{"_id":"61c4b2200a87cc57ad4c3c75","slug":"property-survey-completed-50-teams-landed-in-the-area-to-distribute-79-thousand-evaluation-notices-preparations-completed-sirsa-news-hsr620203013","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रॉपर्टी सर्वे पूरा : 79 हजार मूल्यांकन नोटिस बांटने के लिए 50 टीमें क्षेत्र में उतरी, तैयारियां पूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रॉपर्टी सर्वे पूरा : 79 हजार मूल्यांकन नोटिस बांटने के लिए 50 टीमें क्षेत्र में उतरी, तैयारियां पूरी
विज्ञापन
नगर परिषद में प्रॉपर्टी सर्वे के लिए काम कर रही टीम।
- फोटो : Sirsa
सिरसा। सरकार ने नए सिरे से पूरे शहर का प्रॉपर्टी सर्वे पूरा करवा लिया है। अब नए असेसमेंट अनुसार प्रॉपर्टी टैक्स प्लान तैयार कर लिया गया है और इसी हिसाब से टैक्स वसूला जाएगा। सर्वे का काम पूरा हो चुका है और संबंधित एजेंसी ने असेसमेंट नोटिस का वितरण करना भी शुरू कर दिया है। नप अधिकारियों ने आमजन से आह्वान किया है कि असेसमेंट नोटिस से डरें नहीं, क्योंकि त्रुटियों को ठीक करने के लिए ये नोटिस भेजे जाएंगे। जो भी गलती होगी, उसे प्राथमिकता के आधार पर ठीक किए जाएंगे। इसके लिए 50 टीमों का गठन कर दिया गया है।
प्रॉपर्टी सर्वे के लिए सरकार ने करीब तीन साल पहले निजी एजेंसी याशी को जिम्मेदारी दी। इस एजेंसी ने वर्ष 2019 में पूरे शहर का सर्वे किया। प्रॉपर्टी सर्वे के लिए ड्रोन का भी सहारा लिया गया। कई बार प्रॉपर्टी धारक कागज अनुसार गलत रिपोर्ट देकर कम प्रॉपर्टी दर्शा देता है जिस कारण कम टैक्स अदा करना होता है। लेकिन सरकार ने ड्रोन से सर्वे करवाया ताकि सटीक रिपोर्ट मिल सके। इसका सर्वे अब पूरा हो चुुुका है। बताया जा रहा है कि शहर में करीब 79 हजार प्रॉपर्टीधारक हैं। अब इनकी असेसमेंट रिपोर्ट भी तैयार हो चुकी है।
असेसमेंट नोटिस वितरण शुरू, 50 टीमों का किया गठन, अब तक 250 नोटिस बांटे
एजेंसी के टीम इंचार्ज जसवंत सिंह ने बताया कि पूरे शहर की प्रॉपर्टी का सर्वे करके अब असेसमेंट नोटिस भी तैयार कर लिए हैं। इनका वितरण डोर टू डोर शुरू कर दिया गया है। शहर के बेगू रोड स्थित शाह सतनाम नगर से इसकी शुरूआत कर दी गई है। पहले दो दिन के दौरान 250 से ज्यादा असेसमेंट नोटिस बांटे जा चुके हैं। अब जल्द ही पूरे शहर मे नोटिस वितरण का काम तेजी से चलेगा। इसके लिए 50 टीमों का गठन कर दिया गया है। ये टीमें शहर की विभिन्न कॉलोनियों में जाकर असेसमेंट नोटिस का वितरण करेगी।
विज्ञापन
आमजन घबराए नहीं, सहयोग करें, क्योंकि त्रुटियां ठीक करने के लिए है नोटिस
कई बार आम लोग घबरा जाते हैं और नोटिस स्वीकार नहीं करते। लेकिन नगर परिषद के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आमजन इससे कतई नहीं घबराएं। यदि किसी प्रॉपर्टी का गलत असेसमेंट हो गया है तो उसे ठीक करवाया जाएगा और शिकायतों का समाधान प्राथमिकता के तौर पर किया जाएगा। आमतौर पर लोग नोटिस का नाम सुनते ही घबरा जाते हैं और टीम का सहयोग नहीं करते। लेकिन ये नोटिस लोगों के लिए ही है ताकि बाद में गलत बिल ना आए और लोगों को परेशानियों का सामना ना करना पड़े।
जानिये, इसलिए हुआ सर्वे, अब आगे क्या होगा
सरकार की ओर से प्रत्येक 10 वर्ष के बाद प्रॉपर्टी का असेसमेंट किया जाता है। मान लिया जाए, आज कोई खाली प्लॉट है या किसी प्लॉट पर 3 कमरे का सेट बना हुआ है। लेकिन पांच साल बाद उस मकान को तोड़कर नए सिरे से दो या तीन मंजिला मकान खड़ा कर दिया जाता है। इस हिसाब से टैक्स का स्लैब भी बदल जाता है। या आज कोई मकान है, लेकिन पांच-छह साल बाद उस मकान को तोड़कर प्लॉट कर दिया जाता है। उसका भी टैक्स स्लैब बदल जाता है। इस कारण लोगों को बेवजह ज्यादा प्रॉपर्टी टैक्स अदा करना पड़ता है। इसलिए सरकार 10 वर्ष बाद असेसमेंट नए सिरे से करवाती है। ताकि वास्तविक प्रॉपर्टी अनुसार ही टैक्स वसूला जा सके। पिछली बार वर्ष 2010-11 में प्रॉपर्टी असेसमेंट हुई थी, इस बार वर्ष 2021 में सर्वे का काम खत्म हुआ है।
प्रॉपर्टी सर्वे के बाद अब असेसमेंट नोटिस वितरण का काम शुरू हुआ है। आमजन इससे घबराए नहीं, बल्कि सहयोग करें और अपनी प्रॉपर्टी का असेसमेंट स्वयं देखें। यदि कोई गलती है तो उसे ठीक करवाया जाए, ताकि आमजन को गलत प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान ना करना पड़े।
-संदीप मलिक, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, सिरसा।
विज्ञापन
प्रॉपर्टी सर्वे के लिए सरकार ने करीब तीन साल पहले निजी एजेंसी याशी को जिम्मेदारी दी। इस एजेंसी ने वर्ष 2019 में पूरे शहर का सर्वे किया। प्रॉपर्टी सर्वे के लिए ड्रोन का भी सहारा लिया गया। कई बार प्रॉपर्टी धारक कागज अनुसार गलत रिपोर्ट देकर कम प्रॉपर्टी दर्शा देता है जिस कारण कम टैक्स अदा करना होता है। लेकिन सरकार ने ड्रोन से सर्वे करवाया ताकि सटीक रिपोर्ट मिल सके। इसका सर्वे अब पूरा हो चुुुका है। बताया जा रहा है कि शहर में करीब 79 हजार प्रॉपर्टीधारक हैं। अब इनकी असेसमेंट रिपोर्ट भी तैयार हो चुकी है।
विज्ञापन
असेसमेंट नोटिस वितरण शुरू, 50 टीमों का किया गठन, अब तक 250 नोटिस बांटे
एजेंसी के टीम इंचार्ज जसवंत सिंह ने बताया कि पूरे शहर की प्रॉपर्टी का सर्वे करके अब असेसमेंट नोटिस भी तैयार कर लिए हैं। इनका वितरण डोर टू डोर शुरू कर दिया गया है। शहर के बेगू रोड स्थित शाह सतनाम नगर से इसकी शुरूआत कर दी गई है। पहले दो दिन के दौरान 250 से ज्यादा असेसमेंट नोटिस बांटे जा चुके हैं। अब जल्द ही पूरे शहर मे नोटिस वितरण का काम तेजी से चलेगा। इसके लिए 50 टीमों का गठन कर दिया गया है। ये टीमें शहर की विभिन्न कॉलोनियों में जाकर असेसमेंट नोटिस का वितरण करेगी।
विज्ञापन
आमजन घबराए नहीं, सहयोग करें, क्योंकि त्रुटियां ठीक करने के लिए है नोटिस
कई बार आम लोग घबरा जाते हैं और नोटिस स्वीकार नहीं करते। लेकिन नगर परिषद के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आमजन इससे कतई नहीं घबराएं। यदि किसी प्रॉपर्टी का गलत असेसमेंट हो गया है तो उसे ठीक करवाया जाएगा और शिकायतों का समाधान प्राथमिकता के तौर पर किया जाएगा। आमतौर पर लोग नोटिस का नाम सुनते ही घबरा जाते हैं और टीम का सहयोग नहीं करते। लेकिन ये नोटिस लोगों के लिए ही है ताकि बाद में गलत बिल ना आए और लोगों को परेशानियों का सामना ना करना पड़े।
जानिये, इसलिए हुआ सर्वे, अब आगे क्या होगा
सरकार की ओर से प्रत्येक 10 वर्ष के बाद प्रॉपर्टी का असेसमेंट किया जाता है। मान लिया जाए, आज कोई खाली प्लॉट है या किसी प्लॉट पर 3 कमरे का सेट बना हुआ है। लेकिन पांच साल बाद उस मकान को तोड़कर नए सिरे से दो या तीन मंजिला मकान खड़ा कर दिया जाता है। इस हिसाब से टैक्स का स्लैब भी बदल जाता है। या आज कोई मकान है, लेकिन पांच-छह साल बाद उस मकान को तोड़कर प्लॉट कर दिया जाता है। उसका भी टैक्स स्लैब बदल जाता है। इस कारण लोगों को बेवजह ज्यादा प्रॉपर्टी टैक्स अदा करना पड़ता है। इसलिए सरकार 10 वर्ष बाद असेसमेंट नए सिरे से करवाती है। ताकि वास्तविक प्रॉपर्टी अनुसार ही टैक्स वसूला जा सके। पिछली बार वर्ष 2010-11 में प्रॉपर्टी असेसमेंट हुई थी, इस बार वर्ष 2021 में सर्वे का काम खत्म हुआ है।
प्रॉपर्टी सर्वे के बाद अब असेसमेंट नोटिस वितरण का काम शुरू हुआ है। आमजन इससे घबराए नहीं, बल्कि सहयोग करें और अपनी प्रॉपर्टी का असेसमेंट स्वयं देखें। यदि कोई गलती है तो उसे ठीक करवाया जाए, ताकि आमजन को गलत प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान ना करना पड़े।
-संदीप मलिक, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, सिरसा।