{"_id":"6aca9c747d66a9c4710dc730","slug":"sentence-of-convict-in-narcotic-pill-smuggling-case-suspended-sirsa-news-c-128-1-sir1004-166498-2026-10-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: नशे की गोलियों की तस्करी में दोषी की सजा निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: नशे की गोलियों की तस्करी में दोषी की सजा निलंबित
Sun, 11 Oct 2026 01:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 11 Oct 2026 01:43 AM IST
विज्ञापन
सिरसा। प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी के दोषी हरि सिंह को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से राहत मिली है। हाईकोर्ट ने उसकी 11 साल की कैद की सजा निलंबित करने की याचिका स्वीकार कर ली है। जिला की स्पेशल एनडीपीएस फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 14 फरवरी 2024 को उसे यह सजा सुनाई थी।
हरि सिंह पर 1 लाख 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। दोषी अब तक पांच साल तीन माह और 14 दिन की सजा काट चुका है। वर्ष 2026 में उसने अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। आठ अक्तूबर को न्यायाधीश अनूप चितकारा और हरमीत सिंह की पीठ ने सुनवाई की।
पीठ ने याचिका स्वीकार करते हुए सजा निलंबित करने का आदेश दिया। हाईकोर्ट ने गवाहों की सुरक्षा और सामाजिक हितों की रक्षा को महत्वपूर्ण बताया। इसी कारण याचिकाकर्ता के हथियार रखने पर रोक लगाने की शर्त लगाई गई है।
विज्ञापन
आदेश के अनुसार, रिहा होने के 15 दिनों के भीतर उसे अपने सभी हथियार और लाइसेंस संबंधित अधिकारी के पास जमा कराने होंगे। इसकी सूचना जांच अधिकारी को भी देनी होगी।
विज्ञापन
हरि सिंह पर 1 लाख 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। दोषी अब तक पांच साल तीन माह और 14 दिन की सजा काट चुका है। वर्ष 2026 में उसने अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। आठ अक्तूबर को न्यायाधीश अनूप चितकारा और हरमीत सिंह की पीठ ने सुनवाई की।
विज्ञापन
पीठ ने याचिका स्वीकार करते हुए सजा निलंबित करने का आदेश दिया। हाईकोर्ट ने गवाहों की सुरक्षा और सामाजिक हितों की रक्षा को महत्वपूर्ण बताया। इसी कारण याचिकाकर्ता के हथियार रखने पर रोक लगाने की शर्त लगाई गई है।
विज्ञापन
आदेश के अनुसार, रिहा होने के 15 दिनों के भीतर उसे अपने सभी हथियार और लाइसेंस संबंधित अधिकारी के पास जमा कराने होंगे। इसकी सूचना जांच अधिकारी को भी देनी होगी।