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Sirsa News: प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाने के महज 12 दिन शेष, एक अप्रैल के बाद लगेगा चक्रवर्ती ब्याज
Tue, 18 Mar 2025 11:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 18 Mar 2025 11:51 PM IST
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शहर के रोड़ी बाजार में दुकानदार को स्वयं सत्यापन और टैक्स भरने के लिए जागरूक करते नगर परिषद के
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने के प्रति प्रॉपर्टी धारक व सरकार विभाग गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। इसके कारण नगर परिषद के लिए अपना लक्ष्य हासिल करना एक चुनौती बन गया है। नगर परिषद को इस बार सात करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाने का लक्ष्य मिला है। अभी तक चार करोड़ ही प्रॉपर्टी टैक्स जमा हो पाया है। प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाने को महज 12 दिन का ही समय शेष बचा है। यदि कोई प्रॉपर्टी मालिक अपना प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं करवाएगा तो 1 अप्रैल के बाद चक्रवर्ती ब्याज के साथ उसे प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाना होगा।
सरकारी विभाग पर लाखों रुपये प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। शहर में प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर बड़े बकायादारों को नोटिस बांटने का कार्य जारी है। 150 के आस पास सरकारी व अन्य भवन मालिकों को नोटिस बांटे जा रही है। तीन सदस्यीय कर्मचारियों की टीम प्रॉपर्टी टैक्स नोटिस बांट रही हैं।
नगर परिषद के अंतर्गत आने वाले भवन मालिकों को सालाना प्रॉपर्टी टैक्स भरना होता है। नियमित रूप से प्रॉपर्टी टैक्स भरने वाले प्रॉपर्टी मालिक को दस प्रतिशत टैक्स में छूट सीधे तौर पर मिलती है। इसके साथ ही वह गुड टैक्स पेयर की श्रेणी में आ जाता है। जिससे उसे सरकारी योजनाओं को आसानी से लाभ मिलता है। यही कारण है कि नगर परिषद प्रशासन द्वारा शहरवासियों को प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाने को लेकर जागरूक किया जाता है।
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हर साल मिलने वाली छूट बनी आफत
नगर परिषद के प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर हर साल छूट मिलती है। ब्याज व एरियर पर मिलने वाली इसी छूट का इंतजार साल भर प्रॉपर्टी मालिक करता है। पिछले कुछ सालों से कोरोना के नाम पर शहरी स्थानीय निकाय विभाग छूट देता आया है। इसका जहां आमजन को लाभ कम मिलता है और सालों से प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भरने वाले कॉमर्शियल भवन मालिकों को ज्यादा होता है। औद्योगिक इकाइयों वाले भी इसका खूब लाभ उठाते हैं, लेकिन इस बार अभी तक छूट नहीं आई है। इस कारण लोग आखिरी क्षण तक इंतजार कर रहे हैं।
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सरकारी प्रॉपर्टियों का भी नहीं हुआ स्वयं सत्यापन
नगर परिषद जहां शहरवासियों को प्रॉपर्टी स्वयं सत्यापित करवाने को लेकर जागरूक करता है, वहीं, लघु सचिवालय परिसर, एसपी कार्यालय भवन, कोर्ट परिसर, रेलवे परिसर, खेल स्टेडियम, पंचायती राज विभाग, पुलिस लाइन, नागरिक अस्पताल, रेड क्रॉस भवन सहित सभी सरकारी भवनों को आज तक सत्यापित नहीं किया गया है। नगर परिषद को मुख्यालय स्तर से शत प्रतिशत सत्यापन का लक्ष्य दिया गया है। इनमें वह विभाग शामिल है, जिनका मकसद सरकार की योजनाओं को लागू करवाना है। ऐसे में सरकारी विभागों को ही स्वयं सत्यापित नहीं करवा पाना चिंता का विषय है।
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कोट्स
सरकारी विभाग को नोटिस का कार्य जारी है। उन शहरवासियों को भी नोटिस दिए जाए रहे है, जिनका प्रॉपर्टी टैक्स लंबे समय से बकाया है। जिससे वह प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवा सके। म्यूनिसिपल एक्ट के अनुसार यदि भवन मालिक अपना प्रॉपर्टी टैक्स लंबे समय तक जमा नहीं करता है तो भवन को सील करने की कार्यवाही नगर परिषद प्रशासन कर सकता है। इसलिए लोगों से अपील है कि वह अपनी प्रॉपर्टी का स्वयं सत्यापन करवाने के साथ साथ टैक्स जरूर भरें। नियमित रूप से टैक्स भरने वाले प्रॉपर्टी मालिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिलता है। - अतर सिंह खनगवाल, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद
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सिरसा। प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने के प्रति प्रॉपर्टी धारक व सरकार विभाग गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। इसके कारण नगर परिषद के लिए अपना लक्ष्य हासिल करना एक चुनौती बन गया है। नगर परिषद को इस बार सात करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाने का लक्ष्य मिला है। अभी तक चार करोड़ ही प्रॉपर्टी टैक्स जमा हो पाया है। प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाने को महज 12 दिन का ही समय शेष बचा है। यदि कोई प्रॉपर्टी मालिक अपना प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं करवाएगा तो 1 अप्रैल के बाद चक्रवर्ती ब्याज के साथ उसे प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाना होगा।
सरकारी विभाग पर लाखों रुपये प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। शहर में प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर बड़े बकायादारों को नोटिस बांटने का कार्य जारी है। 150 के आस पास सरकारी व अन्य भवन मालिकों को नोटिस बांटे जा रही है। तीन सदस्यीय कर्मचारियों की टीम प्रॉपर्टी टैक्स नोटिस बांट रही हैं।
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नगर परिषद के अंतर्गत आने वाले भवन मालिकों को सालाना प्रॉपर्टी टैक्स भरना होता है। नियमित रूप से प्रॉपर्टी टैक्स भरने वाले प्रॉपर्टी मालिक को दस प्रतिशत टैक्स में छूट सीधे तौर पर मिलती है। इसके साथ ही वह गुड टैक्स पेयर की श्रेणी में आ जाता है। जिससे उसे सरकारी योजनाओं को आसानी से लाभ मिलता है। यही कारण है कि नगर परिषद प्रशासन द्वारा शहरवासियों को प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाने को लेकर जागरूक किया जाता है।
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हर साल मिलने वाली छूट बनी आफत
नगर परिषद के प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर हर साल छूट मिलती है। ब्याज व एरियर पर मिलने वाली इसी छूट का इंतजार साल भर प्रॉपर्टी मालिक करता है। पिछले कुछ सालों से कोरोना के नाम पर शहरी स्थानीय निकाय विभाग छूट देता आया है। इसका जहां आमजन को लाभ कम मिलता है और सालों से प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भरने वाले कॉमर्शियल भवन मालिकों को ज्यादा होता है। औद्योगिक इकाइयों वाले भी इसका खूब लाभ उठाते हैं, लेकिन इस बार अभी तक छूट नहीं आई है। इस कारण लोग आखिरी क्षण तक इंतजार कर रहे हैं।
सरकारी प्रॉपर्टियों का भी नहीं हुआ स्वयं सत्यापन
नगर परिषद जहां शहरवासियों को प्रॉपर्टी स्वयं सत्यापित करवाने को लेकर जागरूक करता है, वहीं, लघु सचिवालय परिसर, एसपी कार्यालय भवन, कोर्ट परिसर, रेलवे परिसर, खेल स्टेडियम, पंचायती राज विभाग, पुलिस लाइन, नागरिक अस्पताल, रेड क्रॉस भवन सहित सभी सरकारी भवनों को आज तक सत्यापित नहीं किया गया है। नगर परिषद को मुख्यालय स्तर से शत प्रतिशत सत्यापन का लक्ष्य दिया गया है। इनमें वह विभाग शामिल है, जिनका मकसद सरकार की योजनाओं को लागू करवाना है। ऐसे में सरकारी विभागों को ही स्वयं सत्यापित नहीं करवा पाना चिंता का विषय है।
कोट्स
सरकारी विभाग को नोटिस का कार्य जारी है। उन शहरवासियों को भी नोटिस दिए जाए रहे है, जिनका प्रॉपर्टी टैक्स लंबे समय से बकाया है। जिससे वह प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवा सके। म्यूनिसिपल एक्ट के अनुसार यदि भवन मालिक अपना प्रॉपर्टी टैक्स लंबे समय तक जमा नहीं करता है तो भवन को सील करने की कार्यवाही नगर परिषद प्रशासन कर सकता है। इसलिए लोगों से अपील है कि वह अपनी प्रॉपर्टी का स्वयं सत्यापन करवाने के साथ साथ टैक्स जरूर भरें। नियमित रूप से टैक्स भरने वाले प्रॉपर्टी मालिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिलता है। - अतर सिंह खनगवाल, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद