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Sirsa News: पंजाब नेशनल बैंक ने किसान का किया उत्पीड़न, अब देना होगा 10 हजार रुपये मुआवजा
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सिरसा। किसान को फसल की बीमा राशि न देने पर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने शहर थाना रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा को 10 हजार रुपये मुआवजा देने का फैसला सुनाया है। फैसले में आयोग अध्यक्ष पीएम ठाकुर ने बैंक को आदेश दिया है कि पीड़ित किसान को छह प्रतिशत ब्याज सहित 45 दिन के भीतर 43 हजार रुपये बीमा राशि दी जाए।
मामले के अनुसार, गांव नेजाडेला खुर्द निवासी किसान प्रेमचंद के पास 15 कनाल 8 मरला भूमि है। उसका पंजाब नेशनल बैंक, शहर थाना रोड सिरसा में खाता है। फसल बीमा योजना के तहत 30 फरवरी 2021 को बैंक ने उसके खाते से 2837.03 रुपये की राशि काट ली। 2021 में प्रेमचंद ने अपने खेत में कपास की फसल की बिजाई की थी।
फसल प्राकृतिक आपदा के कारण नष्ट हो गई। कृषि विभाग के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और उसकी फसल के नुकसान के तथ्य की पुष्टि की। किसान को 40 हजार रुपये का नुकसान हुआ था। उसने बैंक से बीमा राशि का भुगतान करने का आग्रह किया, लेकिन बैंक ने उसे भुगतना नहीं किया।
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इस कारण पीड़ित को उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है। इसके बाद पीड़ित किसान प्रेमचंद ने 10 मई 2022 को जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग का द्वार खटखटाया। आयोग ने उसकी शिकायत स्वीकार करते हुए आरोपी बैंक को उत्पीड़न और मुकदमेबाजी खर्च के लिए मुआवजे के रूप में 10 हजार रुपये का भुगतान करने का फैसला सुनाया।
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मामले के अनुसार, गांव नेजाडेला खुर्द निवासी किसान प्रेमचंद के पास 15 कनाल 8 मरला भूमि है। उसका पंजाब नेशनल बैंक, शहर थाना रोड सिरसा में खाता है। फसल बीमा योजना के तहत 30 फरवरी 2021 को बैंक ने उसके खाते से 2837.03 रुपये की राशि काट ली। 2021 में प्रेमचंद ने अपने खेत में कपास की फसल की बिजाई की थी।
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फसल प्राकृतिक आपदा के कारण नष्ट हो गई। कृषि विभाग के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और उसकी फसल के नुकसान के तथ्य की पुष्टि की। किसान को 40 हजार रुपये का नुकसान हुआ था। उसने बैंक से बीमा राशि का भुगतान करने का आग्रह किया, लेकिन बैंक ने उसे भुगतना नहीं किया।
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इस कारण पीड़ित को उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है। इसके बाद पीड़ित किसान प्रेमचंद ने 10 मई 2022 को जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग का द्वार खटखटाया। आयोग ने उसकी शिकायत स्वीकार करते हुए आरोपी बैंक को उत्पीड़न और मुकदमेबाजी खर्च के लिए मुआवजे के रूप में 10 हजार रुपये का भुगतान करने का फैसला सुनाया।