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Sirsa News: पार्कों में डाला जा रहा मलबा, छह माह में ही टूटने लगे सिंथेटिक ट्रैक
Sun, 28 Jun 2026 10:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 28 Jun 2026 10:55 PM IST
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ताउ देवीलाल चिल्ड्रन पार्क में डाल गया मलबा। स्थानीय लोग
- ताऊ देवीलाल चिल्ड्रेन पार्क में मलबा डालने में जुटा प्रशासन, लोग परेशान
- एडीसी आवास के पास सुभाष पार्क में छह माह में टूटे सिंथेटिक ट्रैक को दुरुस्त करने की आई याद
फोटो - 31,32
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर के पार्कों को संस्थाओं को देने के बाद सुधार की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। शहर के प्रमुख पार्कों की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। इससे नागरिकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। कहीं पार्कों में मलबा डाला जा रहा है तो कहीं लाखों रुपये की लागत से बने सिंथेटिक ट्रैक समय से पहले ही टूटने लगे हैं। रख-रखाव की कमी और निरंतर मॉनिटरिंग नहीं होने के कारण सार्वजनिक स्थलों की सुंदरता और उपयोगिता दोनों प्रभावित हो रही हैं।
ताऊ देवी लाल चिल्ड्रेन पार्क में हाल ही में मलबा डाले जाने की स्थिति सामने आई है। इससे पार्क में आने वाले लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पार्क एक संस्था को गोद दिया गया है। इसके बावजूद देखरेख और साफ-सफाई को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। पार्क में मलबा जमा होने से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए घूमना-फिरना मुश्किल हो गया है।
दूसरी ओर, एडीसी आवास के पास स्थित सुभाष पार्क में छह महीने के भीतर ही सिंथेटिक ट्रैक की हालत खराब हो गई है। डी-प्लान के तहत लगभग 32 लाख रुपये की लागत से बनाए गए इस ट्रैक में जगह-जगह दरारें और उखड़न दिखाई देने लगी है। स्थिति यह है कि गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं और नागरिकों में असंतोष बढ़ रहा है। वहीं, जिला नगर आयुक्त के संज्ञान में मामला आने के बाद तुरंत प्रभाव से एजेंसी को नोटिस जारी कर सिंथेटिक ट्रैक दुरुस्त करने के आदेश जारी किए गए।
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दिल्ली से लेकर आई एजेंसी मैटीरियल
जिला नगर आयुक्त के आदेशों के बाद सुभाष पार्क में सिंथेटिक ट्रैक बनाने वाली एजेंसी हरकत में आ गई। शनिवार को दिल्ली से मंगवाए गए मैटीरियल के माध्यम से ट्रैक की मरम्मत का कार्य शुरू किया गया है। ठेकेदार द्वारा सुधार कार्य किया जा रहा है लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी जल्दी ट्रैक का खराब होना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल है।
वहीं, पूर्व अधिकारियों की मानें तो एजेंसी ने सैंपल लिए थे। उस सैंपल के साथ के एरिया में ही सबसे ज्यादा दिक्कत आई है। समय रहते ही दुरुस्त एजेंसी कर देती तो यह स्थिति नहीं होती।
पार्क में नहीं है गेट, दीवार टूटी
सुभाष पार्क में दीवार क्षतिग्रस्त होने के कारण बेसहारा पशुओं का प्रवेश भी लगातार बना हुआ है। इससे न केवल सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है बल्कि पार्क में आने वाले लोगों की सुरक्षा को भी खतरा बना हुआ है। सुबह और शाम के समय घूमने आने वाले लोग आवारा पशुओं की मौजूदगी से असहज महसूस कर रहे हैं। इस ट्रैक पर पशुओं के विचरण करने से भी नुकसान पहुंचता है। एडीसी आवास के सामने बने इस पार्क की मरम्मत करवाने की जरूरत है। शाम के समय घूमने वाले लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पार्कों की नियमित निगरानी, मरम्मत और साफ-सफाई के लिए स्थायी व्यवस्था बनाई जाए। साथ ही निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा सामने न आए।
कोट्स
मेरे पास कुछ दिन पहले ही चार्ज आया है। सभी पार्कों का निरीक्षण कर रहा हूं। जहां-जहां पर पार्कों में दिक्कत है। उन सभी को ठीक कराया जाएगा। संस्था सही काम नहीं कर रही है तो संस्था को नोटिस होगा। यदि एजेंसी ने काम किया है और खराबी आई है तो एजेंसी को नोटिस दिया जाएगा। पार्क को लेकर कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
-रोहित हुड्डा, जेई, नगर परिषद।
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- एडीसी आवास के पास सुभाष पार्क में छह माह में टूटे सिंथेटिक ट्रैक को दुरुस्त करने की आई याद
फोटो - 31,32
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर के पार्कों को संस्थाओं को देने के बाद सुधार की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। शहर के प्रमुख पार्कों की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। इससे नागरिकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। कहीं पार्कों में मलबा डाला जा रहा है तो कहीं लाखों रुपये की लागत से बने सिंथेटिक ट्रैक समय से पहले ही टूटने लगे हैं। रख-रखाव की कमी और निरंतर मॉनिटरिंग नहीं होने के कारण सार्वजनिक स्थलों की सुंदरता और उपयोगिता दोनों प्रभावित हो रही हैं।
ताऊ देवी लाल चिल्ड्रेन पार्क में हाल ही में मलबा डाले जाने की स्थिति सामने आई है। इससे पार्क में आने वाले लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पार्क एक संस्था को गोद दिया गया है। इसके बावजूद देखरेख और साफ-सफाई को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। पार्क में मलबा जमा होने से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए घूमना-फिरना मुश्किल हो गया है।
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दूसरी ओर, एडीसी आवास के पास स्थित सुभाष पार्क में छह महीने के भीतर ही सिंथेटिक ट्रैक की हालत खराब हो गई है। डी-प्लान के तहत लगभग 32 लाख रुपये की लागत से बनाए गए इस ट्रैक में जगह-जगह दरारें और उखड़न दिखाई देने लगी है। स्थिति यह है कि गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं और नागरिकों में असंतोष बढ़ रहा है। वहीं, जिला नगर आयुक्त के संज्ञान में मामला आने के बाद तुरंत प्रभाव से एजेंसी को नोटिस जारी कर सिंथेटिक ट्रैक दुरुस्त करने के आदेश जारी किए गए।
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दिल्ली से लेकर आई एजेंसी मैटीरियल
जिला नगर आयुक्त के आदेशों के बाद सुभाष पार्क में सिंथेटिक ट्रैक बनाने वाली एजेंसी हरकत में आ गई। शनिवार को दिल्ली से मंगवाए गए मैटीरियल के माध्यम से ट्रैक की मरम्मत का कार्य शुरू किया गया है। ठेकेदार द्वारा सुधार कार्य किया जा रहा है लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी जल्दी ट्रैक का खराब होना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल है।
वहीं, पूर्व अधिकारियों की मानें तो एजेंसी ने सैंपल लिए थे। उस सैंपल के साथ के एरिया में ही सबसे ज्यादा दिक्कत आई है। समय रहते ही दुरुस्त एजेंसी कर देती तो यह स्थिति नहीं होती।
पार्क में नहीं है गेट, दीवार टूटी
सुभाष पार्क में दीवार क्षतिग्रस्त होने के कारण बेसहारा पशुओं का प्रवेश भी लगातार बना हुआ है। इससे न केवल सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है बल्कि पार्क में आने वाले लोगों की सुरक्षा को भी खतरा बना हुआ है। सुबह और शाम के समय घूमने आने वाले लोग आवारा पशुओं की मौजूदगी से असहज महसूस कर रहे हैं। इस ट्रैक पर पशुओं के विचरण करने से भी नुकसान पहुंचता है। एडीसी आवास के सामने बने इस पार्क की मरम्मत करवाने की जरूरत है। शाम के समय घूमने वाले लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पार्कों की नियमित निगरानी, मरम्मत और साफ-सफाई के लिए स्थायी व्यवस्था बनाई जाए। साथ ही निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा सामने न आए।
कोट्स
मेरे पास कुछ दिन पहले ही चार्ज आया है। सभी पार्कों का निरीक्षण कर रहा हूं। जहां-जहां पर पार्कों में दिक्कत है। उन सभी को ठीक कराया जाएगा। संस्था सही काम नहीं कर रही है तो संस्था को नोटिस होगा। यदि एजेंसी ने काम किया है और खराबी आई है तो एजेंसी को नोटिस दिया जाएगा। पार्क को लेकर कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
-रोहित हुड्डा, जेई, नगर परिषद।