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पंजाब के किसानों को डबवाली सीमा पर रोका

Wed, 25 Nov 2020 11:47 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 25 Nov 2020 11:47 PM IST
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Punjab farmers stopped at Dabwali border
डबवाली में नाकों का निरीक्षण करते आईजी, एसपी और उपायुक्त। - फोटो : Sirsa
किसानों के दिल्ली कूच को विफल करने के लिए प्रशासन ने जिले में धारा 144 लगा दी है और सीमाएं सील कर दी है। जबकि पंजाब के किसान दिल्ली कूच करने के लिए सिरसा की सीमा तक पहुंच गए हैं। लेकिन सिरसा पुलिस ने उन्हें पत्थर और बैरिकेड्स लगाकर रोक लिया। वहीं खुईयां मलकाना टोल प्लाजा पर किसानों ने पूर्व मुख्यमंत्री ओपी चौटाला की गाड़ी को भी आगे नहीं जाने दिया। किसान नेता जसवीर सिंह भाटी अपने समर्थकों के साथ सिरसा पुलिस को चकमा देकर मंगलवार दिल्ली कूच कर गए।
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बुधवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने जिले की सीमाओं का निरीक्षण किया। वहीं किसान नेता प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा की रिहाई की मांग को लेकर उसका परिवार सिरसा सिविल थाने के बाहर पहुंच गया। उनके पारिवारिक सदस्यों ने गेट के बाहर ही जमीन पर धरना लगा दिया। इसके बाद सिविल लाइन थाना पुलिस के कर्मचारी आए और उनके पारिवारिक सदस्यों को समझाया। इसके बाद प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा का परिवार शहीद भगत सिंह स्टेडियम में किसानों के धरने में शामिल हो गए। दूसरी ओर खुईयां मलकाना टोल प्लाजा धरने से रात्रि के समय पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए किसान नेताओं की रिहाई को लेकर किसानों द्वारा दूसरे दिन बुधवार को नेशनल हाईवे जाम रखा गया। जिसके बाद किसानों ने शाम स्वयं ही बिना शर्त हाईवे खोल दिया। किसानों का कहना है कि पंजाब क्षेत्र से दिल्ली जाने वाले किसानों को इससे परेशानी आ रही है। किसानों ने कहा कि वे आगामी रणनीति बनाएंगे। किसानों ने सरकार पर धक्केशाही के आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों के आंदोलन से डरी सरकार पुलिस की सहायता से रात के अंधेरे में किसानों को घरों से उठाकर उन पर केस दर्ज कर रही है। किसानों ने कहा कि पुलिस प्रशासन ये भी नहीं बता रहा कि किसान नेताओं को किस जुर्म में गिरफ्तार किया गया है। धरने पर मौजूद किसान जगदीप सिंह मलिक पुरा व गुरमीत सिंह चोरमार ने बताया कि मंगलवार सुबह उन्हें पता चला कि किसान नेता एसपी सिंह, गुरप्रेम सिंह के खिलाफ पुलिस ने शांति भंग करने के आरोप में केस दर्ज किया है और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। जिसके बाद जब वे सिरसा पहुंचे तो पूछे जाने पर पुलिसकर्मी टाल-मटोल करते रहे। उन्होंने बताया कि जब उन्हेें पता चला कि तीनों किसान नेताओं के खिलाफ सिविल लाईन सिरसा में शांति भंग करने के आरोप में केस दर्ज है। जगदीप सिंह ने बताया कि वे गुरप्रीत सिंह व एसपी सिंह की जमानत के लिए एसडीएम कार्यालय में पहुंचे तो उन्हें जमानत दे दी गई। उन्हें ये कहा गया कि बेल ऑर्डर जेल में भेज दिए गए हैं। जिसके बाद वे सभी लोग जेल के समक्ष पहुंच गए। किसानों ने बताया कि वे दोनों नेताओं की रिहाई के इंतजार मेें रात करीब साढ़े 11 बजे तक जेल के सामने बैठे रहे।
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दादा के सामने लगे पोते के मुर्दाबाद के नारे
पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला डबवाली की तरफ से सिरसा जाने के लिए आए तो किसानों ने उनकी गाड़ी को खुईयां मलकाना टोल नाके पर रोक लिया। चौटाला ने पूछा कि उनका आंदोलन ठीक चल रहा है क्या। जिस पर किसानों ने कहा कि आंदोलन तो ठीक चल रहा है लेकिन आपकी तरफ से कोई सहयोग नहीं मिल रहा। इस बात पर चौटाला ने कहा कि क्यों नहीं मिल रहा, हम आपके साथ हैं। किसानों ने किसान एकता जिंदाबाद के नारे लगाते हुए कहा कि आपसे उन्हें सबसे ज्यादा उम्मीद है, आप किसानों के साथ आएं। जिस पर पूर्व सीएम ने कहा कि उनके पोतों की शादी है। कुछ किसानों ने कहा कि चौटाला साहब सारी उम्र आपके पीछे लगा दी है, लेकिन आप उनका साथ नहीं दे रहे। जिस पर चौटाला ने कहा कि हम आपके साथ हैं। इसी बीच किसानों ने पूर्व सीएम से दुष्यंत के बारे में कहा कि चौटाला साहब ये कैसा डिप्टी सीएम बैठा दिया आपने। इस बात पर चौटाला हल्के से मुस्कुराए और इसका कोई उत्तर नहीं दिया। इस दौरान किसानों ने उनके सामने ही दुष्यंत व जेजेपी मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। जिसके बाद चौटाला ने यह कहकर गाड़ी का शीशा बंद कर लिया कि आप संघर्ष करो हम आपके साथ है। किसानों ने जब चौटाला की गाड़ी को आगे जाने से रोक दिया। जिसके बाद चौटाला की गाड़ी वापिस डबवाली की तरफ मुड़ गई।
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आक्रोशित किसानों ने सीमा पर ही लगाया धरना, किया रोष प्रदर्शन
डबवाली में पुलिस ने पंजाब क्षेत्र के सभी नाकों को सील कर वहां पर भारी पुलिस बल तैनात किया है। इसके बावजूद बुधवार सैकड़ों की संख्या में पंजाब के किसान बठिंडा रोड पर स्थित पंजाब-हरियाणा की सीमा तक पहुंच गए। जिसके बाद मौके पर तैनात पुलिस बल ने मोर्चा संभालते हुए किसानों को पीछे ही रोक दिया। जिसके बाद आक्रोशित किसानों ने केंद्र व हरियाणा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और वहीं दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए।
इस अवसर पर व्यवस्था देखने के लिए एसडीएम डबवाली अश्वनी कुमार, नायब तहसीलदार औमवीर, डीएसपी डबवाली कुलदीप सिंह बैनीवाल, शहर थाना प्रभारी ईश्वर सिंह, सिरसा शहर थाना प्रभारी प्रदीप कुमार अपने दल-बल के साथ मौजूद रहे। बाद में हिसार रेंज के आईजी संजय कुमार भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने स्थिति का जायजा लिया।
आम जन को नहीं आने दी जाएगी परेशानी : आईजी
पत्रकारों से बातचीत करते हुए आईजी संजय कुमार ने कहा कि आमजन को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए रूट को डायवर्ट भी किया गया है। सीमाओं को इसलिए सील की गई हैं कि पंजाब से आए किसानों के कारण किसी प्रकार की व्यवस्था न बिगड़े। उधर, किसानों के सीमा पर धरने की सूचना पाकर बठिंडा के उपायुक्त बी. श्रीनिवासन, बठिंडा रेंज के आईजी जसकरण सिंह, एसएसपी भूपिंद्रजीत सिंह विर्क भी मौके पर पहुंचे और किसान नेताओं से बातचीत कर उन्हें शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन करने के लिए कहा। पुलिस प्रशासन द्वारा वज्र वाहन, वाटर कैनन, फायर बिग्रेड की गाड़ी व अन्य संसाधन मौके पर खड़े किए थे। वहीं उपायुक्त प्रदीप कुमार ने कहा है कि जिला में पांच या इससे अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने तथा जिला की सीमा के अंदर के केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, भारतीय किसान यूनियन, किसान संगठनों तथा अन्य यूनियन व संगठनों द्वारा एकत्रित होने के कारण ट्रैफिक जाम, वाहनों के आवागमन व शांति प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न हो सकती है। इस सब के मद्देनजर जिला में तुरंत प्रभाव से पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने पर पूर्णरूप से प्रतिबंध लगाया गया है। आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ धारा 188 के तहत कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
बार एसोसिएशन के प्रधान का आरोप- दो किसान नेताओं के रिलीज वारंट जारी होने के बाद भी नहीं की रिहाई
जिला बार एसोसिएशन के प्रधान गुररतन पाल सिंह किंगरा ने बुधवार को प्रेस वार्ता में जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार को उन्होंने दो किसानों की रिहाई के लिए एसडीएम कोर्ट में मुचलके भर दिए। इसके बाद एसडीएम कोर्ट ने रिलीज वारंट जारी किए। लेकिन सात बजे तक नहीं छोड़ा गया। तब इसके बाद एसडीएम ने पहले आदेश को रद् करते हुए दो नए आदेश जारी कर दिए। दूसरे और तीसरे आदेश में पुलिस वेरिफिकेशन के बाद ही दोनों किसानों को रिहा करने के आदेश जारी किए गए। ताकि किसानों की रिहाई न हो सकें। किंगरा का आरोप है कि सरकार किसानों के आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है। पुलिस ने अपनी एफआईआर में सिरसा में मिनी बाईपास पर प्रहलाद सिंह, एसपी सिंह व गुरप्रेम सिंह को गिरफ्तार करते हुए दिखाया गया। जबकि वास्तव में पुलिस एसपी सिंह व गुरप्रेम सिंह को खुईयां मलकाना टोल प्लाजा से उठाकर लाई है।

6 जिलों के किसान हो सकते हैं डबवाली सीमा पर
जिले की डबवाली सीमा पंजाब के बठिंडा और श्री मुक्तसर साहिब के साथ लगती है। ऐसे में इस सीमा पर वीरवार को पंजाब के जिला मोगा, बरनाला, बठिंडा, फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब, फाजिल्का के किसान जत्थेबंदियां पहुंचेगी। किसान जत्थेबंदियां डबवाली पर इकट्ठा होगी।

 डबवाली में सीमा पर आकर बैठे पंजाब के किसान।

डबवाली में सीमा पर आकर बैठे पंजाब के किसान।- फोटो : Sirsa

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