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दो साल पहले यंत्र के लिए दिव्यांगों को दी थी स्लिप, अभी तक नहीं मिले
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विश्वविद्यालय के गेट पर पहुंचे दिव्यांग।
- फोटो : Sirsa
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जिला प्रशासन के सहयोग से शनिवार को रेडक्रॉस सोसायटी की और से चौ. देवी लाल विश्वविद्यालय में दिव्यांग व्यक्तियों को कृत्रिम अंग/सहायक उपकरण वितरित किए जाने थे, लेकिन रेडक्रॉस ने कार्यक्रम को रद्द कर दिया। लोगों को इसकी जानकारी नहीं दी गई। कृत्रिम उपकरण लेने के लिए गांवों से आए दिव्यांग उपायुक्त कार्यालय पहुंच गए। उपायुक्त कार्यालय ने रेडक्रास सचिव को तलब किया तो सचिव ने माना कि लोगों तक कार्यक्रम रद्द होने की सूचना नहीं भेजी जा सकी। इसमें मुख्य अतिथि के तौर पर मंत्री कृष्ण पंवार ने आना था।
35 किलोमीटर दूूर नकोड़ा गांव से पहुंचे दिव्यांग महेंद्र ने बताया कि वह गांव से बड़ी मुश्किल से आए हैं और विभाग उनको कोई सुविधा देने की बजाए चक्कर कटवा रहा है। इससे पहले आठ अगस्त को वह आए थे, लेकिन उस दिन पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की मृत्यु होने पर कार्यक्रम नहीं हो पाया। जिस पर उन्हें फोन के माध्यम से संदेश आया कि यह कार्यक्रम 10 अगस्त को चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय में किया जाएगा। जहां पर उनको कृत्रिम अंग बांटे जाएंगे। शनिवार को आए तो यहां पर पता चला कि समारोह रद्द हो गया। लेकिन दिव्यांग कश्मीर लाल, महेंद्र सिंह, जसपाल सिंह, हरजिंद्र सिंह, रणजीत सिंह, सुधीर कुमार, ज्योति तथा शारदा ने बताया कि वह सभी आस पास के गांव से चलकर आए हैं। यहां पर आने के बाद उन्हें पता चला कि कार्यक्रम को रद्द कर मंगलवार शाम को आयोजित किया जाएगा। जिस पर सभी ने दिव्यांगों ने कहा कि एक तो विभाग ने शनिवार को बिना कोई नोटिस जारी किए कार्यक्रम को बदल दिया है जिस कारण से उन्हें बहुत परेशानी हो रही है।
अब शाम के समय रखा कार्यक्रम
दिव्यांग महेंद्र ने बताया कि कार्यक्रम का समय शाम को रखा गया है, हम दिव्यांग हैं शाम को कौन आएगा तथा इसके बाद वापस घर जाकर काम भी करना होता है तथा खाना भी बनाना पड़ता है। अगर विभाग या तो समय में बदलवा करें नहीं तो हमारे रुकने की कोई व्यवस्था करें। शनिवार को विभाग की ओर से कोई नोटिस न मिलने पर सभी दिव्यांग उपायुक्त के पास पहुंचे जहां पर उपायुक्त के पीए ने दिव्यांगों की समस्याओं के बारे में सुना। समस्या सुनने के बाद पीए ने रेडक्रॉस के अधिकारी असिस्टेंट सचिव लाल बहादुर बैनिवाल को वहां पर बुलाया और पूछा कि अगर कार्यक्रम का समय और दिनांक बदल दी गई है तो इनको सूचना क्यों नहीं दी गई।
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दो साल पहले अलॉट हुए थे उपकरण
नकोड़ा के दिव्यांग महेंद्र ने बताया कि उन्हें 30 जून 2017 को श्रवण शक्ति कम होने के कारण उन्हें 7080 रुपये का यंत्र देने के लिए विभाग ने कैंप के दौरान पर्ची काट कर दी थी। महेंद्र ने बताया कि दो साल बाद उपकरण दिया जा रहा है और उसमें भी हमसे इतने चक्कर कटवा रहे हैं।
1389 को मिलने हैं यंत्र
शिविर के दौरान कुल लाभार्थियों की संख्या 1389 है जिनको लगभग एक करोड़ 36 लाख रुपये के कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरित किए जाएंगे। जिसमें होने वाले कार्यक्रम में 652 तिपहिया साइकिलें, 219 व्हील चेयर, 491 श्रवण यंत्र, 2946 बैटरी, 115 दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए छड़ी, 912 बैसाखियां, 49 रोलेटर, 83 सीपी चेयर, 51 स्मार्ट केन, एक स्मार्ट फोन, 153 कृत्रिम अंग, 6 ब्रेल किट तथा 1 ब्रेल केन दिव्यांगों को दिए जाएंगे।
पूर्व विदेश मंत्री के निधन के बाद पत्र आया था कि यह कार्यक्रम 13 अगस्त को किया जाएगा। जिसके लिए हम दिव्यांगों को मैसेज द्वारा जानकारी भेज रहे हैं। 13 अगस्त को होने वाले कार्यक्रम में रहने तथा खाने पीने के प्रबंध के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं है।
- लाल बहादुर बैनिवाल, असिस्टेंट सेक्रेटरी, रेडक्रॉस, सिरसा।
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35 किलोमीटर दूूर नकोड़ा गांव से पहुंचे दिव्यांग महेंद्र ने बताया कि वह गांव से बड़ी मुश्किल से आए हैं और विभाग उनको कोई सुविधा देने की बजाए चक्कर कटवा रहा है। इससे पहले आठ अगस्त को वह आए थे, लेकिन उस दिन पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की मृत्यु होने पर कार्यक्रम नहीं हो पाया। जिस पर उन्हें फोन के माध्यम से संदेश आया कि यह कार्यक्रम 10 अगस्त को चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय में किया जाएगा। जहां पर उनको कृत्रिम अंग बांटे जाएंगे। शनिवार को आए तो यहां पर पता चला कि समारोह रद्द हो गया। लेकिन दिव्यांग कश्मीर लाल, महेंद्र सिंह, जसपाल सिंह, हरजिंद्र सिंह, रणजीत सिंह, सुधीर कुमार, ज्योति तथा शारदा ने बताया कि वह सभी आस पास के गांव से चलकर आए हैं। यहां पर आने के बाद उन्हें पता चला कि कार्यक्रम को रद्द कर मंगलवार शाम को आयोजित किया जाएगा। जिस पर सभी ने दिव्यांगों ने कहा कि एक तो विभाग ने शनिवार को बिना कोई नोटिस जारी किए कार्यक्रम को बदल दिया है जिस कारण से उन्हें बहुत परेशानी हो रही है।
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अब शाम के समय रखा कार्यक्रम
दिव्यांग महेंद्र ने बताया कि कार्यक्रम का समय शाम को रखा गया है, हम दिव्यांग हैं शाम को कौन आएगा तथा इसके बाद वापस घर जाकर काम भी करना होता है तथा खाना भी बनाना पड़ता है। अगर विभाग या तो समय में बदलवा करें नहीं तो हमारे रुकने की कोई व्यवस्था करें। शनिवार को विभाग की ओर से कोई नोटिस न मिलने पर सभी दिव्यांग उपायुक्त के पास पहुंचे जहां पर उपायुक्त के पीए ने दिव्यांगों की समस्याओं के बारे में सुना। समस्या सुनने के बाद पीए ने रेडक्रॉस के अधिकारी असिस्टेंट सचिव लाल बहादुर बैनिवाल को वहां पर बुलाया और पूछा कि अगर कार्यक्रम का समय और दिनांक बदल दी गई है तो इनको सूचना क्यों नहीं दी गई।
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दो साल पहले अलॉट हुए थे उपकरण
नकोड़ा के दिव्यांग महेंद्र ने बताया कि उन्हें 30 जून 2017 को श्रवण शक्ति कम होने के कारण उन्हें 7080 रुपये का यंत्र देने के लिए विभाग ने कैंप के दौरान पर्ची काट कर दी थी। महेंद्र ने बताया कि दो साल बाद उपकरण दिया जा रहा है और उसमें भी हमसे इतने चक्कर कटवा रहे हैं।
1389 को मिलने हैं यंत्र
शिविर के दौरान कुल लाभार्थियों की संख्या 1389 है जिनको लगभग एक करोड़ 36 लाख रुपये के कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरित किए जाएंगे। जिसमें होने वाले कार्यक्रम में 652 तिपहिया साइकिलें, 219 व्हील चेयर, 491 श्रवण यंत्र, 2946 बैटरी, 115 दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए छड़ी, 912 बैसाखियां, 49 रोलेटर, 83 सीपी चेयर, 51 स्मार्ट केन, एक स्मार्ट फोन, 153 कृत्रिम अंग, 6 ब्रेल किट तथा 1 ब्रेल केन दिव्यांगों को दिए जाएंगे।
पूर्व विदेश मंत्री के निधन के बाद पत्र आया था कि यह कार्यक्रम 13 अगस्त को किया जाएगा। जिसके लिए हम दिव्यांगों को मैसेज द्वारा जानकारी भेज रहे हैं। 13 अगस्त को होने वाले कार्यक्रम में रहने तथा खाने पीने के प्रबंध के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं है।
- लाल बहादुर बैनिवाल, असिस्टेंट सेक्रेटरी, रेडक्रॉस, सिरसा।