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Sirsa News: हरियाणा राज्य अनुसूचित जाति आयोग की उपाध्यक्ष रेणु डाबला बोलीं-शिकायतों के निपटारे में देरी बर्दाश्त नहीं, 19 में से 7 शिकायतें निपटाईं

Fri, 09 Oct 2026 10:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Fri, 09 Oct 2026 10:50 PM IST
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Haryana State Scheduled Caste Commission's Vice-Chairperson Renu Dabla said - delays in resolving complaints are unacceptable, 7 out of 19 complaints have been resolved.
सिरसा में अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित शिकायतों की सुनवाई करतीं हरियाणा राज्य अनुसूचित जाति आय
सिरसा। अनुसूचित जाति वर्ग की शिकायतों के निपटारे में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। हरियाणा राज्य अनुसूचित जाति आयोग की उपाध्यक्ष रेणु डाबला ने शुक्रवार को लघु सचिवालय के सभागार में सुनवाई के दौरान अधिकारियों को समयबद्ध और निष्पक्ष कार्रवाई के निर्देश दिए।
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आयोग के समक्ष कुल 19 शिकायतें आईं। इनमें से सात का मौके पर समाधान किया गया जबकि तीन मामलों में पुलिस को दोबारा जांच के निर्देश दिए गए। आठ शिकायतों की सुनवाई आयोग मुख्यालय में होगी। शेष चार मामलों में दोनों पक्षों के उपस्थित नहीं होने के कारण सुनवाई आगामी बैठक तक स्थगित कर दी गई।
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सुनवाई के दौरान उपाध्यक्ष ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों की जांच में देरी न हो और सभी संबंधित पक्षों को शामिल किया जाए। सामान्य प्रशासन से जुड़ी कुछ शिकायतों पर भी जल्द कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
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बैठक में उपायुक्त शांतनु शर्मा, पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन, सीटीएम अजय कुमार, डीएसपी राजवीर, डीएसपी ललित कुमार, जिला कल्याण अधिकारी राकेश सहित रत्नलाल बामणिया, सुरेंद्र आर्य, सुमन शर्मा और अंबर मेहता समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

पीड़ितों को समय पर मिले न्याय और आर्थिक सहायता
पत्रकारों से बातचीत में रेणु डाबला ने कहा कि आयोग अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित शिकायतों की सुनवाई कर विभिन्न स्तरों पर उनकी जांच करवाता है। यदि कोई पक्ष जांच या कार्रवाई से संतुष्ट नहीं होता तो मामले की दोबारा सुनवाई कर आवश्यक कदम उठाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में पीड़ितों को मुआवजा या आर्थिक सहायता दी जानी है उनमें निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई जरूरी है। आयोग पहले भी संबंधित अधिकारियों को ऐसे मामलों में शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दे चुका है। पीड़ितों को जल्द राहत दिलाना और न्याय सुनिश्चित करना आयोग की प्राथमिकता है।
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