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शांति मार्च निकालकर की अराजक तत्वों को सदबुद्धि की कामना

Sat, 27 Feb 2016 11:29 PM IST
अमर उजाला सिरसा/ब्यूरो
अमर उजाला सिरसा/ब्यूरो Updated Sat, 27 Feb 2016 11:29 PM IST
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Peace rally in sirsa

जाट आंदोलन के दौरान रोहतक, पानीपत, झज्जर, जींद, कैथल, गुडग़ांव, सोनीपत आदि जिलों में हुई आगजनी, मारपीट, लूटपाट, तोड़फोड़ व दुष्कर्म जैसी शर्मनाक घटनाओं के विरोध और लोगों को सद्बुद्घि के लिए शनिवार को व्यापारियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोगों ने नेहरू पार्क में हवन का आयोजन किया जिसमें पटोदी के स्वामी धर्मदेव की उपस्थित में पंडित केदारनाथ ने मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां डलवाई।

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बाद में नगर में शांति मार्च निकालकर टाउन पार्क में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उप मंडलाधिकारी परमजीत सिंह चहल को सौंपा गया। इस मार्च को लेकर शहर में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे और हर चौक पर पुलिस बल तैनात किया गया था।
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नेहरू पार्क में हवन के समापन के बाद स्वामी धर्मदेव ने कहा कि हरियाणा की पहचान प्रेम, भाईचारे, एकता, एक दूसरे की मदद के लिए आगे आने, खुद भूखा रहकर दूसरों का पेट भरने की प्रवृत्ति के रूप में होती रही है, लेकिन पिछले दिनों कुछ मु_ी भर लोगों ने जाट आरक्षण आंदोलन की आड़ में हरियाणा प्रदेश और यहां के शांति के प्रतीक निवासियों के माथे पर काला दाग लगाने का काम किया है।
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उन्होंने कहा कि हरियाणा की धरती भी वीर जवानों और किसानों की धरती है। यहां के जवान सीमा पर जाकर माइनस 50 डिग्री तापमान पर पहरेदारी करते हैं। खेतों में किसान दिन-रात मेहनत कर अपना खून पसीना बहाकर अनाज उगाते हैं।

व्यापारी लोग हर व्यक्ति की जरूरत को पूरा करते हैं। इनकी मेहनत और देशप्रेम की भावना के कारण ही आज प्रत्येक व्यक्ति को उसकी जरूरत की चीजें समय पर मिल पाती हैं और सुरक्षित जीवन व्यतीत करना सुनिश्चित होता है, लेकिन आज चंद अराजक लोग उनके ही घरों को आग लगा रहे हैं, उनके ही घर पर तोड़फोड़ कर उन्हें ही लूटने का काम कर रहे हैं, जो बेहद अशोभनीय तो है ही और इस कांड की जितनी निंदा की जाए, उतनी कम है।
 
किसको क्या मिला सोचकर देखो
स्वामी धर्मदेव ने कहा कि हिंसक होने वाले लोगों को जिसने भी उकसाया हो, वो लोग जरा सोचकर देखें कि उन्हें अब क्या मिल गया? ऐसी कौन सी लड़ाई थी जिसे उन्होंने जीत लिया? इसके विपरीत चहुंओर से ऐसे लोगों की न केवल निंदा हो रही है, बल्कि सभी 35 बिरादरियां उनके बहिष्कार तक उतर आई हैं और अब ये लोग अलग-थलग होकर रह गए हैं। उन्होंने कहा कि जिन भी लोगों ने हिंसक घटना की है वे अपने लोगों के प्रति विश्वसनीय नहीं हो सके तो प्रदेश वासियों विशेषकर ऐसे लोगों के प्रति क्या विश्वसनीय हो पाएंगे, जो विदेश से यहां पर निवेश करने की इच्छा रखते हैं, यहां पर अपना व्यापार, उद्योग शुरू कर यहीं के लोगों को रोजगार देना चाहते हों। पिछले दिनों हुई हिंसक घटनाओं को देखकर अब विदेशों की विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधि, उद्योगपति हरियाणा में निवेश करने से पीछे हटने का काम करेंगे।

 इस वजह से नुकसान किसका हुआ, हमारा ही न कि किसी ओर का। उन्होंने कहा कि अपने हक के लिए आवाज उठाना सभी का अधिकार है इसके लिए शांति मार्च करो, धरने दो, हड़ताल करो, लेकिन जाम लगाकर दूसरों को परेशान करना, किसी के खून पसीने की मेहनत से खड़े किए गए उद्योग, दुकानों को आग लगाने, लूटपाट करने का अधिकार किसी को भी नहीं है। ऐसे मु_ीभर गुंड़ा तत्वों के कारण पूरे हरियाणा का भाईचारा खराब हो गया है और इस भाईचारे को कायम होने में अब बरसों लग जाएंगे।

पीड़ितों की आर्थिक मदद करने का आह्वान
उन्होंने सिरसा शहर में एकजुट हुए व्यापारियों, पंजाबी समाज तथा विभिन्न संगठनों द्वारा हिंसक कांड में बर्बाद हो चुके लोगों की आर्थिक मदद के लिए एकजुट होकर राशि एकत्रित करने के कार्य की प्रशंसा की और सभी हरियाणा वासियों से इस प्रकार की मुहिम शुरू करने का आह्वान किया ताकि जिन लोगों का नुकसान हुआ है उसे पूरा किया जा सके।

उन्होंने प्रदेश सरकार से भी मृतकों को 10-10 लाख रुपये व उनके परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की घोषणा पर प्रश्न चिह्न खड़ा करते हुए सबसे पहले उन पीड़ितों की आर्थिक मदद करने का आह्वान किया, जिनके साथ लूटपाट की गई ओर जिनके प्रतिष्ठानों को आग लगाकर उन्हें दाने-दाने का मोहताज कर दिया गया।

हवन व शांति मार्च में स्वामी धर्मदेव के अलावा राहुल सेतिया, वीरभान मेहता, भूपेश मेहता, गोबिंद  कांडा, सुरेंद्र भाटिया, अमन चोपड़ा, हीलालाल शर्मा, अरुण मेहता, प्रदीप मेहता, अमीर चावला, होशियारी लाल शर्मा, आनंद बियाणी, गुरदयाल मेहता, शंटी ग्रोवर, बालकिशन नंबरदार कोटली, ऋषभ अरोड़ा, अशोक अरोड़ा डिंगमंडी सहित अन्य मौजूद थे।

बाजार में निकाला शांति मार्च

हवन के बाद नेहरू पार्क से बाजारों से होता हुआ शांति मार्च निकाला गया। शांति मार्च नेहरू पार्क से शुरू हुआ जो शहीद सुखदेव सिंह चौक, सुभाष चौक, भगत सिंह चौक, परशुराम चौक, आर्य समाज रोड से होता हुआ टाऊन पार्क में जाकर संपन्न हुआ। जहां पर प्रशासन की ओर से आए एसडीएम परमजीत सिंह चहल को विभिन्न संगठनों ने अपनी मांगों संबंधी ज्ञापन सौंपा। मांगों में पीड़ितों के एक-एक पैसे की भरपाई करने, उपद्रवियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने और सख्त कार्रवाई करने, उनकी संपत्ति जब्त कर पीड़ितों में बांटने की मांग की गई।


व्यापार मंडल ने की सीबीआई जांच की मांग

वहीं हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में राज्यपाल से प्रभावित व्यापारियों को पंाच वर्ष तक आयकर व वैट कर में छूट देने, प्रभावित लोगों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने, तुरंत प्रभाव से व्यापार आयोग का गठन करने, व्यापारियों को बिना ब्याज के 10 वर्ष की अवधि तक के कर्ज उपलब्ध करवाने, उपद्रव को भड़काने वालों का पता लगाकर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, पुलिस अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने तथा सारे घटनाक्रम की सीबीआई जांच की मांग की। शर्मा ने कहर अगर 15 मार्च तक सरकार की ओर से कार्रवाई न की गई और प्रभावित लोगों को पूर्ण मुआवजा न दिया गया, तो हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल आमजन को साथ लेकर 17 मार्च को हरियाणा बंद करने पर मजबूर होगा। 

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