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पिपली लाठीचार्ज : किसानों ने डिप्टी सीएम के आवास पर जताया विरोध
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डिप्टी सीएम के आवास पर रोष जताते किसान
- फोटो : Sirsa
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कुरुक्षेत्र के पिपली में किसानों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के आवास का घेराव करने करीब 300 किसान पहुंचे। किसानों ने उपमुख्यमंत्री के निवास पर करीब आधा घंटे प्रदर्शन किया, हालांकि उस दौरान डिप्टी सीएम घर पर नहीं थे। किसानों ने तीन अध्यादेश वापस लेने के अलावा सीएम और गृह मंत्री पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की। साथ ही डिप्टी सीएम को 24 घंटे में सरकार से समर्थन वापस लेने का अल्टीमेटम दिया।
बता दें कि खराब फसलों की विशेष गिरदावरी की मांग को लेकर अखिल भारतीय स्वामीनाथन संघर्ष समिति के अध्यक्ष विकल पचार के नेतृत्व में किसान लघु सचिवालय में बीते कई दिनों से धरने पर बैठे हैं। इसी क्रम में वीरवार को पिपली में किसानों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में किसान शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे लघु सचिवालय परिसर में जमा हुए। इसके बाद किसान व आशा वर्कर्स हाथों में पीपे व थालियां बजाते हुए करीब पौने एक बजे बरनाला रोड स्थित चौटाला हाउस में पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान विकल पचार ने किसानों से कहा कि भाजपा किसान विरोधी है, लेकिन जब चौटाला परिवार का नाम आता था तो उम्मीद होती थी कि किसानों पर जुल्म नहीं होगा। उन्होंने कहा कि स्वयं को किसान नेता कहने वाले दुष्यंत चौटाला सरकार से समर्थन वापस लें, नहीं तो वे अपने आप को दूसरा चौधरी देवीलाल कहलाना बंद करें। पचार ने कहा कि कंडेला गोलीकांड की वजह से चौटाला परिवार को याद किया जाता है। सरकार में रहते हुए डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला को पिपली कांड की वजह से न याद किया जाए। अगर दुष्यंत चौटाला का इसमें रोल नहीं है तो वे भाजपा सरकार से समर्थन वापस लें।
ज्ञापन देने नहीं अल्टीमेटम देने आए
किसान नेता ने कहा कि वे ज्ञापन देने नहीं आए, बल्कि अल्टीमेटम देने आए हैं। क्योंकि किसानों पर सरकार ने लाठीचार्ज किया, ऐसे में ज्ञापन का कोई अर्थ नहीं रह गया। इसलिए डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि वे इस सरकार से इस्तीफा दें, किसानों की नष्ट हुई नरमे की फसल के लिए 40 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए, नहीं तो किसान दुष्यंत चौटाला को हरियाणा के किसी गांव में प्रवेश नहीं करने देंगे। इस मौके पर किसान नेता महेंद्र जेवली भिवानी, रामप्रताप श्योराण, कृष्ण कटारिया, रामप्रताप शाहपुरिया, भरत झाझड़ा, सुभाष झोरड़, जयवीर चाडीवाल व नरेश कुमार किसान मौजूद थे। किसानों के घेराव की चेतावनी के मद्देनजर चौटाला हाउस के बाहर एसडीएम जयवीर यादव, तहसीलदार श्रीनिवास, उपपुलिस अधीक्षक मुख्यालय आर्यन चौधरी व कालांवाली के पुलिस अधीक्षक नर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे।
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बता दें कि खराब फसलों की विशेष गिरदावरी की मांग को लेकर अखिल भारतीय स्वामीनाथन संघर्ष समिति के अध्यक्ष विकल पचार के नेतृत्व में किसान लघु सचिवालय में बीते कई दिनों से धरने पर बैठे हैं। इसी क्रम में वीरवार को पिपली में किसानों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में किसान शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे लघु सचिवालय परिसर में जमा हुए। इसके बाद किसान व आशा वर्कर्स हाथों में पीपे व थालियां बजाते हुए करीब पौने एक बजे बरनाला रोड स्थित चौटाला हाउस में पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान विकल पचार ने किसानों से कहा कि भाजपा किसान विरोधी है, लेकिन जब चौटाला परिवार का नाम आता था तो उम्मीद होती थी कि किसानों पर जुल्म नहीं होगा। उन्होंने कहा कि स्वयं को किसान नेता कहने वाले दुष्यंत चौटाला सरकार से समर्थन वापस लें, नहीं तो वे अपने आप को दूसरा चौधरी देवीलाल कहलाना बंद करें। पचार ने कहा कि कंडेला गोलीकांड की वजह से चौटाला परिवार को याद किया जाता है। सरकार में रहते हुए डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला को पिपली कांड की वजह से न याद किया जाए। अगर दुष्यंत चौटाला का इसमें रोल नहीं है तो वे भाजपा सरकार से समर्थन वापस लें।
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ज्ञापन देने नहीं अल्टीमेटम देने आए
किसान नेता ने कहा कि वे ज्ञापन देने नहीं आए, बल्कि अल्टीमेटम देने आए हैं। क्योंकि किसानों पर सरकार ने लाठीचार्ज किया, ऐसे में ज्ञापन का कोई अर्थ नहीं रह गया। इसलिए डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि वे इस सरकार से इस्तीफा दें, किसानों की नष्ट हुई नरमे की फसल के लिए 40 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए, नहीं तो किसान दुष्यंत चौटाला को हरियाणा के किसी गांव में प्रवेश नहीं करने देंगे। इस मौके पर किसान नेता महेंद्र जेवली भिवानी, रामप्रताप श्योराण, कृष्ण कटारिया, रामप्रताप शाहपुरिया, भरत झाझड़ा, सुभाष झोरड़, जयवीर चाडीवाल व नरेश कुमार किसान मौजूद थे। किसानों के घेराव की चेतावनी के मद्देनजर चौटाला हाउस के बाहर एसडीएम जयवीर यादव, तहसीलदार श्रीनिवास, उपपुलिस अधीक्षक मुख्यालय आर्यन चौधरी व कालांवाली के पुलिस अधीक्षक नर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे।
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