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Sirsa News: भारत बंद को लेकर रोडवेज यूनियन करेगी बसों का चक्का जाम
Thu, 15 Feb 2024 11:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 15 Feb 2024 11:27 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। किसानों के आंदोलन के कारण रोडवेज की अधिकांश बसें बीच रास्ते से ही लौट रही हैं। अब शुक्रवार को भारत बंद का समर्थन करते हुए रोडवेज यूनियन ने भी बसों का चक्का जाम करने का एलान किया है। ऐसे में आमजन की परेशानी और बढ़ जाएगी। हालांकि रोडवेज प्रबंधन ने दावा किया कि बसों को सुचारू रूप से चलाया जाएगा।
वीरवार को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर भेजी गई 30 बसें भी नारनौल से ही लौट आईं। किसान आंदोलन के चलते रास्ते बाधित होने से दिल्ली, चंडीगढ़ व राजस्थान के गंगानगर जाने वाले यात्री सबसे अधिक प्रभावित हैं। कई घंटे इंतजार करने के बाद इन रूटों पर एक-एक बस चलाई जाती है, लेकिन ये बसें भी अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रही। वीरवार को चंडीगढ़ जाने वाली बस कैथल तक ही गई तो दिल्ली जाने वाली बस बहादुरगढ़ से लौट आई। गंगानगर समेत राजस्थान रूट पर चलने वाले यात्री भी करीब 5 घंटे तक बस अड्डा पर इंतजार करते रहे। राजस्थान की रोडवेज बसों के चालकों को राजस्थान परिवहन विभाग से निर्देश दिए गए हैं कि चालक अपनी जिम्मेदारी पर ही बस चलाए। सिरसा के बस अड्डा में राजस्थान रोडवेज की करीब 19 बसें लगी होती हैं। वीरवार को एक ही बस चलाई गई। पंजाब के बठिंडा, मानसा, सरदुलगढ़, राजस्थान के गंगानगर, दिल्ली व चंडीगढ़ रूटों पर सबसे ज्यादा परेशानी यात्रियों को उठानी पड़ी।
उपचार से वंचित रह रहे लोग
बसों के सहारे चंडीगढ़ और दिल्ली एम्स में उपचार के लिए जाने वाले मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इन लोगों को निजी वाहनों का सहारा दिल्ली पहुंचने के लिए लेना पड़ रहा है। ऐसे में जो लोग निजी वाहनों का वहन नहीं कर पा रह हैं। वे अपने चिकित्सकों से संपर्क साधकर आगे की तारीख ले रहे हैं।
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कुल रोडवेज की बसें - 243 बस
प्राइवेट बसें - 70 बस
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यात्रियों ने बताई अपनी व्यथा
राजस्थान के गंगानगर निवासी 70 वर्षीय शांति देवी हिसार से गंगानगर जाने के लिए सिरसा के बस अड्डा पर पहुंचीं। सिर पर और हाथों में भारी सामान लेकर वह छह घंटे तक बस स्टैंड में इधर-उधर दौड़ती रही, लेकिन कोई बस नहीं मिली। इसी प्रकार फतेहाबाद से टेलाराम, सुनीता, कालाराम, सतपाल व टेलाराम को भी गंगानगर वाली बस में रवाना होना था। इन्होंने बताया कि वीरवार को उनके परिवार में शादी समारोह है। पांच घंटे से अड्डे पर खड़े हैं, लेकिन कोई वाहन नहीं मिला।
रोडवेज की बसें बंद नहीं की गई है। यहां से सभी बसें रवाना की जा रही हैं। जहां तक संभव है, वहां तक यात्रियों को पहुंचाया जा रहा है। जिन रास्तों पर बैरिकेड लगे हैं, वहां सबसे अधिक परेशानी है। - मनोज शर्मा, महाप्रबंधक, रोडवेज सिरसा।
कोट्स
भारत बंद के आह्वान पर 16 फरवरी को रोडवेज का चक्का जाम रहेगा। रोडवेज के साथ विभिन्न संगठनों ने भी भारत बंद को समर्थन दिया है। - पृथ्वी सिंह चाहर, प्रधान, सिरसा डिपो रोडवेज
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सिरसा। किसानों के आंदोलन के कारण रोडवेज की अधिकांश बसें बीच रास्ते से ही लौट रही हैं। अब शुक्रवार को भारत बंद का समर्थन करते हुए रोडवेज यूनियन ने भी बसों का चक्का जाम करने का एलान किया है। ऐसे में आमजन की परेशानी और बढ़ जाएगी। हालांकि रोडवेज प्रबंधन ने दावा किया कि बसों को सुचारू रूप से चलाया जाएगा।
वीरवार को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर भेजी गई 30 बसें भी नारनौल से ही लौट आईं। किसान आंदोलन के चलते रास्ते बाधित होने से दिल्ली, चंडीगढ़ व राजस्थान के गंगानगर जाने वाले यात्री सबसे अधिक प्रभावित हैं। कई घंटे इंतजार करने के बाद इन रूटों पर एक-एक बस चलाई जाती है, लेकिन ये बसें भी अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रही। वीरवार को चंडीगढ़ जाने वाली बस कैथल तक ही गई तो दिल्ली जाने वाली बस बहादुरगढ़ से लौट आई। गंगानगर समेत राजस्थान रूट पर चलने वाले यात्री भी करीब 5 घंटे तक बस अड्डा पर इंतजार करते रहे। राजस्थान की रोडवेज बसों के चालकों को राजस्थान परिवहन विभाग से निर्देश दिए गए हैं कि चालक अपनी जिम्मेदारी पर ही बस चलाए। सिरसा के बस अड्डा में राजस्थान रोडवेज की करीब 19 बसें लगी होती हैं। वीरवार को एक ही बस चलाई गई। पंजाब के बठिंडा, मानसा, सरदुलगढ़, राजस्थान के गंगानगर, दिल्ली व चंडीगढ़ रूटों पर सबसे ज्यादा परेशानी यात्रियों को उठानी पड़ी।
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उपचार से वंचित रह रहे लोग
बसों के सहारे चंडीगढ़ और दिल्ली एम्स में उपचार के लिए जाने वाले मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इन लोगों को निजी वाहनों का सहारा दिल्ली पहुंचने के लिए लेना पड़ रहा है। ऐसे में जो लोग निजी वाहनों का वहन नहीं कर पा रह हैं। वे अपने चिकित्सकों से संपर्क साधकर आगे की तारीख ले रहे हैं।
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कुल रोडवेज की बसें - 243 बस
प्राइवेट बसें - 70 बस
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यात्रियों ने बताई अपनी व्यथा
राजस्थान के गंगानगर निवासी 70 वर्षीय शांति देवी हिसार से गंगानगर जाने के लिए सिरसा के बस अड्डा पर पहुंचीं। सिर पर और हाथों में भारी सामान लेकर वह छह घंटे तक बस स्टैंड में इधर-उधर दौड़ती रही, लेकिन कोई बस नहीं मिली। इसी प्रकार फतेहाबाद से टेलाराम, सुनीता, कालाराम, सतपाल व टेलाराम को भी गंगानगर वाली बस में रवाना होना था। इन्होंने बताया कि वीरवार को उनके परिवार में शादी समारोह है। पांच घंटे से अड्डे पर खड़े हैं, लेकिन कोई वाहन नहीं मिला।
रोडवेज की बसें बंद नहीं की गई है। यहां से सभी बसें रवाना की जा रही हैं। जहां तक संभव है, वहां तक यात्रियों को पहुंचाया जा रहा है। जिन रास्तों पर बैरिकेड लगे हैं, वहां सबसे अधिक परेशानी है। - मनोज शर्मा, महाप्रबंधक, रोडवेज सिरसा।
कोट्स
भारत बंद के आह्वान पर 16 फरवरी को रोडवेज का चक्का जाम रहेगा। रोडवेज के साथ विभिन्न संगठनों ने भी भारत बंद को समर्थन दिया है। - पृथ्वी सिंह चाहर, प्रधान, सिरसा डिपो रोडवेज