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बरासरी के किसान राजेश ने आलू लगा शुरू की अतिरिक्त कमाई

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 26 Dec 2021 11:06 PM IST
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Rajesh, a farmer of Barasari, started earning extra potatoes by planting potatoes
किसान द्वारा की गई खेती। संवाद - फोटो : Sirsa
चोपटा। राजस्थान की सीमा से सटे पैंतालिसा क्षेत्र में रेतीली जमीन है और ऊपर से पानी की कमी। ऐसे में गांव बरासरी के किसान राजेश कुमार कमाई का जरिया खोजा। अपने घर की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाए रखने के लिए बीए की पढ़ाई करने के साथ-साथ परंपरागत खेती के साथ 1 एकड़ में 5 साल पहले आलू की बिजाई की। इससे परंपरागत कृषि के साथ अतिरिक्त आमदन शुरू हो गई। अब उसे हर साल ढाई लाख रुपये के अतिरिक्त कमाई होने लगी।
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माधोसिंघाना के प्रगतिशील किसान से प्रेरणा लेकर शुरू की आलू की बिजाई। किसान राजेश कुमार ने बताया कि रेतीली जमीन व नहरी पानी की हमेशा कमी के कारण परंपरागत खेती में अच्छी बारिश होने पर तो बचत हो जाती वरना घाटा ही लगता। उसने खेती के साथ अन्य कमाई का जरिया खोजना शुरू किया तो बीए की पढ़ाई करने के साथ-साथ खेती कार्य में रुचि के कारण गांव माधोसिंघाना के प्रगतिशील किसान रामस्वरूप से प्रेरणा लेकर 1 एकड़ फसल में 5 साल पहले आलू की सब्जी लगानी शुरू की। जिससे 200 क्विंटल आलू की पैदावार हुई और करीब 2 लाख रुपये की कमाई हुई। उन्होंने बताया कि आलू की फसल अक्तूबर के पहले सप्ताह में लगाई जाती है और दिसंबर में पैदावार मिल जाती है । पिछले 5 वर्ष से हर साल करीब ढाई से 3,00,000 रुपये की पैदावार हो जाती है जिससे परंपरागत खेती की आमदनी के साथ-साथ अतिरिक्त कमाई होने से घर की आर्थिक स्थिति मजबूत रहने लगी। उन्होंने बताया कि बिना किसी सरकारी सहायता के अपना खुद के पैसों से आलू का व्यवसाय शुरू किया है। उन्होंने बताया कि गांव के कई युवा उनके व्यवसाय को देखकर सब्जी लगाने का काम करने लगे हैं। जिससे उन्हें रोजगार मिल गया है। किसान खेती के साथ इस तरह के व्यवसाय से कमाई करके आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
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सरलता से मिले सरकारी सहायता, विकसित हो फ्रूट प्रोसेसिंग सेंटर या सब्जी मंडी
राजेश कुमार ने बताया कि अगर सरकारी सहायता मिल जाए तो सब्जी के व्यवसाय को और ज्यादा बढ़ाया जा सकता है। जिससे अन्य लोगों को भी रोजगार दिया जा सकता है। इसके अलावा नाथूसरी चोपटा के आसपास फ्रूट प्रोसेसिंग सेंटर या सब्जी मंडी विकसित हो जाए तो किसानों को काफी फायदा होने लगेगा।
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