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डीएपी की किल्लत : अलसुबह तीन बजे कतार में लगे किसान, साढ़े 10 बजे पता चला- खाद का स्टॉक खत्म, रोषित किसानों ने डबवाली रोड पर लगाया जाम
Wed, 13 Nov 2024 12:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 13 Nov 2024 12:46 AM IST
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सिरसा के डबवाली रोड पर जाम लगाकर बैठे किसान व लगी वाहनों की कतार। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिले में डीएपी के लिए मारामारी जारी है। हालात ये हैं कि कई किसानों को तो तीन-तीन दिन लाइन में लगने के बाद भी एक बैग खाद नहीं मिल रही। इसके चलते किसानों में भारी रोष है। खाद के लिए टोकन न कटने से नाराज किसानों ने मंगलवार सुबह साढ़े 11 बजे डबवाली रोड पर जाम लगा दिया। किसानों का कहना है कि वे अलसुबह तीन बजे से लाइन में लगे हैं और साढ़े दस बजे बताया जा रहा है कि स्टाॅक खत्म है।
करीब डेढ़ घंटे तक किसान रोड पर जाम लगाकर बैठे रहे। सूचना मिलने पर कृषि विभाग और पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। किसानों ने अधिकारियों को बताया कि उन्हें गेहूं की बिजाई करनी है और बिना डीएपी संभव नहीं है। 12 नवंबर का समय हो गया है और महज तीन दिन ही बिजाई के नियमानुसार बचे है। इससे ज्यादा देरी पर फसल की औसत पर असर होगा। कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को समझाने का प्रयास किया कि टीएसपी खाद बड़े स्तर पर उनके पास है। किसान उसका प्रयोग कर बिजाई कर सकते हैं। इसकी कीमत भी डीएपी से कम है। किसानों ने कहा कि वह डीएपी ही लेकर जाएंगे।
अधिकारियों ने कहा कि डीएपी का स्टॉक खत्म हो चुका है। ऐसे में वे बिना स्टाॅक खाद का वितरण कहां से करें। शुक्रवार को डीएपी आने के साथ ही वितरित दर दी जाएगी। इसके बाद किसानों ने अपना धरना खत्म किया।
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रोड पर वाहनों की लगी कतार
किसानों के रोड जाम करने चलते यातायात व्यवस्था ठप हो गई। दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई। उप पुलिस अधीक्षक आदर्शदीप, शहर थाना प्रभारी सत्यवान, सिविल लाइन थाना प्रभारी दिनकर यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और दूसरे रास्तों से व्यवस्था बनाने का कार्य किया गया ताकि वाहन चालकों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। धरना खत्म होने के बाद भारी वाहनों के कारण जाम की स्थिति बनी रही।
किसान बोले- नहीं मिली खाद, गेहूं बिजाई के लिए दोबारा से करनी पड़ेगी सिंचाई
चामल निवासी किसान हनीश कुमार, पंजुआना के किसान दिनेश कुमार, मनोज कुमार चामल, सतीश कुमार नेजियाखेड़ा, गुरदेव सिंह झोरड़नाली ने बताया कि वे मंगलवार को अलसुबह तीन बजे नेहरू पार्क आकर कतार में लग गए। किसानों को जानकारी मिली थी कि सुबह 10 बजे कृषि विभाग के अधिकारी खाद के लिए टोकन देंगे। 10.30 बजे बताया गया कि खाद का स्टॉक नहीं है। किसानों ने कहा कि अब गेहूं की बिजाई का समय चल रहा है। फसल की बिजाई करने के लिए भूमि की सिंचाई भी कर रखी है, डीएपी नहीं मिली तो सब कैसे होगा। किसानों ने कहा कि उन्हें बिजाई के लिए दोबारा से भूमि की सिंचाई करनी होगी, जिससे उनका आर्थिक नुकसान के साथ-साथ फसल के उत्पादन पर भी असर पड़ेगा।
तीन दिन से कतार में लगने के बाद भी नहीं मिली खाद
खारियां निवासी किसान कुलदीप कुमार ने बताया कि वह पिछले तीन दिन से लगातार डीएपी के लिए लाइन में लग रहे हैं। उन्हें अभी तक एक भी बैग खाद का नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि सुबह तीन बजे उसका भाई खाद के लिए लाइन में लगा था। लेकिन आज भी खाद नहीं मिली।
एनपीके, एसएसपी और टीएसपी खाद उपलब्ध पर किसान खरीदने का राजी नहीं
सरकार द्वारा डीएपी के विकल्प के तौर पर एनपीके, एसएसपी और टीएसपी खाद उपलब्ध करवाई है। इसको खरीदने में किसान राजी नहीं है। किसानों के अनुसार एसएसपी और एनपीके का असर फसलों पर कैसा होता है हमें क्या पता है। हमारे क्षेत्र में किसी ने बिजाई की होती है और उसका उत्पाद हम देखते तो कहीं यकीन कर सकते थे। सरकार ने सीधे लाकर थोप दी, ऐसे कैसे विश्वास कर ले।
कोट्स
टीएसपी खाद का 26500 बैग का स्टॉक कृषि विभाग के पास पड़ा है। इस खाद में सिर्फ नाइट्रोजन नहीं है। नाइट्रोजन की मात्रा यूरिया से पूरी हो जाती है। किसान टीएसपी का प्रयोग भी यूरिया मिलाकर कर सकते हैं। अब डीएपी का स्टॉक शुक्रवार को आएगा। उसके साथ ही खाद का वितरण होगा। - डॉ. अमित शर्मा, एसडीओ, कृषि विभाग।
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सिरसा। जिले में डीएपी के लिए मारामारी जारी है। हालात ये हैं कि कई किसानों को तो तीन-तीन दिन लाइन में लगने के बाद भी एक बैग खाद नहीं मिल रही। इसके चलते किसानों में भारी रोष है। खाद के लिए टोकन न कटने से नाराज किसानों ने मंगलवार सुबह साढ़े 11 बजे डबवाली रोड पर जाम लगा दिया। किसानों का कहना है कि वे अलसुबह तीन बजे से लाइन में लगे हैं और साढ़े दस बजे बताया जा रहा है कि स्टाॅक खत्म है।
करीब डेढ़ घंटे तक किसान रोड पर जाम लगाकर बैठे रहे। सूचना मिलने पर कृषि विभाग और पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। किसानों ने अधिकारियों को बताया कि उन्हें गेहूं की बिजाई करनी है और बिना डीएपी संभव नहीं है। 12 नवंबर का समय हो गया है और महज तीन दिन ही बिजाई के नियमानुसार बचे है। इससे ज्यादा देरी पर फसल की औसत पर असर होगा। कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को समझाने का प्रयास किया कि टीएसपी खाद बड़े स्तर पर उनके पास है। किसान उसका प्रयोग कर बिजाई कर सकते हैं। इसकी कीमत भी डीएपी से कम है। किसानों ने कहा कि वह डीएपी ही लेकर जाएंगे।
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अधिकारियों ने कहा कि डीएपी का स्टॉक खत्म हो चुका है। ऐसे में वे बिना स्टाॅक खाद का वितरण कहां से करें। शुक्रवार को डीएपी आने के साथ ही वितरित दर दी जाएगी। इसके बाद किसानों ने अपना धरना खत्म किया।
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रोड पर वाहनों की लगी कतार
किसानों के रोड जाम करने चलते यातायात व्यवस्था ठप हो गई। दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई। उप पुलिस अधीक्षक आदर्शदीप, शहर थाना प्रभारी सत्यवान, सिविल लाइन थाना प्रभारी दिनकर यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और दूसरे रास्तों से व्यवस्था बनाने का कार्य किया गया ताकि वाहन चालकों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। धरना खत्म होने के बाद भारी वाहनों के कारण जाम की स्थिति बनी रही।
किसान बोले- नहीं मिली खाद, गेहूं बिजाई के लिए दोबारा से करनी पड़ेगी सिंचाई
चामल निवासी किसान हनीश कुमार, पंजुआना के किसान दिनेश कुमार, मनोज कुमार चामल, सतीश कुमार नेजियाखेड़ा, गुरदेव सिंह झोरड़नाली ने बताया कि वे मंगलवार को अलसुबह तीन बजे नेहरू पार्क आकर कतार में लग गए। किसानों को जानकारी मिली थी कि सुबह 10 बजे कृषि विभाग के अधिकारी खाद के लिए टोकन देंगे। 10.30 बजे बताया गया कि खाद का स्टॉक नहीं है। किसानों ने कहा कि अब गेहूं की बिजाई का समय चल रहा है। फसल की बिजाई करने के लिए भूमि की सिंचाई भी कर रखी है, डीएपी नहीं मिली तो सब कैसे होगा। किसानों ने कहा कि उन्हें बिजाई के लिए दोबारा से भूमि की सिंचाई करनी होगी, जिससे उनका आर्थिक नुकसान के साथ-साथ फसल के उत्पादन पर भी असर पड़ेगा।
तीन दिन से कतार में लगने के बाद भी नहीं मिली खाद
खारियां निवासी किसान कुलदीप कुमार ने बताया कि वह पिछले तीन दिन से लगातार डीएपी के लिए लाइन में लग रहे हैं। उन्हें अभी तक एक भी बैग खाद का नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि सुबह तीन बजे उसका भाई खाद के लिए लाइन में लगा था। लेकिन आज भी खाद नहीं मिली।
एनपीके, एसएसपी और टीएसपी खाद उपलब्ध पर किसान खरीदने का राजी नहीं
सरकार द्वारा डीएपी के विकल्प के तौर पर एनपीके, एसएसपी और टीएसपी खाद उपलब्ध करवाई है। इसको खरीदने में किसान राजी नहीं है। किसानों के अनुसार एसएसपी और एनपीके का असर फसलों पर कैसा होता है हमें क्या पता है। हमारे क्षेत्र में किसी ने बिजाई की होती है और उसका उत्पाद हम देखते तो कहीं यकीन कर सकते थे। सरकार ने सीधे लाकर थोप दी, ऐसे कैसे विश्वास कर ले।
कोट्स
टीएसपी खाद का 26500 बैग का स्टॉक कृषि विभाग के पास पड़ा है। इस खाद में सिर्फ नाइट्रोजन नहीं है। नाइट्रोजन की मात्रा यूरिया से पूरी हो जाती है। किसान टीएसपी का प्रयोग भी यूरिया मिलाकर कर सकते हैं। अब डीएपी का स्टॉक शुक्रवार को आएगा। उसके साथ ही खाद का वितरण होगा। - डॉ. अमित शर्मा, एसडीओ, कृषि विभाग।

सिरसा के डबवाली रोड पर जाम लगाकर बैठे किसान व लगी वाहनों की कतार। संवाद