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Sirsa News: खाद वितरण पर सवालों की आंच, पैक्स की अनदेखी कर निजी सोसायटियों को सप्लाई के आरोप
Fri, 09 Oct 2026 10:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 09 Oct 2026 10:47 PM IST
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सिरसा। जिले में खाद वितरण व्यवस्था को लेकर भारतीय किसान एकता (बीकेई) ने सवाल उठाए हैं। संगठन के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने आरोप लगाया कि सहकारी क्षेत्र के लिए निर्धारित खाद का 60 प्रतिशत कोटा गांवों की पैक्स समितियों तक समान रूप से पहुंचने के बजाय निजी सहकारी सोसायटियों को दिया जा रहा है।
औलख ने हरियाणा सरकार और कृषि महानिदेशक को लिखित शिकायत भेजकर जांच की मांग की है। खाद वितरण में 60 प्रतिशत कोटा सहकारी क्षेत्र और 40 प्रतिशत निजी क्षेत्र के लिए निर्धारित है। इसका उद्देश्य किसानों को गांवों में पैक्स और बिक्री केंद्रों के माध्यम से डीएपी व यूरिया उपलब्ध करवाना है।
सिरसा जिले में 38 पैक्स समितियां और उनके अधीन 201 बिक्री केंद्र हैं। इसके बावजूद इन केंद्रों को पर्याप्त और समान मात्रा में खाद नहीं मिलने का आरोप है। औलख ने बताया कि उन्होंने खाद की समस्या को लेकर हैफेड के जिला प्रबंधक राजेश हुड्डा से मुलाकात की थी।
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इस दौरान जिला प्रबंधक ने कहा कि मांग भेजने वाली पैक्स समितियों को खाद की आपूर्ति की जाती है। इसके बाद उन्होंने कोऑपरेटिव बैंक के महाप्रबंधक ऋषि पाल से भी संपर्क किया, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। औलख का आरोप है कि अधिकारी जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डाल रहे हैं।
बीकेई प्रदेशाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि एफपीओ, निजी मल्टीपरपज कोऑपरेटिव सोसायटियों और नई समितियों को खाद आपूर्ति में प्राथमिकता दी जा रही है। उनका दावा है कि हैफेड, इफको और कृभको से आने वाली खाद की खेप में पैक्स समितियों और किसान बिक्री केंद्रों को पर्याप्त हिस्सा देने के बजाय कुछ निजी सोसायटियों को हजारों कट्टे उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
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औलख ने हरियाणा सरकार और कृषि महानिदेशक को लिखित शिकायत भेजकर जांच की मांग की है। खाद वितरण में 60 प्रतिशत कोटा सहकारी क्षेत्र और 40 प्रतिशत निजी क्षेत्र के लिए निर्धारित है। इसका उद्देश्य किसानों को गांवों में पैक्स और बिक्री केंद्रों के माध्यम से डीएपी व यूरिया उपलब्ध करवाना है।
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सिरसा जिले में 38 पैक्स समितियां और उनके अधीन 201 बिक्री केंद्र हैं। इसके बावजूद इन केंद्रों को पर्याप्त और समान मात्रा में खाद नहीं मिलने का आरोप है। औलख ने बताया कि उन्होंने खाद की समस्या को लेकर हैफेड के जिला प्रबंधक राजेश हुड्डा से मुलाकात की थी।
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इस दौरान जिला प्रबंधक ने कहा कि मांग भेजने वाली पैक्स समितियों को खाद की आपूर्ति की जाती है। इसके बाद उन्होंने कोऑपरेटिव बैंक के महाप्रबंधक ऋषि पाल से भी संपर्क किया, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। औलख का आरोप है कि अधिकारी जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डाल रहे हैं।
बीकेई प्रदेशाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि एफपीओ, निजी मल्टीपरपज कोऑपरेटिव सोसायटियों और नई समितियों को खाद आपूर्ति में प्राथमिकता दी जा रही है। उनका दावा है कि हैफेड, इफको और कृभको से आने वाली खाद की खेप में पैक्स समितियों और किसान बिक्री केंद्रों को पर्याप्त हिस्सा देने के बजाय कुछ निजी सोसायटियों को हजारों कट्टे उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।