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रोडवेज को नहीं मिली परमीशन, बिना नियम दौड़ रहीं निजी बसें
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बस अड्डे के बाहर खड़ी निजी बस।
- फोटो : Sirsa
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जिले में निजी बसों के संचालन के लिए एक ओर तो परिवहन मंत्रालय ने पूरे नियम प्रबंधों के साथ हरी झंडी दे दी है। बावजूद इसके निजी बस कर्मचारी पहले दिन ही नियमों का उल्लंघन करते नजर आए और बिना कोई नियम माने यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाते रहे। इसके साथ ही न ही किसी चालक ने मास्क का प्रयोग किया और न ही परिचालक ने तो सवारियां कहां से सामाजिक दूरी रख पातीं। वहीं जिला आरटीए कार्यालय को भी इस बात की भनक तक नहीं लगी कि अनुमति आने से पहले ही निजी बस सेवाएं वह भी राजस्थान के लिए शुरू हो चुकी थीं।
विभाग ने निजी बसों तो अनुमति दे दी, लेकिन रोडवेज विभाग को अभी भी राजस्थान के लिए अनुमति नहीं मिल पाई है। जिले में कुल 94 निजी बसें हैं, जिनमें एक चौथाई बसें ही रूटों पर चलनी हैं। परिवहन मंत्रालय के आदेशानुसार जिले में एक तिहाई निजी बसों का संचालन किया गया है। बसों के चलने के साथ ही विभाग ने हिदायतें भी जारी की, जिसका पालन कर निजी बस संचालक अपनी बसें चला सकते हैं। लेकिन जिले में सभी निजी संचालक अपनी मनमानी करते हुए सभी नियमों को ताक पर रख बसों को रूटों पर दौड़ा रहे हैं। इस दौरान ना ही निजी बसों में कोई सवारियों की जानकारी ली जा रही और न ही किसी सवारी अथवा चालक परिचालक पर सामाजिक दूरी और मास्क लगाने का नियम लागू हो रहा है।
बसों में बाहर से बैठा रहे सवारियां
निजी बस चालक और परिचालक बस को अड्डे के अंदर नहीं लेकर जा रहे हैं और ना ही काउंटर पर लगा रहे हैं। निजी बस चालक बाहर से सवारियां बैठाकर रवाना हो रहे हैं, जिसमें न ही तो कोई सवारी की स्क्रीनिंग हो रही है और न ही कोई सवारी का रिकॉर्ड बन रहा है। जबकि दिए गए नियमों के अनुसार बसों को हर बार सैनिटाइज करना पड़ेगा और बस में जाने वाली सभी सवारियों की जानकारी लेकर स्क्रीनिंग करनी होगी।
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अनुमति से पहले ही चलीं बसें
जिले में सिरसा डिपो की रोडवेज बसों को राजस्थान के लिए तो अनुमति नहीं मिली, लेकिन निजी बसें राजस्थान के रूटों पर रवाना होने लगी है। वहीं निजी बसों को जब अनुमति नहीं मिली थी तो उस समय भी बस चालक परिचालक बाहर से सवारियां भरकर राजस्थान के नोहर भादरा ले जाते थे। लेकिन आरटीए विभाग को भी इस बारे में कोई भनक नहीं लगी। जिससे बसें बिना किसी अनुमति और नियमों के चलती रही।
हमारे पास आदेश आ गए हैं। जो भी निजी बस में सवारी जाएगी उसका रिकॉर्ड रखा जाएगा और बस को भी सैनिटाइज करवाया जाएगा। बसें अंदर नहीं आ रही हैं इस पर वह कुछ नहीं कर सकते, आरटीए विभाग को ही संज्ञान लेना होगा।
- राकेश कुमार, ट्रैफिक इंचार्ज, सिरसा डिपो।
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विभाग ने निजी बसों तो अनुमति दे दी, लेकिन रोडवेज विभाग को अभी भी राजस्थान के लिए अनुमति नहीं मिल पाई है। जिले में कुल 94 निजी बसें हैं, जिनमें एक चौथाई बसें ही रूटों पर चलनी हैं। परिवहन मंत्रालय के आदेशानुसार जिले में एक तिहाई निजी बसों का संचालन किया गया है। बसों के चलने के साथ ही विभाग ने हिदायतें भी जारी की, जिसका पालन कर निजी बस संचालक अपनी बसें चला सकते हैं। लेकिन जिले में सभी निजी संचालक अपनी मनमानी करते हुए सभी नियमों को ताक पर रख बसों को रूटों पर दौड़ा रहे हैं। इस दौरान ना ही निजी बसों में कोई सवारियों की जानकारी ली जा रही और न ही किसी सवारी अथवा चालक परिचालक पर सामाजिक दूरी और मास्क लगाने का नियम लागू हो रहा है।
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बसों में बाहर से बैठा रहे सवारियां
निजी बस चालक और परिचालक बस को अड्डे के अंदर नहीं लेकर जा रहे हैं और ना ही काउंटर पर लगा रहे हैं। निजी बस चालक बाहर से सवारियां बैठाकर रवाना हो रहे हैं, जिसमें न ही तो कोई सवारी की स्क्रीनिंग हो रही है और न ही कोई सवारी का रिकॉर्ड बन रहा है। जबकि दिए गए नियमों के अनुसार बसों को हर बार सैनिटाइज करना पड़ेगा और बस में जाने वाली सभी सवारियों की जानकारी लेकर स्क्रीनिंग करनी होगी।
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अनुमति से पहले ही चलीं बसें
जिले में सिरसा डिपो की रोडवेज बसों को राजस्थान के लिए तो अनुमति नहीं मिली, लेकिन निजी बसें राजस्थान के रूटों पर रवाना होने लगी है। वहीं निजी बसों को जब अनुमति नहीं मिली थी तो उस समय भी बस चालक परिचालक बाहर से सवारियां भरकर राजस्थान के नोहर भादरा ले जाते थे। लेकिन आरटीए विभाग को भी इस बारे में कोई भनक नहीं लगी। जिससे बसें बिना किसी अनुमति और नियमों के चलती रही।
हमारे पास आदेश आ गए हैं। जो भी निजी बस में सवारी जाएगी उसका रिकॉर्ड रखा जाएगा और बस को भी सैनिटाइज करवाया जाएगा। बसें अंदर नहीं आ रही हैं इस पर वह कुछ नहीं कर सकते, आरटीए विभाग को ही संज्ञान लेना होगा।
- राकेश कुमार, ट्रैफिक इंचार्ज, सिरसा डिपो।