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निजी अस्पताल ने कोरोना संदिग्ध का इलाज न होने पर सिविल अस्पताल किया रेफर

Thu, 16 Apr 2020 10:18 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 16 Apr 2020 10:18 PM IST
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private hospital referred corona suspect to civil hospital
शहर में निजी अस्पताल ने कोरोना संदिग्ध मरीज को भर्ती तो कर लिया, लेकिन इलाज न होने पर सिविल अस्पताल को जानकारी देकर रेफर कर दिया। स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मरीज को सिविल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया और मरीज का सैंपल जांच के लिए लैब में भेज दिया। स्वास्थ्य विभाग ने बिना सूचना दिए कोरोना संदिग्ध मरीज को भर्ती करने पर निजी अस्पताल को एपेडमिक एक्ट के तहत एक नोटिस जारी कर दिया। कोरोना के चलते हरियाणा सरकार ने एक फरमान जारी किया था कि कोई भी निजी अस्पताल कोरोना संदिग्ध मरीज की जांच नहीं करेगा और न ही उसका इलाज शुरू करेगा।
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जानकारी के अनुसार शहर की रहने वाली एक लड़की को खांसी, जुकाम और बुखार की परेशानी थी, जिस कारण वह बीते पांच अप्रैल को शहर के एक निजी अस्पताल में अपना इलाज करवाने पहुंची। जहां निजी अस्पताल के डॉक्टर ने उसे भर्ती कर लिया। लेकिन कुछ दिन भर्ती रहने के बावजूद भी लड़की की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। जिसपर डॉक्टर ने उक्त मरीज की जानकारी सिविल अस्पताल को दी और उसे वहां से सिविल अस्पताल में भेज दिया। लक्षण देखकर सिविल अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों ने लड़की को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करवा दिया। सिविल अस्पताल के स्वास्थ्य अधिकारियों ने उक्त लड़की को आइसोलेशन में भर्ती कर बीते 14 अप्रैल को सैंपल भेजकर लैब में भेज दिया, लेकिन अभी तक रिपोर्ट आई नहीं है।
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निजी अस्पताल को भेजा नोटिस
स्वास्थ्य विभाग को जब इस बात पता लगा कि निजी अस्पताल के डॉक्टर लड़की का इलाज करने में लगे हुए थे। जिसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रवैया अपनाकर निजी अस्पताल संचालक को बुलाया और अस्पताल के नाम एक नोटिस थमा दिया।
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स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय से आए आदेशों के अनुसार कोई अन्य निजी अस्पताल में न ही तो कोरोना या संदिग्ध मरीजों को स्वास्थ्य विभाग की अनुमति के बिना रखा जा सकता और न ही उसका कोई इलाज कर सकता है। शहर के एक क्लीनिक को नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है।
-डॉ. सुरेंद्र नैन, सीएमओ, सिविल अस्पताल सिरसा।
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