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Sirsa News: जेल में मना रक्षाबंधन, 450 भाइयों को राखी बांधने पहुंचीं बहनें
Tue, 20 Aug 2024 12:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 20 Aug 2024 12:01 AM IST
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सिरसा जेल में भाई के हाथ पर रक्षा सुत्र बांधती उसकी बहन। स्रोत : पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिला जेल प्रशासन ने रक्षाबंधन के दिन बहनों के लिए भाइयों के प्रति प्रेम कम नहीं होने दिया। महिलाएं अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए जेल पहुंची। इस दौरान बंदियों के भाई व बच्चे भी आए। जेल प्रशासन के अनुसार, 450 बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और 1150 परिजन को उनके साथ बंदियों से मिलने पहुंचे।
जेल प्रशासन की ओर से बहनों के लिए उनको भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधने के लिए दरवाजे खोल दिए गए। इसके लिए पहले बहनों व परिजनों को कड़ी सुरक्षा के बीच गुजरना पड़ा। हरेक तलाशी ली गई और उनके आधार कार्ड के साथ का रिकार्ड भी दर्ज किया गया। सुबह के समय जेल के बाहर काफी संख्या में महिलाएं खड़ी दिखाई दीं। मुलाकात का समय आने पर महिलाएं एक-एक करके जेल की डोडी में जाने लगी। डोडी में बंदियों को बुलाया गया और बहनों ने अपने भाइयों का मुंह मीठा करवाकर राखी बांधी। इस दौरान जेल प्रशासन की ओर से मिठाई व राखी का भी प्रबंध किया गया था। इसके अलावा महिलाओं के लिए नाश्ते का भी प्रबंध किया गया।
रक्षा बंधन पर पर्व पर जिला जेल में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए थे। डिप्टी जेलर मोहनलाल ने बताया कि बहनों को भाइयों से मिलाने के लिए जेल हॉल में ही स्टॉल लगाई गई। हॉल में बहनों ने आमने-सामने बैठक भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। जेल प्रशासन की ओर से बहनों के लिए मिठाई, रोली व राखी का प्रबंध किया गया था। वहीं, जेल में कैदियों के लिए स्पेशल मीठी खीर बनाई गई।
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महिलाओं ने भाइयों से मिलने की जताई खुशी
राखी बांधकर जेल से बाहर आई महिलाएं ने बताया कि कि खुशी इस बात की है कि भाई के हाथ पर राखी बांधी। उन्होंने भाइयों से वचन लिया कि आगे से वो ऐसा कोई काम न करें जिससे जेल में आना पड़े। नम आंखों से बहनों ने अपने-अपने भाइयों से यह वचन देने का तोहफा मांगा तो भाई इन्कार नहीं कर सके।
परिवार के लोगों तथा बच्चों के लिए किया गया नाश्ते का प्रबंध
डिप्टी जेलर मोहनलाल ने बताया कि बहनों व उनके साथ आए परिवार के लोगों तथा बच्चों के लिए टेंट लगाकर नाश्ते का प्रबंध किया गया था। छोटे बच्चों को बिस्कुट दिए गए। उन्होंने बताया कि महिलाओं को बाहर से मिठाई लाने की अनुमति नहीं थी। जेल प्रशासन ने जेेल में ही बहनों के लिए मिठाई बनवाई थी। पानी के लिए 50 कैंपर मंगवाए गए थे।
रक्षाबंधन का त्योहार हिंदू धर्म के लिए विशेष स्थान रखता है। इस बार भी बंदियों की बहनों को मिलने का समय दिया गया। 450 बहनों ने अपने भाइयों को राखी बांधी है। यही नहीं 1150 लोग अपने बंदियों से मिलने आए थे, जिनको मिलवाया गया। सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध रहे और कैदियों के लिए भी स्पेशल खीर बनाई गई। - संजीव पातड़, जेल अधीक्षक सिरसा।
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सिरसा। जिला जेल प्रशासन ने रक्षाबंधन के दिन बहनों के लिए भाइयों के प्रति प्रेम कम नहीं होने दिया। महिलाएं अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए जेल पहुंची। इस दौरान बंदियों के भाई व बच्चे भी आए। जेल प्रशासन के अनुसार, 450 बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और 1150 परिजन को उनके साथ बंदियों से मिलने पहुंचे।
जेल प्रशासन की ओर से बहनों के लिए उनको भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधने के लिए दरवाजे खोल दिए गए। इसके लिए पहले बहनों व परिजनों को कड़ी सुरक्षा के बीच गुजरना पड़ा। हरेक तलाशी ली गई और उनके आधार कार्ड के साथ का रिकार्ड भी दर्ज किया गया। सुबह के समय जेल के बाहर काफी संख्या में महिलाएं खड़ी दिखाई दीं। मुलाकात का समय आने पर महिलाएं एक-एक करके जेल की डोडी में जाने लगी। डोडी में बंदियों को बुलाया गया और बहनों ने अपने भाइयों का मुंह मीठा करवाकर राखी बांधी। इस दौरान जेल प्रशासन की ओर से मिठाई व राखी का भी प्रबंध किया गया था। इसके अलावा महिलाओं के लिए नाश्ते का भी प्रबंध किया गया।
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रक्षा बंधन पर पर्व पर जिला जेल में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए थे। डिप्टी जेलर मोहनलाल ने बताया कि बहनों को भाइयों से मिलाने के लिए जेल हॉल में ही स्टॉल लगाई गई। हॉल में बहनों ने आमने-सामने बैठक भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। जेल प्रशासन की ओर से बहनों के लिए मिठाई, रोली व राखी का प्रबंध किया गया था। वहीं, जेल में कैदियों के लिए स्पेशल मीठी खीर बनाई गई।
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महिलाओं ने भाइयों से मिलने की जताई खुशी
राखी बांधकर जेल से बाहर आई महिलाएं ने बताया कि कि खुशी इस बात की है कि भाई के हाथ पर राखी बांधी। उन्होंने भाइयों से वचन लिया कि आगे से वो ऐसा कोई काम न करें जिससे जेल में आना पड़े। नम आंखों से बहनों ने अपने-अपने भाइयों से यह वचन देने का तोहफा मांगा तो भाई इन्कार नहीं कर सके।
परिवार के लोगों तथा बच्चों के लिए किया गया नाश्ते का प्रबंध
डिप्टी जेलर मोहनलाल ने बताया कि बहनों व उनके साथ आए परिवार के लोगों तथा बच्चों के लिए टेंट लगाकर नाश्ते का प्रबंध किया गया था। छोटे बच्चों को बिस्कुट दिए गए। उन्होंने बताया कि महिलाओं को बाहर से मिठाई लाने की अनुमति नहीं थी। जेल प्रशासन ने जेेल में ही बहनों के लिए मिठाई बनवाई थी। पानी के लिए 50 कैंपर मंगवाए गए थे।
रक्षाबंधन का त्योहार हिंदू धर्म के लिए विशेष स्थान रखता है। इस बार भी बंदियों की बहनों को मिलने का समय दिया गया। 450 बहनों ने अपने भाइयों को राखी बांधी है। यही नहीं 1150 लोग अपने बंदियों से मिलने आए थे, जिनको मिलवाया गया। सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध रहे और कैदियों के लिए भी स्पेशल खीर बनाई गई। - संजीव पातड़, जेल अधीक्षक सिरसा।