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Sirsa News: मेहनत की मिठास से ऊंचाई तक पहुंचा टाॅफी-कैंडी कारोबार, दीपम इंडस्ट्रीज ने छोटी इकाई में एग्री-बिजनेस नीति के तहत विस्तार के लिए 4.5 करोड़ का किया निवेश, 55 लोगों को मिला रोजगार
Wed, 07 Oct 2026 10:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 07 Oct 2026 10:43 PM IST
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सिरसा की दीपम इंडस्ट्रीज में बन रहे खाद्य उत्पाद। सूचना विभाग
- फोटो : 1
सिरसा। शहर की दीपम इंडस्ट्रीज ने टॉफी और कैंडी बनाने वाली छोटी इकाई से शुरुआत कर करीब 50 करोड़ रुपये के वार्षिक कारोबार तक का सफर तय किया है। कंपनी के प्रोपराइटर केवल कृष्ण बाठला ने वर्ष 1993 में छोटे स्तर पर कारोबार शुरू किया था। लगातार विस्तार, आधुनिक तकनीक और सरकारी प्रोत्साहन का लाभ लेते हुए वर्ष 2023 में व्यवसाय को प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के रूप में विकसित किया गया।
इकाई के विस्तार के लिए कंपनी की ओर से करीब 4.5 करोड़ रुपये का नया निवेश किया गया। संचालक के अनुसार हरियाणा सरकार की एग्री-बिजनेस एंड फूड प्रोसेसिंग पॉलिसी के तहत फिक्स्ड कैपिटल इन्वेस्टमेंट पर 25 प्रतिशत तक पूंजीगत निवेश सब्सिडी का प्रावधान है, जिसकी अधिकतम सीमा एक करोड़ रुपये है। कंपनी ने नीतिगत प्रोत्साहन का लाभ उठाकर उत्पादन क्षमता और कारोबार का विस्तार किया।
वर्तमान में दीपम इंडस्ट्रीज में 55 लोगों को स्थायी रोजगार मिला हुआ है जिनमें 20 स्थानीय महिलाएं भी शामिल हैं। कंपनी की ओर से कंफेक्शनरी उत्पादों के अलावा शीतल पेय, पारंपरिक मिठाइयां, नमकीन और स्नैक्स तैयार किए जा रहे हैं। इन उत्पादों की आपूर्ति देश के विभिन्न हिस्सों में की जा रही है।
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जिला एमएसएमई केंद्र के उप निदेशक दिनेश कुमार ने बताया कि जिले में खाद्य प्रसंस्करण और पेय निर्माण क्षेत्र में 300 से अधिक पंजीकृत इकाइयां हैं। इनमें मसाले, जूस, पशु आहार, राइस मिल, दाल मिल और बेकरी उत्पादों से जुड़ी इकाइयां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन इकाइयों से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है।
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इकाई के विस्तार के लिए कंपनी की ओर से करीब 4.5 करोड़ रुपये का नया निवेश किया गया। संचालक के अनुसार हरियाणा सरकार की एग्री-बिजनेस एंड फूड प्रोसेसिंग पॉलिसी के तहत फिक्स्ड कैपिटल इन्वेस्टमेंट पर 25 प्रतिशत तक पूंजीगत निवेश सब्सिडी का प्रावधान है, जिसकी अधिकतम सीमा एक करोड़ रुपये है। कंपनी ने नीतिगत प्रोत्साहन का लाभ उठाकर उत्पादन क्षमता और कारोबार का विस्तार किया।
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वर्तमान में दीपम इंडस्ट्रीज में 55 लोगों को स्थायी रोजगार मिला हुआ है जिनमें 20 स्थानीय महिलाएं भी शामिल हैं। कंपनी की ओर से कंफेक्शनरी उत्पादों के अलावा शीतल पेय, पारंपरिक मिठाइयां, नमकीन और स्नैक्स तैयार किए जा रहे हैं। इन उत्पादों की आपूर्ति देश के विभिन्न हिस्सों में की जा रही है।
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जिला एमएसएमई केंद्र के उप निदेशक दिनेश कुमार ने बताया कि जिले में खाद्य प्रसंस्करण और पेय निर्माण क्षेत्र में 300 से अधिक पंजीकृत इकाइयां हैं। इनमें मसाले, जूस, पशु आहार, राइस मिल, दाल मिल और बेकरी उत्पादों से जुड़ी इकाइयां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन इकाइयों से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है।