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अस्पताल के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने किया धरना प्रदर्शन, बोले : चिकित्सक करते हैं जानबूझकर परेशान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 02 Apr 2022 12:06 AM IST
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Outsourcing employees of the hospital staged a sit-in, said: Doctors deliberately harass
बडागुढ़ा सीएचसी में धरने पर बैठे कर्मचारी - फोटो : Sirsa
बड़ागुढ़ा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने अस्पताल के चिकित्सकों के खिलाफ धरना प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। कर्मचारियों का आरोप है कि चिकित्सकों द्वारा उन्हें जानबूझकर परेशान किया जाता है। कर्मचारी सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक अस्पताल के गेट पर धरने लगाकर बैठे रहे। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी समस्या का हल नहीं हो जाता तब तक वे धरना समाप्त नहीं करेंगे।
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आउटसोर्सिंग कर्मचारी बादल सिंह, वरुण कुमार, पूजा रानी व जसकरण सिंह ने बताया कि पिछले दिनों कर्मचारियों द्वारा की गई 2 दिवसीय हड़ताल में वे शामिल हुए थे। इसी से खफा चिकित्सक उन्हें बेवजह परेशान कर रहे हैं। कर्मचारियों ने कहा कि वीरवार को अस्पताल परिसर में सफाई की गई। लेकिन शाम 4 बजे उन सबकी चिकित्सकों द्वारा गैर हाजिरी लगा दी गई। वहीं शुक्रवार को सुबह 9 बजे से पहले ही कर्मचारी पहुंच गए। लेकिन चिकित्सकों ने सफाई के मामले में कोताही बरतने की बात कहकर उनकी गैर हाजिरी लगाने की बात कही। इसी से परेशान होकर उन्होंने धरना प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कहा कि चिकित्सक स्वयं समय पर नहीं आते जबकि उन्हें जानबूझकर परेशान किया जाता है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि अस्पताल की महिला चिकित्सक अकसर 10 बजे के बाद आती है। लेकिन उसकी कभी गैरहाजिरी नहीं लगाई जाती, जबकि आउटसोर्सिंग कर्मचारी सुबह 9 बजे से पहले ही अस्पताल में पहुंच जाते है। फिर भी चिकित्सकों द्वारा उन्हें बेवजह परेशान किया जाता है। कर्मचारियों ने बताया कि चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों से मेडिकल के कई ऐसे कार्य करवाए जाते हैं जिनकी उन्हें जानकारी नहीं होती। जबकि चिकित्सक खुद खाली बैठकर औपचारिकता निभाकर चलते जाते हैं। उन्होंने कहा कि कई बार तो मरीजों को दवाई देने की बजाए आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को ही दवाई देने के लिए कह दिया जाता है। कर्मचारी चिकित्सकों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए 7 घंटे तक अस्पताल के गेट पर धरने पर बैठे रहे। वहीं सर्व कर्मचारी संघ से भी कई कर्मचारी इस धरने में शामिल हुए। कर्मचारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक उनकी समस्या का हल नहीं किया जाता तब तक वे धरना समाप्त नहीं करेंगे।
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काम नहीं किया तो सजा के तौर पर गैरहाजिरी लगाई है: डॉ. आशीष
चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशीष मित्तल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को सफाई करने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने न तो पंखे साफ किए और ना ही दीवारों की धूल को साफ किया। ऐसे में 1 दिन की सजा के तौर पर कर्मचारियों की गैरहाजिरी लगाई गई थी। उन्होंने कहा कि किसी को जानबूझकर परेशान नहीं किया जाता।
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