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Sirsa News: समाजशास्त्र विभाग शुरू करने की हुई सिफारिश, समाज से जुड़े शोध कार्यों पर विवि करेगा फोकस
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सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के कमेटी रूम में एकेडमिक प्लानिंग बोर्ड की बैठक वीरवार को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजमेर सिंह मलिक की अध्यक्षता में हुई। डिजिटलाइजेशन के साथ-साथ प्रभावी ढंग से एनईपी को लागू करने के फैसले लिए गये। बैठक में समाजशास्त्र विभाग खोलने की सिफारिश की गई। जिसे कार्यकारी परिषद की बैठक में रखा जाएगा, ताकि आगामी प्रक्रिया को जल्द से जल्द शुरू किया जा सके। वहीं विवि प्रशासन शोध कार्यों को बढ़ावा देगा, जिसमें समाज को आगे बढ़ाने की दिशा में किए जाने वाले शोध हो।
इसी को लेकर एक फिनटेक क्लब विकसित किया जाएगा। इंडोनेशिया तथा अन्य विदेशी विद्यार्थियों के लिए अंग्रेजी विषय की रेमेडियल कोर्स तथा सर्टिफिकेट कोर्स प्रारंभ करने पर विचार किया गया। मेडिकल लैब टेक्नीशियन के सर्टिफिकेट कोर्स प्रारंभ करने की भी सिफारिश हुई।
बैठक के दौरान हुई सिफारिशों को राज्य सरकार के पास भी भेजा जाएगा। एनईपी 2020 शिक्षा नीति को लागू होने के साथ-साथ कैम्पस में विद्यार्थियों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। वर्तमान में कैम्पस के अंदर 5500 से अधिक विद्यार्थी शिक्षा व दीक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक में अधिक से अधिक शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया विशेषज्ञों द्वारा मल्टी डिसिप्लिन रिसर्च के माध्यम से शोध को समाज हित के साथ-साथ उद्योग जगत की मांग के अनुरूप भी बनाने का परामर्श दिया है। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों को कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभानी होगी।
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बैठक में फैसला लिया गया कि विश्वविद्यालयों को समाज तथा औद्योगिक इकाइयों के बीच एक कड़ी का कार्य करना होगा ताकि एक अच्छे राष्ट्र का निर्माण हो सके। गुणवत्तापूर्ण शोध के लिए इनोवेटिव आइडिया को भी बढ़ावा दिया जाए। विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षा के लिए यूजीसी तथा एआईसीटीई के विभिन्न प्लेटफार्म पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों के पंजीकरण के लिए भी प्रेरित करने का फैसला लिया गया। इस बैठक मे विवि के कुलसचिव डॉ. राजेश बंसल, डीन एकेडमिक प्रोफेसर सुरेश गहलावत, पिलानी से प्रो. राज सिंह, गुजरात से प्रो. जेपी सिंह, महेंद्रगढ़ से प्रो. सुषमा यादव, मुंबई से सुरेश महात्रे, इएफएलयू हैदराबाद के पूर्व कुलपति प्रो. अभय मोर्या, गुजरात से प्रो. वेंकटरमन ने अपने सुझाव दिये।
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इसी को लेकर एक फिनटेक क्लब विकसित किया जाएगा। इंडोनेशिया तथा अन्य विदेशी विद्यार्थियों के लिए अंग्रेजी विषय की रेमेडियल कोर्स तथा सर्टिफिकेट कोर्स प्रारंभ करने पर विचार किया गया। मेडिकल लैब टेक्नीशियन के सर्टिफिकेट कोर्स प्रारंभ करने की भी सिफारिश हुई।
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बैठक के दौरान हुई सिफारिशों को राज्य सरकार के पास भी भेजा जाएगा। एनईपी 2020 शिक्षा नीति को लागू होने के साथ-साथ कैम्पस में विद्यार्थियों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। वर्तमान में कैम्पस के अंदर 5500 से अधिक विद्यार्थी शिक्षा व दीक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक में अधिक से अधिक शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया विशेषज्ञों द्वारा मल्टी डिसिप्लिन रिसर्च के माध्यम से शोध को समाज हित के साथ-साथ उद्योग जगत की मांग के अनुरूप भी बनाने का परामर्श दिया है। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों को कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभानी होगी।
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बैठक में फैसला लिया गया कि विश्वविद्यालयों को समाज तथा औद्योगिक इकाइयों के बीच एक कड़ी का कार्य करना होगा ताकि एक अच्छे राष्ट्र का निर्माण हो सके। गुणवत्तापूर्ण शोध के लिए इनोवेटिव आइडिया को भी बढ़ावा दिया जाए। विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षा के लिए यूजीसी तथा एआईसीटीई के विभिन्न प्लेटफार्म पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों के पंजीकरण के लिए भी प्रेरित करने का फैसला लिया गया। इस बैठक मे विवि के कुलसचिव डॉ. राजेश बंसल, डीन एकेडमिक प्रोफेसर सुरेश गहलावत, पिलानी से प्रो. राज सिंह, गुजरात से प्रो. जेपी सिंह, महेंद्रगढ़ से प्रो. सुषमा यादव, मुंबई से सुरेश महात्रे, इएफएलयू हैदराबाद के पूर्व कुलपति प्रो. अभय मोर्या, गुजरात से प्रो. वेंकटरमन ने अपने सुझाव दिये।