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गुस्साए कर्मचारियों ने काले बिल्ले लगाकर किया रोष प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
Updated Fri, 15 Jul 2016 12:38 AM IST
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प्रदर्शन
- फोटो : bureau
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इंडियन पब्लिक फेडरेशन के आह्वान पर हरियाणा संयुक्त कर्मचारी मंच से संबंधित तमाम कर्मचारी संगठनों ने केंद्र व राज्य सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ 14 जुलाई को काले बिल्ले लगाकर अपनी मांगों के समर्थन में रोष प्रकट किया।
प्रवक्ता हरिकृष्ण कुतीनिया ने बताया कि केंद्र सरकार ने जो सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट पेश की है वह अब तक इतिहास की सबसे निमभन व घटिया स्तर की रिपोर्ट है, जिससे तृतीय व चतुर्थ स्तर के कर्मचारियों को बहुत ही कम लाभ दिया गया है। आईएएस व आईपीएस स्तर के अधिकारियों को तीन गुना फायदा पहुंचाने का काम किया है। जिससे प्रदेश के कर्मचारियों में केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने चुनावों से पूर्व अनेक वादे किए थे। जिसमें एक भी वायदा पूरा नहीं किया गया है जब हरियाणा प्रदेश में विभिन्न विभागों में लाखों पद खाली पड़े है जिस पर रेगुलर भर्ती की जावे और पहले कार्यरत एडहॉक, डेलीवेजिज, टर्म बेसिस व अनुबंध आधार पर लगे हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकालकर बेरोजगार करने का काम इस सरकार द्वारा किया जा रहा है।
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डब्लयूएसएसओ के बीआरसी स्टॉफ को तुरंत पक्का किया जावे व क्लेरिकल के कर्मचारियों को पंजाब के समान वेतन दिया जाए। सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए। तकनीकि पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को एक मई 1990 से 1200-2040 रुपये का वेतन मान दिया जाए। रिक्त पदों को तुरंत भर्ती से भरा जाए। कैशलैस मेडिकल सुविधा लागू हो और भ्रष्टाचार पर तुरंत प्रभाव से अंकुश लगाया जाए। कच्चे कर्मचारियों को डीसी रेट पर वेतन दिया जाए। पीडब्ल्यूडी के तीनों विभागों के फील्ड कर्मचारियों के लिए सेवा नियम बनाया जाए। इस अवसर पर चालक संघ से हरीराम जाजड़ा, रामस्वरूप प्रधान, तेलुराम, राजपाल, फूसाराम आदि ने भी कर्मचारियों को संबोधित किया।
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प्रवक्ता हरिकृष्ण कुतीनिया ने बताया कि केंद्र सरकार ने जो सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट पेश की है वह अब तक इतिहास की सबसे निमभन व घटिया स्तर की रिपोर्ट है, जिससे तृतीय व चतुर्थ स्तर के कर्मचारियों को बहुत ही कम लाभ दिया गया है। आईएएस व आईपीएस स्तर के अधिकारियों को तीन गुना फायदा पहुंचाने का काम किया है। जिससे प्रदेश के कर्मचारियों में केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने चुनावों से पूर्व अनेक वादे किए थे। जिसमें एक भी वायदा पूरा नहीं किया गया है जब हरियाणा प्रदेश में विभिन्न विभागों में लाखों पद खाली पड़े है जिस पर रेगुलर भर्ती की जावे और पहले कार्यरत एडहॉक, डेलीवेजिज, टर्म बेसिस व अनुबंध आधार पर लगे हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकालकर बेरोजगार करने का काम इस सरकार द्वारा किया जा रहा है।
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डब्लयूएसएसओ के बीआरसी स्टॉफ को तुरंत पक्का किया जावे व क्लेरिकल के कर्मचारियों को पंजाब के समान वेतन दिया जाए। सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए। तकनीकि पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को एक मई 1990 से 1200-2040 रुपये का वेतन मान दिया जाए। रिक्त पदों को तुरंत भर्ती से भरा जाए। कैशलैस मेडिकल सुविधा लागू हो और भ्रष्टाचार पर तुरंत प्रभाव से अंकुश लगाया जाए। कच्चे कर्मचारियों को डीसी रेट पर वेतन दिया जाए। पीडब्ल्यूडी के तीनों विभागों के फील्ड कर्मचारियों के लिए सेवा नियम बनाया जाए। इस अवसर पर चालक संघ से हरीराम जाजड़ा, रामस्वरूप प्रधान, तेलुराम, राजपाल, फूसाराम आदि ने भी कर्मचारियों को संबोधित किया।