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Sirsa News: निजी स्कूल में नही मिले गद्दे व पंखे, खुद के खर्च पर रहे खिलाड़ी
Fri, 13 Sep 2024 03:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 13 Sep 2024 03:58 AM IST
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सिरसा। राज्यस्तरीय क्रीड़ा प्रतियोगिता में तैराकी स्पर्धा के लिए जींद से आए खिलाड़ियों को शहर के एक निजी स्कूल में ठहरने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन यहां पर उनको उचित सुविधा नहीं मिली। जिसके चलते इन खिलाड़ियों को अपने स्तर पर जाट धर्मशाला में कमरे लेकर रहना पड़ा।
जींद से राज्यस्तरीय स्पर्धा में भाग लेने आई जींद की तैराकी टीम के सदस्य विश्वदीप, साहिल, सचिन, अंकित, प्रियांक ने बताया कि उनको शहर के एक निजी स्कूल में ठहरने के लिए कहा गया था। जब वह स्कूल में पहुंचे तो यहां पर सिर्फ पंखे ही थे और गद्दे भी पूरे नहीं थे। इसको कारण उनको जाट धर्मशाला में अपने स्तर पर खर्चा लगाकर कमरे लेने पड़े। जहां वह रह रहे थे, वहां से स्टेडियम 11 किलोमीटर था, यहां पर भी उनको अपने स्तर पर ही साधन का प्रयोग करके जाना पड़ा।
- स्कूल में गद्दों की कमी थी। इसके बारे में स्कूल की प्राचार्या को जानकारी दे दी थी, लेकिन तब तक बच्चे स्कूल से चले गए थे। -रतन सिंह, इंचार्ज।
-हमारे पास बच्चों ने किसी प्रकार की कोई शिकायत नहीं की। अगर वह शिकायत करते तो उनके लिए व्यवस्था की जाती। अन्य स्थानों पर भी बच्चों के रहने की व्यवस्था की गई थी और जहां जो परेशानी थी, उनको दूर किया गया था। यहां तक कि बजट न होने के बावजूद भी खिलाड़ियों के लिए पीने के पानी व नहाने के लिए टैंकरों की व्यवस्था की गई थी। -अनिल कुमार, अतिरिक्त जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, सिरसा।
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जींद से राज्यस्तरीय स्पर्धा में भाग लेने आई जींद की तैराकी टीम के सदस्य विश्वदीप, साहिल, सचिन, अंकित, प्रियांक ने बताया कि उनको शहर के एक निजी स्कूल में ठहरने के लिए कहा गया था। जब वह स्कूल में पहुंचे तो यहां पर सिर्फ पंखे ही थे और गद्दे भी पूरे नहीं थे। इसको कारण उनको जाट धर्मशाला में अपने स्तर पर खर्चा लगाकर कमरे लेने पड़े। जहां वह रह रहे थे, वहां से स्टेडियम 11 किलोमीटर था, यहां पर भी उनको अपने स्तर पर ही साधन का प्रयोग करके जाना पड़ा।
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- स्कूल में गद्दों की कमी थी। इसके बारे में स्कूल की प्राचार्या को जानकारी दे दी थी, लेकिन तब तक बच्चे स्कूल से चले गए थे। -रतन सिंह, इंचार्ज।
-हमारे पास बच्चों ने किसी प्रकार की कोई शिकायत नहीं की। अगर वह शिकायत करते तो उनके लिए व्यवस्था की जाती। अन्य स्थानों पर भी बच्चों के रहने की व्यवस्था की गई थी और जहां जो परेशानी थी, उनको दूर किया गया था। यहां तक कि बजट न होने के बावजूद भी खिलाड़ियों के लिए पीने के पानी व नहाने के लिए टैंकरों की व्यवस्था की गई थी। -अनिल कुमार, अतिरिक्त जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, सिरसा।
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