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रानियां उपमंडल बनने के बाद ही यहां स्थायी न्यायालय संभव : संजय वशिष्ठ
Fri, 28 Mar 2025 11:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 28 Mar 2025 11:33 PM IST
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न्यायाधीश संजय वश्ष्ठि को मांग पत्र सौंपते अधिवक्ता।
रानियां। पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस संजय वशिष्ठ शुक्रवार को रानियां पहुंचे। उन्होंने ग्राम न्यायालय का वार्षिक निरीक्षण किया व न्यायालय से संबंधित समस्याएं सुनी। इस दौरान उन्होंने कहा कि रानियां उपमंडल बनने के बाद ही स्थायी न्यायालय संभव है।
उन्होंने रानियां बार रूम में अधिवक्ताओं से भी विभिन्न विषयों पर चर्चा की। इससे पूर्व रानियां पहुंचने पर उन्हें कोर्ट परिसर में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस मौके पर उनके साथ जिला एवं सत्र न्यायाधीश वाणी गोपाल शर्मा, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मुनीश नागर, न्यायाधिकारी ऐलनाबाद सतीश आर्य, ग्राम न्यायालय रानियां के न्यायाधिकारी प्रतीत सिंह मौजूद रहे। वहीं बार एसोसिएशन प्रधान सेवा सिंह संधू ने बार रूम पहुंचने पर न्यायाधीश जस्टिस संजय वशिष्ट को स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया। इस दौरान बार के सचिव एडवोकेट रणजीत सिंह ने न्यायाधीश जस्टिस संजय वशिष्ट के समक्ष चैंबर निर्माण के लिए तीन कनाल जगह उपलब्ध करवाने तथा ग्राम न्यायालय के साथ लगती अन्य भूमि को ग्राम न्यायालय को उपलब्ध करवाने की मांग सहित रानियां ग्राम न्यायालय को स्थायी न्यायालय बनाने सहित अनेक मांगे रखीं।
उन्होंने यह भी कहा कि रानियां क्षेत्र के ज्यादातर मामले ऐलनाबाद सब डिविजन न्यायालय में विचाराधीन हैं, जिसके लिए लोगों को 30 किलोमीटर का सफर तय करके रानियां की जगह ऐलनाबाद जाना पड़ता है । ऐसे मामले सिविल कोर्ट कैंप के माध्यम से रानियां ग्राम न्यायालय में सुने जाए ताकि लोगों को सुविधा हो सके।
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बार एसोसिएशन की मांगों के देखते हुए पंजाब व हरियाणा के न्यायाधीश ने कहा कि रानियां को स्थायी न्यायालय बनाने के लिए पहले उपमंडल का होना जरूरी है। स्थायी न्यायालय बनाया जा सकता है, जिसके लिए उन्होंने अधिवक्ताओं को सरकार से सब डिविजन बनाने की मांग का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि जैसे ही रानियां सब डिविजन बन जाएगा, तभी स्थायी न्यायालय का निर्माण हो सकेगा। उन्होंने दूसरी मांगों पर कहा कि वे अपनी मांगों को जिला एवं सत्र न्यायाधीश के माध्यम से उच्च न्यायालय तक पहुंचाए। जिन्हें कमेटी के समक्ष रखकर पूरा करवाया जाएगा।
उन्होंने अधिवक्ता चैंबर निर्माण के लिए तीन कनाल भूमि एक विभाग से दूसरे विभाग में स्थानांतरण होनी है, जिसके लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा जिला उपायुक्त को भूमि स्थानांतरण करने का पैसा पहुंचा दिया है। जिस पर शीघ्र कार्य करने के लिए निर्देश दिए गए है। वहीं, पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश वाणी गोपाल शर्मा ने कहा कि वे रानियां ग्राम न्यायालय की मांगों को पूरा करवाने के लिए प्रयासरत हैं।
इस अवसर पर ऐलनाबाद के डीएसपी संजीव बलहारा, तहसीलदार शुभम शर्मा, सहायक लोक अभियोजक दिलावर सिंह, बार एसोसिएशन के प्रधान सेवा सिंह संधू, पूर्व प्रधान ओम प्रकाश कंसवा, हरपाल सिंह रंधवा, बलविन्द्र सिंह, उपप्रधान राम लाल, सचिव रणजीत सिंह, संयुक्त सचिव रविन्द्र जोसन सहित अनेक अधिवक्ता मौजूद थे।
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उन्होंने रानियां बार रूम में अधिवक्ताओं से भी विभिन्न विषयों पर चर्चा की। इससे पूर्व रानियां पहुंचने पर उन्हें कोर्ट परिसर में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस मौके पर उनके साथ जिला एवं सत्र न्यायाधीश वाणी गोपाल शर्मा, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मुनीश नागर, न्यायाधिकारी ऐलनाबाद सतीश आर्य, ग्राम न्यायालय रानियां के न्यायाधिकारी प्रतीत सिंह मौजूद रहे। वहीं बार एसोसिएशन प्रधान सेवा सिंह संधू ने बार रूम पहुंचने पर न्यायाधीश जस्टिस संजय वशिष्ट को स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया। इस दौरान बार के सचिव एडवोकेट रणजीत सिंह ने न्यायाधीश जस्टिस संजय वशिष्ट के समक्ष चैंबर निर्माण के लिए तीन कनाल जगह उपलब्ध करवाने तथा ग्राम न्यायालय के साथ लगती अन्य भूमि को ग्राम न्यायालय को उपलब्ध करवाने की मांग सहित रानियां ग्राम न्यायालय को स्थायी न्यायालय बनाने सहित अनेक मांगे रखीं।
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उन्होंने यह भी कहा कि रानियां क्षेत्र के ज्यादातर मामले ऐलनाबाद सब डिविजन न्यायालय में विचाराधीन हैं, जिसके लिए लोगों को 30 किलोमीटर का सफर तय करके रानियां की जगह ऐलनाबाद जाना पड़ता है । ऐसे मामले सिविल कोर्ट कैंप के माध्यम से रानियां ग्राम न्यायालय में सुने जाए ताकि लोगों को सुविधा हो सके।
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बार एसोसिएशन की मांगों के देखते हुए पंजाब व हरियाणा के न्यायाधीश ने कहा कि रानियां को स्थायी न्यायालय बनाने के लिए पहले उपमंडल का होना जरूरी है। स्थायी न्यायालय बनाया जा सकता है, जिसके लिए उन्होंने अधिवक्ताओं को सरकार से सब डिविजन बनाने की मांग का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि जैसे ही रानियां सब डिविजन बन जाएगा, तभी स्थायी न्यायालय का निर्माण हो सकेगा। उन्होंने दूसरी मांगों पर कहा कि वे अपनी मांगों को जिला एवं सत्र न्यायाधीश के माध्यम से उच्च न्यायालय तक पहुंचाए। जिन्हें कमेटी के समक्ष रखकर पूरा करवाया जाएगा।
उन्होंने अधिवक्ता चैंबर निर्माण के लिए तीन कनाल भूमि एक विभाग से दूसरे विभाग में स्थानांतरण होनी है, जिसके लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा जिला उपायुक्त को भूमि स्थानांतरण करने का पैसा पहुंचा दिया है। जिस पर शीघ्र कार्य करने के लिए निर्देश दिए गए है। वहीं, पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश वाणी गोपाल शर्मा ने कहा कि वे रानियां ग्राम न्यायालय की मांगों को पूरा करवाने के लिए प्रयासरत हैं।
इस अवसर पर ऐलनाबाद के डीएसपी संजीव बलहारा, तहसीलदार शुभम शर्मा, सहायक लोक अभियोजक दिलावर सिंह, बार एसोसिएशन के प्रधान सेवा सिंह संधू, पूर्व प्रधान ओम प्रकाश कंसवा, हरपाल सिंह रंधवा, बलविन्द्र सिंह, उपप्रधान राम लाल, सचिव रणजीत सिंह, संयुक्त सचिव रविन्द्र जोसन सहित अनेक अधिवक्ता मौजूद थे।