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Sirsa News: आयुष्मान का आशीर्वाद लेने गए मरीजों को अब नहीं मिल रहा उपचार
Sat, 16 Mar 2024 11:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 16 Mar 2024 11:51 PM IST
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अस्पताल के बाह जानकारी चस्पा।
सिरसा। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) हरियाणा के फैसले के अनुसार जिले के 77 निजी अस्पतालों में शनिवार को आयुष्मान व चिरायु कार्ड पर मिलने वाली सभी सेवाएं पूर्ण रूप से बंद कर दी है। निजी अस्पतालों के बाहर मेन गेट पर आयुष्मान व चिरायु कार्ड पर सेवाएं बेद को लेकर नोटिफिकेशन से लेकर फ्लैक्स तक चस्पा कर दिए गए हैं।
पूर्व आईएमए प्रधान आशीष खुराना के अनुसार जिले के निजी अस्पतालों में हर माह 1500 से 2000 के करीब मरीजों का उपचार आयुष्मान व चिरायु योजना के तहत करते हैं। जिले के 77 निजी अस्पतालों में से लगभग 35 अस्पताल ऐसे हैं, जिनको चलाने वाली ही सरकार है यानि यह अस्पताल पूर्ण रूप से आयुष्मान व चिरायु कार्ड के माध्यम से आने वाले मरीजों का उपचार करते हैं। मरीजों के उपचार संबंधी कार्रवाई के बाद अब इन अस्पतालों के ऊपर आर्थिक संकट मंडराने लगा है।
बता दें कि गरीब वर्ग के लोगों के लिए आयुष्मान और चिरायु कार्ड से ही बेहतर उपचार करवाने का एकमात्र साधन है। शनिवार से इनकी सेवाएं बंद हो जाने के कारण अब इन लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं सेवाएं बंद होने से संबंधित जानकारी लोगों को देने के लिए कई बड़े अस्पतालों ने अपने मुख्य गेट के बाहर आयुष्मान व चिरायु कार्ड की सेवाएं बंद करने को लेकर नोटिफिकेशन व फ्लैक्स चस्पा कर दिए हैं। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर निजी अस्पतालों ने 30 मार्च तक फिलहाल यह सेवाएं बंद करने का निर्णय लिया है।
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पहले से भर्ती मरीज का उपचार होगा पूरा
आईएमए के जिला के पूर्व प्रधान डॉ. आशीष खुराना ने बताया कि स्टेट बॉडी के आह्वान पर आयुष्मान व चिरायु योजना में निजी अस्पतालों का करोड़ों रुपया फंसा हुआ है। सरकार की ओर से इस पैसे को जारी करने की दिशा में अभी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। जबकि सरकार के साथ कई बार बातचीत हो चुकी है। डाॅ. खुराना ने बताया कि स्टेट बॉडी ने सरकार को भुगतान के लिए 15 मार्च तक का समय दिया था, लेकिन 15 मार्च तक भी सरकार ने इनका समाधान नहीं किया। उन्होंने कहा कि आईएमए हरियाणा के आगामी निर्देशों के बाद ही इस सुविधा को पुन: शुरू किया जाएगा। स्टेट बॉडी में यह निर्णय भी लिया गया कि आयुष्मान के तहत जिन मरीजों का इलाज निजी अस्पतालों में चल रहा है वह पूरा किया जाएगा। नए मरीजों का आयुष्मान व चिरायु कार्ड पर इलाज नहीं किया जाएगा।
ये हैं मुख्य समस्याएं
1 - सरकार के बनाए पोर्टल में बार बार परेशानी आती है, इसमें सुधार किया जाए।
2 - सरकार की ओर से निर्धारित समय पर राशि का भुगतान किया जाए।
3 - सरकार की ओर से इलाज खर्च का तीसरा हिस्सा ही दिया जाता है। टुकड़ों में राशि देने से बड़ी परेशानी आती है।
4 - लाखों रुपये उपचार का अटकने से अस्पताल चलाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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पूर्व आईएमए प्रधान आशीष खुराना के अनुसार जिले के निजी अस्पतालों में हर माह 1500 से 2000 के करीब मरीजों का उपचार आयुष्मान व चिरायु योजना के तहत करते हैं। जिले के 77 निजी अस्पतालों में से लगभग 35 अस्पताल ऐसे हैं, जिनको चलाने वाली ही सरकार है यानि यह अस्पताल पूर्ण रूप से आयुष्मान व चिरायु कार्ड के माध्यम से आने वाले मरीजों का उपचार करते हैं। मरीजों के उपचार संबंधी कार्रवाई के बाद अब इन अस्पतालों के ऊपर आर्थिक संकट मंडराने लगा है।
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बता दें कि गरीब वर्ग के लोगों के लिए आयुष्मान और चिरायु कार्ड से ही बेहतर उपचार करवाने का एकमात्र साधन है। शनिवार से इनकी सेवाएं बंद हो जाने के कारण अब इन लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं सेवाएं बंद होने से संबंधित जानकारी लोगों को देने के लिए कई बड़े अस्पतालों ने अपने मुख्य गेट के बाहर आयुष्मान व चिरायु कार्ड की सेवाएं बंद करने को लेकर नोटिफिकेशन व फ्लैक्स चस्पा कर दिए हैं। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर निजी अस्पतालों ने 30 मार्च तक फिलहाल यह सेवाएं बंद करने का निर्णय लिया है।
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पहले से भर्ती मरीज का उपचार होगा पूरा
आईएमए के जिला के पूर्व प्रधान डॉ. आशीष खुराना ने बताया कि स्टेट बॉडी के आह्वान पर आयुष्मान व चिरायु योजना में निजी अस्पतालों का करोड़ों रुपया फंसा हुआ है। सरकार की ओर से इस पैसे को जारी करने की दिशा में अभी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। जबकि सरकार के साथ कई बार बातचीत हो चुकी है। डाॅ. खुराना ने बताया कि स्टेट बॉडी ने सरकार को भुगतान के लिए 15 मार्च तक का समय दिया था, लेकिन 15 मार्च तक भी सरकार ने इनका समाधान नहीं किया। उन्होंने कहा कि आईएमए हरियाणा के आगामी निर्देशों के बाद ही इस सुविधा को पुन: शुरू किया जाएगा। स्टेट बॉडी में यह निर्णय भी लिया गया कि आयुष्मान के तहत जिन मरीजों का इलाज निजी अस्पतालों में चल रहा है वह पूरा किया जाएगा। नए मरीजों का आयुष्मान व चिरायु कार्ड पर इलाज नहीं किया जाएगा।
ये हैं मुख्य समस्याएं
1 - सरकार के बनाए पोर्टल में बार बार परेशानी आती है, इसमें सुधार किया जाए।
2 - सरकार की ओर से निर्धारित समय पर राशि का भुगतान किया जाए।
3 - सरकार की ओर से इलाज खर्च का तीसरा हिस्सा ही दिया जाता है। टुकड़ों में राशि देने से बड़ी परेशानी आती है।
4 - लाखों रुपये उपचार का अटकने से अस्पताल चलाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।