा रही टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि समय के अनुसार आवश्यकताएं बदलती है और आज समय के अनुसार इसकी जरूरत है। इस महत्वपूर्ण पद वाले व्यक्ति के लिए समय ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। इस अवसर पर हरियाणा महिला विकास निगम की अध्यक्षा रेणू शर्मा, जिलाध्यक्ष भाजपा यतिंद्र सिंह एडवोकेट, युवा भाजपा नेता अमन चोपड़ा, शीशपाल कंबोज, आशा रानी जैन, वीर शांति स्वरुप, सुरेश पंवार, डा. भीम सैन, भोजराज गुर्जर, एडवोकेट अश्विनी शर्मा, भावना शर्मा, थेहड़ निवासी दीपक फुटेला, सुभाष मक्कड़, अवनीश अरोड़ा, सोमनाथ ठक्कर, पवन फुटेला सहित अनेक लोग उपस्थित थे।