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सरकारी अस्पतालों में लगे ऑक्सीजन प्लांट अभी तक नहीं हुए शुरू
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नागरिक अस्पताल में लगाया गया ऑक्सीजन प्लांट।
- फोटो : Sirsa
सिरसा। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग गंभीर नजर आ रहा है और ना ही निजी अस्पताल। स्वास्थ्य विभाग ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने के लिए निजी अस्पतालों पर दबाव बना रहा है जबकि उनका अपना ही प्लांट अभी तक चालू नहीं कर पाया है। मई में स्थापित किए गया ऑक्सीजन प्लांट अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। सिरसा के नागरिक अस्पताल में लगे ऑक्सीजन प्लांट का अभी ट्रायल लिया जा रहा है। जबकि डबवाली अस्पताल में लगे ऑक्सीजन प्लांट के उपकरणों के खराब होने के बाद उसे बंद कर दिया है। वहीं शहर के केवल चार ही निजी अस्पतालों में अभी ऑक्सीजन प्लांट लग पाए है। जबकि जिले में निजी अस्पतालों की संख्या 250 से भी अधिक है।
सिरसा और डबवाली स्थित नागरिक अस्पताल में करीब सात माह पहले ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाने को अनुमति मिली थी। सिरसा के नागरिक अस्पताल में एक हजार लीटर प्रति मिनट की क्षमता वाला व डबवाली के नागरिक अस्पताल में 500 लीटर प्रति मिनट की क्षमता वाला ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया। सात माह बीतने के बाद भी यह प्लांट शुरू नहीं हो पाए है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार जनवरी और फरवरी में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर के आने की आशंका है। ऐसे में तैयारियां अधूरी होने के कारण मरीजों को ऑक्सीजन और बेडों की समस्याओं से जूझना पड़ सकता है।
50 से अधिक बेड वाले अस्पतालों को ऑक्सीजन प्लांट लगाने के दिए थे निर्देश
जिले में छोटे और बड़े 250 से अधिक निजी अस्पताल है। लेकिन इनमें से मुख्य चार अस्पतालों में ही अभी ऑक्सीजन प्लांट लग पाए हैं। विभाग के अनुसार 50 से अधिक बेड वाले अस्पतालों को ऑक्सीजन प्लांट लगाने के निर्देश दिए थे। वहीं कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान विभाग की ओर से 13 बड़े निजी अस्पतालों के साथ संपर्क कर उन्हें कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज करने की अनुमति दी थी। इनमें से अभी डेरा सच्चा सौदा, एसपीएस, संजीवनी और बाबा तारा ट्रस्ट अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया है। इनमें से बाबा तारा ट्रस्ट अस्पताल अब बंद पड़ा है। जबकि अन्य अस्पताल संचालकों ने अभी ऑक्सीजन प्लांट नहीं लगवाया है।
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नागरिक अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट के भेजे सैंपल
नागरिक अस्पताल में लगाए गए ऑक्सीजन प्लांट का दो माह पहले ट्रायल लिया गया। जिसके बाद बिजली की समस्या के कारण इसे बंद कर दिया गया। इसके बाद अब स्टेबलाइजर और बड़ा ट्रांसफार्मर रखवाया गया है। लेकिन अब इसके उपकरणों में खराबी आने के बाद इसे बंद कर दिया। जिसके बाद कंपनी के इंजीनियरों ने अब उपकरणों में कई बदलाव किए है और बीते पांच दिनों से इसका ट्रायल लिया जा रहा है। ऑक्सीजन की शुद्धता को जांचने के लिए लैब में सैंपल भेजे गए हैं। सैंपलों के पास होने के बाद लाइन में ऑक्सीजन देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
नागरिक अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट का ट्रायल लिया जा रहा है। लैब में सैंपल भेजे गए है। सैंपलों के सही पाए जाने के बाद लाइन में ऑक्सीजन छोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अभी चार निजी अस्पतालों ने ही ऑक्सीजन प्लांट लगवाए हैं। अन्य अस्पतालों को भी ऑक्सीजन प्लांट लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
-डॉ. बुधराम, उप सिविल सर्जन, सिरसा।
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सिरसा और डबवाली स्थित नागरिक अस्पताल में करीब सात माह पहले ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाने को अनुमति मिली थी। सिरसा के नागरिक अस्पताल में एक हजार लीटर प्रति मिनट की क्षमता वाला व डबवाली के नागरिक अस्पताल में 500 लीटर प्रति मिनट की क्षमता वाला ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया। सात माह बीतने के बाद भी यह प्लांट शुरू नहीं हो पाए है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार जनवरी और फरवरी में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर के आने की आशंका है। ऐसे में तैयारियां अधूरी होने के कारण मरीजों को ऑक्सीजन और बेडों की समस्याओं से जूझना पड़ सकता है।
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50 से अधिक बेड वाले अस्पतालों को ऑक्सीजन प्लांट लगाने के दिए थे निर्देश
जिले में छोटे और बड़े 250 से अधिक निजी अस्पताल है। लेकिन इनमें से मुख्य चार अस्पतालों में ही अभी ऑक्सीजन प्लांट लग पाए हैं। विभाग के अनुसार 50 से अधिक बेड वाले अस्पतालों को ऑक्सीजन प्लांट लगाने के निर्देश दिए थे। वहीं कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान विभाग की ओर से 13 बड़े निजी अस्पतालों के साथ संपर्क कर उन्हें कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज करने की अनुमति दी थी। इनमें से अभी डेरा सच्चा सौदा, एसपीएस, संजीवनी और बाबा तारा ट्रस्ट अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया है। इनमें से बाबा तारा ट्रस्ट अस्पताल अब बंद पड़ा है। जबकि अन्य अस्पताल संचालकों ने अभी ऑक्सीजन प्लांट नहीं लगवाया है।
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नागरिक अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट के भेजे सैंपल
नागरिक अस्पताल में लगाए गए ऑक्सीजन प्लांट का दो माह पहले ट्रायल लिया गया। जिसके बाद बिजली की समस्या के कारण इसे बंद कर दिया गया। इसके बाद अब स्टेबलाइजर और बड़ा ट्रांसफार्मर रखवाया गया है। लेकिन अब इसके उपकरणों में खराबी आने के बाद इसे बंद कर दिया। जिसके बाद कंपनी के इंजीनियरों ने अब उपकरणों में कई बदलाव किए है और बीते पांच दिनों से इसका ट्रायल लिया जा रहा है। ऑक्सीजन की शुद्धता को जांचने के लिए लैब में सैंपल भेजे गए हैं। सैंपलों के पास होने के बाद लाइन में ऑक्सीजन देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
नागरिक अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट का ट्रायल लिया जा रहा है। लैब में सैंपल भेजे गए है। सैंपलों के सही पाए जाने के बाद लाइन में ऑक्सीजन छोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अभी चार निजी अस्पतालों ने ही ऑक्सीजन प्लांट लगवाए हैं। अन्य अस्पतालों को भी ऑक्सीजन प्लांट लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
-डॉ. बुधराम, उप सिविल सर्जन, सिरसा।