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बदलाव की राजनीति : 47 साल के इतिहास में पहली बार जिला मुख्यालय के बाहर होगा जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम
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भूपेंद्र पंवार
सिरसा। देश को आजाद हुए 75 वर्ष हो गए हैं, जबकि जिला का गठन 47 साल पहले हुआ था। हर वर्ष जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन मुख्यालय पर ही होता रहा है, लेकिन इस बार बड़ा बदलाव किया गया है। जिला स्तरीय कार्यक्रम मुख्यालय से बाहर ऐलनाबाद में स्थानांतरित कर दिया गया है। समारोह से तीन दिन पहले अचानक हुए इस बदलाव का मुख्य कारण बेशक, जिला प्रशासन मौसम को बता रहा है, लेकिन राजनीतिक मायने कई तरह से अलग नजर आ रहे हैं। इसे ऐलनाबाद उपचुनाव में जीत के नजदीक पहुंचकर हार का सामना करने वाली भाजपा से जोड़कर देखा जा रहा है। जिला गठन के बाद 47 साल के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि जिला स्तरीय कार्यक्रम मुख्यालय के बाहर होगा।
हरियाणा गठन के बाद आधिकारिक रूप से सिरसा को वर्ष 1975 में जिला घोषित किया गया। इसके बाद हर वर्ष जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह और गणतंत्र दिवस समारोह हमेशा मुख्यालय पर ही होता रहा है। पहले शहर की पुलिस लाइन में कार्यक्रम होता था, इसके बाद शहीद भगत सिंह स्टेडियम निर्माण के बाद यहां आयोजित किया जाने लगा। हालांकि उपमंडल स्तर पर कार्यक्रम सभी जगह होते रहे हैं लेकिन इस बार अचानक तीन दिन पहले बड़ा फेरबदल कर दिया गया। जिला प्रशासन की ओर से कहा गया है कि 15 अगस्त के संभावित मौसम को देखते हुए जिला स्तरीय कार्यक्रम को ऐलनाबाद स्थानांतरित किया गया है। हालांकि इस मामले में कोई बोलने को तैयार नहीं है, लेकिन इस फैसले को लेेकर कई तरह से राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। ऐलनाबाद में सांसद सुनीता दुग्गल बतौर मुख्य अतिथि ध्वजारोहण करेंगी।
सरकार और भाजपा का ऐलनाबाद पर फोकस
ऐलनाबाद से विधायक अभय सिंह चौटाला ने किसान आंदोलन के समर्थन में इस्तीफा दिया तो उपचुनाव हुए। इसमें भाजपा ने यहां पूरा जोर लगाया। चुनाव में भाजपा ने गोबिंद कांडा को मैदान में उतारा, जबकि इनेलो की ओर से अभय सिंह चौटाला और कांग्रेस की ओर से पवन बैनीवाल मुकाबले में रहे। ऐलनाबाद की जनता से दोबारा अभय सिंह चौटाला को ही अपना प्रतिनिधि बनाकर विधानसभा में भेजा। हालांकि जीत-हार का अंतर बहुत कम रहा। करीब 6 हजार वोटों से भाजपा जीत के करीब पहुंचकर रह गई। अब भाजपा इस अंतर को खत्म करने का लगातार प्रयास कर रही है। कहा जा रहा है कि इसलिए सरकार और भाजपा ऐलनाबाद पर फोकस कर रही है। बताया जा रहा है कि इसी कड़ी में जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर फैसला लिया गया है।
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नया प्रयोग किया जा रहा है: कपिल सोनी
इस बार सरकार की ओर से नया प्रयोग किया गया है। मुख्यालय को छोड़कर अन्य जगह पर जिला स्तरीय कार्यक्रम हो रहा है। इसके अलावा ये भी नई बात है कि इस बार सभी विधायक ध्वज फहराएंगे, जो पहली बार हो रहा है। - कपिल सोनी एडवोकेट, जिला मीडिया प्रभारी, भाजपा।
यदि राजनीतिक दृष्टि से हुआ है बदलाव तो गलत : कश्मीर सिंह करीवाला
राष्ट्रीय पर्व पर कार्यक्रम कहीं भी आयोजित हो, कोई फर्क नहीं पड़ता। लेकिन यदि ये बदलाव राजनीतिक रूप से मंथन करते हुए किया गया है, तो गलत है। राष्ट्रीय पर्व को लेकर राजनीति करना गलत है। - कश्मीर सिंह करीवाला, जिलाध्यक्ष, इनेलो।
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सिरसा। देश को आजाद हुए 75 वर्ष हो गए हैं, जबकि जिला का गठन 47 साल पहले हुआ था। हर वर्ष जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन मुख्यालय पर ही होता रहा है, लेकिन इस बार बड़ा बदलाव किया गया है। जिला स्तरीय कार्यक्रम मुख्यालय से बाहर ऐलनाबाद में स्थानांतरित कर दिया गया है। समारोह से तीन दिन पहले अचानक हुए इस बदलाव का मुख्य कारण बेशक, जिला प्रशासन मौसम को बता रहा है, लेकिन राजनीतिक मायने कई तरह से अलग नजर आ रहे हैं। इसे ऐलनाबाद उपचुनाव में जीत के नजदीक पहुंचकर हार का सामना करने वाली भाजपा से जोड़कर देखा जा रहा है। जिला गठन के बाद 47 साल के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि जिला स्तरीय कार्यक्रम मुख्यालय के बाहर होगा।
हरियाणा गठन के बाद आधिकारिक रूप से सिरसा को वर्ष 1975 में जिला घोषित किया गया। इसके बाद हर वर्ष जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह और गणतंत्र दिवस समारोह हमेशा मुख्यालय पर ही होता रहा है। पहले शहर की पुलिस लाइन में कार्यक्रम होता था, इसके बाद शहीद भगत सिंह स्टेडियम निर्माण के बाद यहां आयोजित किया जाने लगा। हालांकि उपमंडल स्तर पर कार्यक्रम सभी जगह होते रहे हैं लेकिन इस बार अचानक तीन दिन पहले बड़ा फेरबदल कर दिया गया। जिला प्रशासन की ओर से कहा गया है कि 15 अगस्त के संभावित मौसम को देखते हुए जिला स्तरीय कार्यक्रम को ऐलनाबाद स्थानांतरित किया गया है। हालांकि इस मामले में कोई बोलने को तैयार नहीं है, लेकिन इस फैसले को लेेकर कई तरह से राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। ऐलनाबाद में सांसद सुनीता दुग्गल बतौर मुख्य अतिथि ध्वजारोहण करेंगी।
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सरकार और भाजपा का ऐलनाबाद पर फोकस
ऐलनाबाद से विधायक अभय सिंह चौटाला ने किसान आंदोलन के समर्थन में इस्तीफा दिया तो उपचुनाव हुए। इसमें भाजपा ने यहां पूरा जोर लगाया। चुनाव में भाजपा ने गोबिंद कांडा को मैदान में उतारा, जबकि इनेलो की ओर से अभय सिंह चौटाला और कांग्रेस की ओर से पवन बैनीवाल मुकाबले में रहे। ऐलनाबाद की जनता से दोबारा अभय सिंह चौटाला को ही अपना प्रतिनिधि बनाकर विधानसभा में भेजा। हालांकि जीत-हार का अंतर बहुत कम रहा। करीब 6 हजार वोटों से भाजपा जीत के करीब पहुंचकर रह गई। अब भाजपा इस अंतर को खत्म करने का लगातार प्रयास कर रही है। कहा जा रहा है कि इसलिए सरकार और भाजपा ऐलनाबाद पर फोकस कर रही है। बताया जा रहा है कि इसी कड़ी में जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर फैसला लिया गया है।
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नया प्रयोग किया जा रहा है: कपिल सोनी
इस बार सरकार की ओर से नया प्रयोग किया गया है। मुख्यालय को छोड़कर अन्य जगह पर जिला स्तरीय कार्यक्रम हो रहा है। इसके अलावा ये भी नई बात है कि इस बार सभी विधायक ध्वज फहराएंगे, जो पहली बार हो रहा है। - कपिल सोनी एडवोकेट, जिला मीडिया प्रभारी, भाजपा।
यदि राजनीतिक दृष्टि से हुआ है बदलाव तो गलत : कश्मीर सिंह करीवाला
राष्ट्रीय पर्व पर कार्यक्रम कहीं भी आयोजित हो, कोई फर्क नहीं पड़ता। लेकिन यदि ये बदलाव राजनीतिक रूप से मंथन करते हुए किया गया है, तो गलत है। राष्ट्रीय पर्व को लेकर राजनीति करना गलत है। - कश्मीर सिंह करीवाला, जिलाध्यक्ष, इनेलो।